auto_awesome एक नज़र में (Major Highlights)
◾️बक्सर शिक्षा विभाग ने छात्रा से दुष्कर्म और वीडियो वायरल करने के आरोपित शिक्षक अरविंद कुमार और वीरेंद्र प्रसाद को सेवा से बर्खास्त किया।
◾️यह घटना 21 सितंबर 2026; कृष्णब्रह्म थाना क्षेत्र, बक्सर जिला, बिहार का है।
◾️बिहार सरकारी सेवक नियमावली का नियम 14(XI); POCSO एक्ट, IT एक्ट और BNS की धाराएं।
◾️दोनों अभियुक्त भविष्य में किसी भी सरकारी नौकरी या परीक्षा के लिए आजीवन अयोग्य घोषित हुए।
◾️दोनों अभियुक्त बक्सर जेल में बंद हैं; पुलिस न्यायालय में स्पीडी ट्रायल के तहत चार्जशीट पेश करने की तैयारी में है।

बिहार सरकारी सेवक नियमावली के नियम 14(XI) के तहत गिरी गाज; दोनों अब आजीवन किसी भी सरकारी नौकरी के पात्र नहीं रहेंगे।
बक्सर जिला शिक्षा प्रशासन ने कृष्णब्रह्म थाना क्षेत्र के एक विद्यालय में छात्रा के साथ दुष्कर्म और वीडियो वायरल करने के आरोपित दो शिक्षकों को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) ने आरोपित शिक्षक अरविंद कुमार और वीरेंद्र प्रसाद के खिलाफ यह सख्त अनुशासनात्मक आदेश जारी किया।
यह कार्रवाई बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली के नियम 14(XI) के तहत की गई है। इस आदेश के प्रभावी होते ही दोनों अभियुक्त भविष्य में राज्य अथवा केंद्र सरकार की किसी भी सेवा, पद या प्रतियोगी भर्ती प्रक्रिया के लिए स्थायी रूप से अयोग्य घोषित हो गए हैं।
प्रशासनिक स्तर पर बर्खास्तगी को राजकीय सेवा का सबसे कठोर दंड माना जाता है।
जेल से भेजा गया स्पष्टीकरण खारिज
आपराधिक मामला दर्ज होने और दोनों शिक्षकों की गिरफ्तारी के बाद विभाग ने उन्हें निलंबित करते हुए विभागीय जांच शुरू की थी। जांच के लिए जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (सर्व शिक्षा अभियान) को संचालन पदाधिकारी तथा जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (माध्यमिक शिक्षा) को उपस्थापन पदाधिकारी नियुक्त किया गया था।
जांच प्रक्रिया के दौरान बक्सर केंद्रीय कारा में बंद दोनों शिक्षकों से शो-कॉज नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया था। अभियुक्तों ने जेल अधीक्षक के माध्यम से अपना लिखित प्रतिवेदन विभाग को सौंपा।
अधिकारियों ने संचिका की समीक्षा के बाद उनके स्पष्टीकरण को सिरे से खारिज कर दिया। विभागीय आदेश में स्पष्ट किया गया कि आरोपितों का जवाब पूरी तरह तथ्यहीन, आधारहीन और असंतोषजनक था, जिसके चलते कठोर दंडात्मक कदम उठाना अनिवार्य हो गया।
रेलवे स्टेशन और घर से हुई थी गिरफ्तारी
वारदात सामने आने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपित अरविंद कुमार को उसके आवास से हिरासत में लिया था। दूसरा आरोपित शिक्षक वीरेंद्र प्रसाद बक्सर रेलवे स्टेशन से उस समय पकड़ा गया, जब वह जिले से भागने की फिराक में था।
दोनों अभियुक्त वर्तमान में बक्सर केंद्रीय कारा में न्यायिक हिरासत में हैं।
मामले में पुलिस ने पॉक्सो एक्ट (POCSO Act), सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत और गैर-जमानती धाराओं में आरोप पत्र दायर करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, राज्य सरकार के उच्च नेतृत्व के जिले में संभावित दौरे से ठीक पहले हुई इस कार्रवाई ने शिक्षा विभाग में कड़ा संदेश दिया है।