auto_awesome एक नज़र में (Major Highlights)
◾️प्रधान महालेखाकार कार्यालय (ऑडिट, बिहार) ने एक साथ दो जिलों से वेतन उठाने वाले शिक्षकों से जुड़ी संभावित वित्तीय अनियमितताओं की जांच शुरू कर दी है।
◾️ऑडिट वर्तमान में मुजफ्फरपुर, बिहार में चल रहा है, जिसमें अप्रैल 2022 से लेकर अब तक (जून 2026 तक के डेटा) के वेतन रिकॉर्ड की जांच की जा रही है।
◾️352 शिक्षक जांच के घेरे में हैं, जिनके 2022 से अब तक के पूरे बैंक स्टेटमेंट तलब किए गए हैं।
◾️यह एक बड़ी प्रशासनिक खामी को उजागर करता है, जहां विरमन (Relieving Letter) और योगदान पत्र (Joining Letter) की प्रक्रिया में देरी के कारण म्यूचुअल ट्रांसफर वाले शिक्षकों ने कथित तौर पर दोहरा वेतन उठाया।
◾️DEO को तय समय सीमा के भीतर सभी बैंक स्टेटमेंट और रिकॉर्ड जमा करने का निर्देश दिया गया है; यदि दोहरे भुगतान की पुष्टि होती है, तो संबंधित शिक्षकों के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

प्रधान महालेखाकार कार्यालय के निर्देश पर अप्रैल 2022 से अब तक के बैंक स्टेटमेंट तलब, दो जिलों से सैलरी उठाने का है संदेह।
बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में 352 शिक्षकों और कर्मचारियों के वेतन भुगतान में बड़े स्तर पर वित्तीय अनियमितता की आशंका के बाद सख्त जांच शुरू कर दी गई है। प्रधान महालेखाकार कार्यालय (ऑडिट, बिहार) के डाटा-लिंक्ड एस्टैब्लिशमेंट ऑडिट में यह मामला खुला है। इन शिक्षकों पर एक ही अवधि में दो अलग-अलग स्थानों (जिलों) से वेतन उठाने का गंभीर संदेह है।
सहायक लेखा परीक्षा अधिकारी ने मुजफ्फरपुर के जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) को निर्देश दिया है कि सूचीबद्ध सभी 352 शिक्षकों और कर्मचारियों के 1 अप्रैल 2022 से अब तक के वेतन खाते का पूरा बैंक स्टेटमेंट तत्काल उपलब्ध कराएं।
जांच के रडार पर सबसे अधिक वे शिक्षक हैं, जिनका म्यूचुअल ट्रांसफर (पारस्परिक स्थानांतरण) हुआ था।
विरमन और योगदान पत्र की खामी से हुआ खेल
यह पूरा फर्जीवाड़ा ट्रांसफर प्रक्रिया की तकनीकी खामियों और विभागीय लापरवाही का नतीजा प्रतीत होता है। कई मामलों में शिक्षकों ने एक जिले से विरमन पत्र (Relieving Letter) लेने और दूसरे जिले में योगदान पत्र (Joining Letter) जमा करने की प्रक्रिया को तय समय पर पूरा नहीं किया।
नतीजतन, दूसरे जिले में योगदान देने के बावजूद उन्होंने पहले जिले से भी अपना वेतन लेना जारी रखा। इसी आधार पर दो जिलों से एक साथ वेतन उठाने की आशंका की जांच की जा रही है। जांच टीम वेतन भुगतान, सेवा अभिलेख और बैंक खातों का मिलान कर रही है ताकि किसी भी तरह के दोहरे भुगतान की पुष्टि की जा सके।
इन प्रखंडों के शिक्षक जांच के दायरे में
डीईओ कार्यालय में वर्तमान में अगस्त 2022 से जून 2026 तक की अवधि के लिए डाटा-लिंक्ड एस्टैब्लिशमेंट ऑडिट चल रहा है।
ऑडिट टीम ने स्पष्ट किया है कि यह एक समयबद्ध प्रक्रिया है, इसलिए सभी दस्तावेज निर्धारित अवधि के भीतर उपलब्ध कराना अनिवार्य है।
जांच के दायरे में जिले के कई प्रमुख प्रखंड शामिल हैं। इनमें मुख्य रूप से गायघाट, कुढ़नी, औराई, बोचहां, पारू, साहेबगंज, मोतीपुर और मुशहरी के शिक्षक सूचीबद्ध हैं।
यदि जांच में वित्तीय अनियमितता या दोहरे वेतन भुगतान की पुष्टि होती है, तो संबंधित शिक्षकों के खिलाफ तत्काल विभागीय कार्रवाई की जाएगी। इससे पहले भी जिले में ऐसे कुछ छिटपुट मामले सामने आ चुके हैं, लेकिन 352 शिक्षकों की एकमुश्त जांच ने शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा दिया है।