auto_awesome एक नज़र में (Major Highlights)
◾️ मंत्री और BPSC ने TRE 4.0 की अधियाचना वापस लौटने की झूठी खबर का खंडन किया।
◾️अधियाचना रद्द नहीं हुई है; BPSC ने केवल तकनीकी खामियों को सुधारने के लिए पत्र भेजा है।
◾️इससे सोशल मीडिया की अफवाहों से घबराए शिक्षक अभ्यर्थियों की चिंता दूर हुई है।
◾️सुधार प्रक्रिया पूरी होते ही BPSC आधिकारिक विज्ञापन (वैकेंसी) जारी करेगा।

सोशल मीडिया पर वायरल भ्रामक दावों का खंडन करते हुए शिक्षा विभाग और आयोग ने साफ किया कि विज्ञापन जल्द जारी होगा, केवल तकनीकी त्रुटियों को दूर किया जा रहा है।
सोशल मीडिया पर पिछले कुछ दिनों से यह भ्रामक खबर तेजी से फैल रही थी कि बिहार में चौथे चरण (TRE-4) की शिक्षक भर्ती की अधियाचना (requisition) विभाग को वापस कर दी गई है। लेकिन, गुरुवार को पटना में शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी और BPSC ने इन तमाम अटकलों पर एक झटके में विराम लगा दिया। स्पष्ट किया गया है कि अधियाचना बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा शिक्षा विभाग को वापस नहीं लौटाई गई है।
संवाददाताओं से बातचीत करते हुए शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने साफ कहा कि शिक्षक नियुक्ति के चौथे चरण की अधियाचना आयोग को भेजी जा चुकी है। निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद आयोग द्वारा वैकेंसी (vacancy) जारी कर दी जाएगी।
क्यों उड़ी अधियाचना वापस होने की अफवाह?
दरअसल, BPSC ने TRE-4 की अधियाचना में मौजूद कुछ तकनीकी-प्रक्रियात्मक त्रुटियों (technical and procedural errors) का निराकरण करने के लिए संबंधित विभाग को एक पत्र प्रेषित किया था।
आयोग ने इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि त्रुटियों के सुधार के लिए पत्र भेजना एक सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया है। इसी पत्राचार को सोशल मीडिया के विभिन्न माध्यमों पर भ्रामक एवं असत्य सूचना के तौर पर प्रसारित किया जा रहा था।
BPSC की अभ्यर्थियों से अपील: केवल आधिकारिक सूचनाओं पर करें भरोसा
प्रक्रिया पूर्ण होने पर शीघ्र ही आवेदन आमंत्रित करने हेतु TRE-4 का विज्ञापन (advertisement) निर्गत किया जाएगा।
इसके मद्देनजर आयोग ने अभ्यर्थियों (aspirants) से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर प्रसारित भ्रामक एवं अपुष्ट सूचनाओं पर विश्वास न करें। परीक्षा से जुड़ी किसी भी अद्यतन (latest) एवं अधिकाधिक जानकारी केवल आयोग के आधिकारिक माध्यमों से ही प्राप्त करें।