BPSC TRE 4: शिक्षा विभाग से निर्देश न मिलने से 21 सितंबर का विज्ञापन अटका

updateUpdated: September 21, 2026 at 4:15 am schedule 3 min read
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auto_awesome एक नज़र में (Major Highlights)

◾️बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की ओर से शिक्षक भर्ती परीक्षा TRE-4 का 21 सितंबर को प्रस्तावित संशोधित विज्ञापन शिक्षा विभाग के दिशा-निर्देश न मिलने के कारण जारी नहीं हो सका।
◾️33 हजार से अधिक पदों पर बहाली प्रस्तावित; पूर्व विज्ञापन संख्या 14/2026 में 32,388 पद दर्ज थे।
◾️27 अगस्त को गर्दनीबाग छात्र आंदोलन के बाद सरकार ने पीटी-मेंस के बजाय परीक्षा को एकल चरण में कराने पर सहमति दी थी, जिसे नए विज्ञापन में शामिल किया जाना बाकी है।
◾️शिक्षा विभाग से औपचारिक दिशा-निर्देश प्राप्त होते ही BPSC संशोधित नियमों, रिक्तियों और आवेदन की नई तिथियों की घोषणा करेगा।

BPSC TRE 4 शिक्षक भर्ती का संशोधित विज्ञापन 21 सितंबर को जारी नहीं होगा। शिक्षा विभाग के नए नियमों और एकल परीक्षा पैटर्न के कारण प्रक्रिया रुकी। पढ़ें ताजा अपडेट।

पीटी और मेंस के बजाय अब एकल चरण में होगी शिक्षक बहाली, 33 हजार से अधिक पदों के लिए नए सिरे से जारी होगा रोस्टर।

​बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की चौथी शिक्षक भर्ती परीक्षा (TRE-4) के लिए 21 सितंबर को संशोधित विज्ञापन जारी होना तय माना जा रहा था। लाखों अभ्यर्थी इसी तारीख के भरोसे बैठे थे। लेकिन अब यह प्रक्रिया फिर ठंडे बस्ते में जाती दिख रही है।

​वजह साफ है—शिक्षा विभाग ने परीक्षा के बदले हुए स्वरूप को लेकर आयोग को अब तक कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश नहीं भेजा है। आयोग को पहले से तय प्रारूप में बड़े बदलाव करने हैं, जो बिना विभागीय मंजूरी के संभव नहीं हैं। ऐसे में 21 सितंबर को संशोधित अधिसूचना जारी होने की उम्मीद खत्म हो चुकी है।

​अभ्यर्थियों को अब संशोधित नियमावली और नई तारीख की आधिकारिक घोषणा के लिए अतिरिक्त इंतजार करना पड़ेगा।

​33 हजार से अधिक पदों पर होनी है नियुक्ति

​बीपीएससी ने शुरुआत में विज्ञापन संख्या 14/2026 जारी करते हुए 32,388 पदों की घोषणा की थी। यह विज्ञापन आयोग के आधिकारिक पोर्टल पर पहले से उपलब्ध है। बाद में रिक्तियों का दायरा बढ़कर 33 हजार से अधिक पदों तक पहुंच गया।

​आयोग के वार्षिक परीक्षा कैलेंडर में भी टीआरई-4 की प्रक्रिया दर्ज है। पर पेच यह है कि जब तक प्रशासनिक स्तर पर नए नियमों की फाइल आगे नहीं बढ़ती, तब तक ऑनलाइन आवेदन का लिंक सक्रिय नहीं किया जा सकता।

​गर्दनीबाग आंदोलन और परीक्षा व्यवस्था में बदलाव

​इस गतिरोध की पृष्ठभूमि अगस्त महीने में तैयार हुई थी। आयोग ने टीआरई-4 को प्रारंभिक (PT) और मुख्य (Mains) परीक्षा के दोहरे चरण में आयोजित करने का प्रस्ताव रखा था। इस व्यवस्था के विरोध में अभ्यर्थियों ने मोर्चा खोल दिया।

​राजधानी पटना के गर्दनीबाग समेत कई इलाकों में छात्रों ने बड़ा आंदोलन खड़ा किया। अभ्यर्थियों की तीन मुख्य शर्तें थीं:

  • ​भर्ती प्रक्रिया को दो चरणों के बजाय एकल परीक्षा (सिंगल स्टेज) में समेटा जाए।
  • ​निगेटिव मार्किंग के प्रावधानों की समीक्षा हो।
  • ​’एक अभ्यर्थी-एक परिणाम’ के नियम को सख्ती से लागू किया जाए।

​छात्रों के बढ़ते दबाव के बीच 27 अगस्त को शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और छात्र प्रतिनिधियों के बीच अहम बैठक हुई। सरकार ने छात्रों की मांग स्वीकारते हुए ऐलान किया कि टीआरई-4 की परीक्षा केवल एक चरण में ही कराई जाएगी। साथ ही परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए एक विशेषज्ञ समिति के गठन की बात भी कही गई थी।

​सहमति बनने के बाद आंदोलन खत्म हुआ, लेकिन नीतिगत फैसले को नए विज्ञापन में उतारने का काम विभागीय लेटलतीफी में उलझ गया।

​नए रोस्टर और नई तारीखों का इंतजार

​आयोग को अब एकल परीक्षा प्रणाली, संशोधित परीक्षा पैटर्न और रिक्तियों के नए समीकरणों को एक साथ समेटकर नया विज्ञापन तैयार करना है। इसके लिए शिक्षा विभाग की अंतिम हरी झंडी अनिवार्य है।

​बीपीएससी की ओर से आगामी दिनों में जारी होने वाले संशोधित नोटिस में ही परीक्षा की नई कार्ययोजना, अंतिम रिक्तियों का विवरण और आवेदन की नई समय-सीमा स्पष्ट की जाएगी। जब तक विभाग की औपचारिक चिट्ठी आयोग तक नहीं पहुंचती, तब तक शिक्षक बनने का सपना देख रहे अभ्यर्थियों को सिर्फ इंतजार ही करना होगा।

Ravi Kumar

verifiedHead Teacher and Educational Content Writer

Expertise: MA, D.El.Ed

Head Teacher in Primary School Bihar 13 year of teaching experience in multiple government school of Bihar.

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