auto_awesome एक नज़र में (Major Highlights)
◾️बिहार में नई तबादला नीति लागू। एक ही स्कूल में 5 साल काम करने वाले शिक्षक 'सरप्लस' कहलाएंगे और उनका अनिवार्य तबादला होगा।
◾️ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर 30 स्कूलों का विकल्प चुनना अनिवार्य है। मार्च 2026 तक 58 वर्ष पूरे करने वालों को तबादले से छूट मिलेगी।
◾️छात्र-शिक्षक अनुपात को सही करने के लिए 5 साल से एक ही जगह जमे हजारों शिक्षकों का ट्रांसफर होगा।
◾️सरप्लस शिक्षकों को ऑनलाइन आवेदन कर स्कूल चुनने होंगे। पहले शिक्षकों का समायोजन होगा, फिर म्यूचुअल ट्रांसफर का मौका मिलेगा।

शिक्षा विभाग ने 31 मार्च 2026 को कट-ऑफ माना है। अब ई-शिक्षाकोष पर 30 स्कूलों का विकल्प देना अनिवार्य होगा।
5 साल—यह वह नया पैमाना है जो तय करेगा कि बिहार के सरकारी स्कूलों में कौन सा शिक्षक अपनी जगह पर रहेगा और किसे अनिवार्य रूप से हटना होगा।
बिहार शिक्षा विभाग ने शिक्षकों के लिए नई तबादला नीति (Teacher Transfer Policy) जारी कर दी है। इसके तहत, यदि कोई शिक्षक एक ही स्कूल में 5 वर्षों से पदस्थापित है, तो उसे अब ‘सरप्लस’ (Surplus) माना जाएगा। विभाग ने इस पूरी प्रक्रिया के लिए 31 मार्च 2026 को कट-ऑफ (Cut-off date) निर्धारित किया है। 21 जुलाई 2026 को जारी Bihar Teacher Transfer SOP के अनुसार स्पष्ट करती है कि वर्षों से एक ही जगह जमे शिक्षकों का अब अनिवार्य रूप से समायोजन (Rationalization) किया जाएगा।
ई-शिक्षाकोष पोर्टल और 30 स्कूलों का अनिवार्य विकल्प
नई व्यवस्था पूरी तरह से ऑनलाइन और पारदर्शी रखी गई है। सरप्लस घोषित किए गए शिक्षकों को नई पोस्टिंग के लिए ‘ई-शिक्षाकोष’ (e-Shikshakosh) पोर्टल का सहारा लेना होगा। नियमों के मुताबिक, हर प्रभावित शिक्षक को अपनी पसंद के 30 स्कूलों का विकल्प (30 school options) भरना होगा। यदि इन 30 विकल्पों में भी कोई पद खाली नहीं मिलता है, तो अंतिम निर्णय सक्षम प्राधिकार करेगा और तब तक शिक्षक पुराने स्कूल में ही बने रहेंगे।
पहले समायोजन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी, उसके बाद ही ‘म्यूचुअल ट्रांसफर’ (Mutual Transfer) का रास्ता खुलेगा।
तबादला नीति के 10 मुख्य बिंदु
- सरप्लस का पैमाना: एक ही स्कूल में 5 साल पूरे करने वाले शिक्षक सरप्लस की श्रेणी में गिने जाएंगे।
- उम्र की बड़ी राहत: 31 मार्च 2026 तक 58 वर्ष की आयु पूरी कर चुके शिक्षकों का अनिवार्य तबादला नहीं होगा।
- नामांकन का गणित: स्कूलों में शिक्षकों की संख्या 2025-26 के छात्र नामांकन के आधार पर तय की जाएगी।
- शिक्षकों की लिमिट: मिडिल स्कूल (कक्षा 6 से 8) में किसी भी स्थिति में 12 से अधिक शिक्षक नहीं रहेंगे।
- नया स्टाफ सेटअप: हर स्कूल में एक प्रधान शिक्षक और प्रत्येक वर्ग के लिए एक शिक्षक की नियुक्ति अनिवार्य है।
- वरीयता का नियम: वरिष्ठता का आधार नियुक्ति वर्ष, विषय और शिक्षक की कैटेगरी (वर्ग) ही रहेगा।
- महिला प्राथमिकता: टाई (बराबर अंक) होने पर महिला शिक्षकों को उनके गृह प्रखंड (Home Block) में प्राथमिकता दी जाएगी।
- पुरुष प्राथमिकता: टाई की स्थिति में पुरुष शिक्षकों को गृह जिले (Home District) में पोस्टिंग की वरीयता मिलेगी।
- म्यूचुअल का मौका: समायोजन के बाद जो शिक्षक म्यूचुअल के लिए आवेदन करेंगे, उन्हें मौका मिलेगा। जिन शिक्षकों ने वर्ष 2024 में ट्रांसफर लिया है, वे भी 2026 की इस नई प्रक्रिया में आवेदन के पात्र होंगे।
- ऑनलाइन पारदर्शिता: आवेदन से लेकर स्कूल चयन तक की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर संचालित होगी।
मानवीय आधार पर विशेष छूट
नई नीति में कुछ विशेष परिस्थितियों के लिए मानवीय आधार पर भी प्रावधान किए गए हैं। गंभीर बीमारी, असाध्य रोग या दिव्यांगता का दावा करने वाले शिक्षकों को तबादले में राहत मिल सकती है। हालांकि, इसके लिए उनके द्वारा प्रस्तुत किए गए चिकित्सा प्रमाण पत्रों की विभाग द्वारा गहन जांच की जाएगी।