auto_awesome एक नज़र में (Major Highlights)
◾️बिहार सरकार हर प्रमंडल में गुरुकुलम विद्यापीठ खोलने की घोषणा की है।
◾️घोषणाएं सोमवार को पटना (अधिवेशन भवन और पटना कॉलेजिएट हाईस्कूल) में की गईं; पहला विद्यापीठ बक्सर में खुलेगा।
◾️राज्य के 14 बंद पड़े राजकीय संस्कृत विद्यालयों को दोबारा शुरू किया जाएगा।
◾️छात्रों को वेद के साथ विज्ञान और कौशल की शिक्षा मिलेगी।

शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने 14 बंद पड़े राजकीय संस्कृत विद्यालयों को पुनर्जीवित करने की घोषणा की है।
बिहार सरकार राज्य की शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव करने जा रही है। सूबे के हर प्रमंडल में अब ‘गुरुकुलम विद्यापीठ’, इंटीग्रेटेड स्कूल (Integrated Schools) और समेकित विद्यालय खोले जाएंगे। इस महत्वाकांक्षी योजना की शुरुआत सबसे पहले बक्सर से की जाएगी।
ये अहम घोषणाएं शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने सोमवार को राजधानी पटना में कीं। अधिवेशन भवन में आयोजित राज्यस्तरीय कार्यशाला-सह-चिंतन शिविर के समापन समारोह में उन्होंने गुरुकुलम विद्यापीठ का खाका पेश किया। वहीं, पटना कॉलेजिएट हाईस्कूल के 191वें स्थापना दिवस सह पूर्ववर्ती छात्र मिलन समारोह में शिक्षकों की छुट्टियों से जुड़ा सख्त निर्देश जारी किया।
बक्सर से क्यों हो रही गुरुकुलम की शुरुआत?
शिक्षा विभाग की नई योजना के तहत इन विद्यापीठों में कक्षा एक से लेकर रिसर्च (Research) स्तर तक की पढ़ाई होगी। यहां सिर्फ पारंपरिक ज्ञान नहीं बंटेगा। पाठ्यक्रम में पारंपरिक ज्ञान और वेद के साथ-साथ विज्ञान (Science) और आधुनिक कौशल को भी प्रमुखता से शामिल किया जाएगा।
बक्सर को इस योजना का पहला केंद्र चुना गया है। मंत्री ने इस फैसले का कारण स्पष्ट करते हुए बताया कि बक्सर प्रभु श्रीराम की ज्ञान भूमि रही है, इसलिए इस नई पहल के लिए इसी जगह का चयन किया गया है।
आज के दौर में केवल डिग्री हासिल करना पर्याप्त नहीं है।
विद्यार्थियों में ऐसी क्षमता विकसित करनी होगी जिससे वे रोजगार, स्वरोजगार और शोध में अपनी सशक्त भूमिका निभा सकें। राज्य में बंद हो चुके 14 राजकीय संस्कृत स्कूलों को भी नया जीवन मिलेगा। शिक्षा मंत्री ने यह भी साफ किया कि बिहार में मदरसा और संस्कृत शिक्षा, दोनों को ही बिना किसी भेदभाव के आगे बढ़ाया जाएगा।