auto_awesome एक नज़र में (Major Highlights)
◾️बक्सर के कृष्णाब्रह्म थाना क्षेत्र में नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म और वीडियो वायरल करने के मामले में फरार दूसरे आरोपित शिक्षक वीरेंद्र कुमार पाल को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
◾️मामले में कुल 3 मुख्य नामजद अभियुक्त (दो शिक्षक और एक प्राचार्य) अब तक गिरफ्तार हो चुके हैं।
◾️गुरु-शिष्य परंपरा को कलंकित करने वाले गंभीर मामले में पुलिस ने सभी नामजद आरोपियों को जेल भेजा है और शिक्षा विभाग ने शिक्षकों की बर्खास्तगी की कार्यवाही शुरू कर दी है।
◾️जिला शिक्षा कार्यालय दोनों शिक्षकों की सेवा समाप्ति (बर्खास्तगी) की प्रक्रिया को आगे बढ़ा रहा है और पुलिस अदालत में चार्जशीट पेश करेगी।

शिक्षा विभाग ने शुरू की बर्खास्तगी प्रक्रिया; साक्ष्य छिपाने के आरोपित हेडमास्टर समेत तीनों अभियुक्त अब सलाखों के पीछे।
बिहार के बक्सर में सरकारी स्कूल की नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म और उसका वीडियो प्रसारित करने के मामले में पुलिस ने दूसरे फरार शिक्षक वीरेंद्र कुमार पाल को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की विशेष टीम ने रविवार रात करीब 11 बजे बक्सर रेलवे स्टेशन पर घेराबंदी कर उसे धर दबोचा।
गिरफ्तारी के बाद आरोपित को कृष्णाब्रह्म थाना लाया गया। सोमवार को न्यायिक दंडाधिकारी के समक्ष पेशी के बाद अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दे दिया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला शिक्षा कार्यालय ने आरोपित दोनों शिक्षकों के खिलाफ सेवा समाप्ति की प्रक्रिया औपचारिक रूप से तेज कर दी है।
प्लेटफॉर्म से पकड़ा गया आरोपित शिक्षक
पुलिस सूत्रों के अनुसार, वीरेंद्र कुमार पाल जिले से बाहर भागने की फिराक में ट्रेन पकड़ने बक्सर रेलवे स्टेशन पहुंचा था। सटीक सूचना पर कृष्णाब्रह्म थाना पुलिस ने रेलवे स्टेशन परिसर में दबिश देकर उसे हिरासत में ले लिया। इस कांड में मुख्य अभियुक्त शिक्षक अरविंद कुमार और विद्यालय के हेडमास्टर पहले ही जेल भेजे जा चुके हैं। वीरेंद्र की गिरफ्तारी के साथ ही मामले के तीनों मुख्य नामजद अभियुक्त अब पुलिस की गिरफ्त में हैं।
29 अगस्त को फूटा था ग्रामीणों का गुस्सा
यह पूरा मामला कृष्णाब्रह्म थाना क्षेत्र के एक सरकारी विद्यालय से जुड़ा है। 29 अगस्त को विद्यालय परिसर में उस समय भारी हंगामा हुआ, जब दुष्कर्म का कथित वीडियो ग्रामीणों के संज्ञान में आया। आक्रोशित ग्रामीणों ने स्कूल में घुसकर दोनों आरोपित शिक्षकों की घेराबंदी की थी और उनकी पिटाई कर दी थी।
घटना के बाद 3 सितंबर को पीड़िता की मां ने कृष्णाब्रह्म थाने में लिखित तहरीर दी। शिकायत में दोनों शिक्षकों अरविंद कुमार व वीरेंद्र कुमार पाल पर दुष्कर्म करने, आपत्तिजनक वीडियो बनाने और उसे सोशल मीडिया पर प्रसारित करने का गंभीर आरोप लगाया गया। साथ ही स्कूल के प्राचार्य पर अपराध की जानकारी होने के बावजूद शिक्षकों को बचाने और साक्ष्य नष्ट करने की कोशिश का आरोप दर्ज कराया गया।
प्रशासनिक व विभागीय शिकंजा
प्राथमिकी दर्ज होते ही पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सबसे पहले स्कूल के हेडमास्टर को गिरफ्तार किया था। इसके दो दिनों के भीतर पुलिस ने मुख्य आरोपित शिक्षक अरविंद कुमार को ब्रह्मपुर बाजार से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
अब वीरेंद्र कुमार पाल की गिरफ्तारी के बाद पुलिस डिजिटल साक्ष्यों और वायरल वीडियो की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। उधर, शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि बाल उत्पीड़न के इस जघन्य मामले में संलिप्त शिक्षकों को बर्खास्त करने की विभागीय प्रक्रिया नियमानुसार पूरी की जा रही है।