बिहार के 77,370 सरकारी स्कूलों में अब शनिवार को हाफ डे, केके पाठक का आदेश हुआ रद्द

updateUpdated: August 7, 2026 at 8:19 pm schedule 3 min read
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auto_awesome एक नज़र में (Major Highlights)

◾️बिहार सरकार ने राज्य के सभी सरकारी स्कूलों में शनिवार को हाफ डे (आधे दिन) की व्यवस्था फिर से लागू कर दी है।
◾️इस फैसले से राज्य के सभी 77,370 सरकारी स्कूलों के टाइमटेबल में बदलाव आएगा।
◾️यह शिक्षकों और शिक्षक संगठनों की एक चिरप्रतीक्षित मांग थी, जो दिसंबर 2025 में के.के. पाठक द्वारा लागू किए गए फुल-डे नियम को आधिकारिक तौर पर पलटती है।
◾️अगले शनिवार से प्राथमिक स्कूलों की छुट्टी 12.40 बजे और माध्यमिक स्कूलों की 1 बजे होगी, जबकि शिक्षकों को पाठ्य योजना व डायरी अद्यतन के लिए 1 घंटे अतिरिक्त रुकना होगा।

बिहार के 77,370 सरकारी स्कूलों में अब हर शनिवार को हाफ डे रहेगा। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने नया टाइमटेबल जारी किया है, जिससे शिक्षकों को बड़ी राहत मिली है।

​मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की घोषणा के बाद शिक्षा विभाग ने जारी किया नया टाइमटेबल; प्राथमिक स्कूलों में 12.40 बजे और माध्यमिक में 1 बजे होगी छुट्टी।

​पिछले आठ महीनों से बिहार के सरकारी स्कूलों के शिक्षकों और छात्रों के लिए शनिवार का दिन भी आम कार्यदिवसों की तरह ही लंबा और थकाऊ होता था। 12 दिसंबर, 2025 को शिक्षा विभाग के तत्कालीन अपर मुख्य सचिव के.के. पाठक ने शिक्षा का अधिकार कानून (आरटीई) का तर्क देते हुए स्कूलों को शनिवार के दिन भी सुबह 9.30 से शाम 4 बजे तक चलाने का सख्त फरमान सुनाया था। लेकिन अब यह पुरानी व्यवस्था पलट दी गई है। राज्य के सभी 77,370 सरकारी स्कूलों में अब से हर शनिवार को हाफ डे रहेगा, जिसकी शुरुआत इसी आने वाले शनिवार से हो रही है।

​शिक्षा विभाग द्वारा जारी इस नए आदेश के तहत समय सारिणी में बड़ा बदलाव किया गया है। शनिवार को अब सभी स्कूल सुबह 9.30 बजे से दोपहर 1 बजे तक ही चलेंगे। अगर बात सिर्फ प्राथमिक विद्यालयों की करें, तो वहां बच्चों की कक्षाएं 12 बजे खत्म हो जाएंगी। इसके बाद 12.40 तक मध्याह्न भोजन कराकर उन्हें घर भेज दिया जाएगा। वहीं, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्तर पर शिक्षण कार्य दोपहर एक बजे तक चलेगा और उसके बाद ही छात्रों की छुट्टी होगी।

​हालांकि, शिक्षकों के लिए विद्यालय से प्रस्थान का समय थोड़ा अलग होगा।

​बच्चों की छुट्टी हो जाने के तुरंत बाद शिक्षक घर नहीं जा सकेंगे। उन्हें प्रतिदिन की तरह कक्षा अवधि के क्रम में एक घंटा अतिरिक्त विद्यालय में रुकना होगा। इस समय का उपयोग वे अगले दिन और पूरे सप्ताह की पाठ्य योजना बनाने, कॉपियों के मूल्यांकन, शिक्षक डायरी को अद्यतन करने और प्रयोगशाला प्रबंधन जैसे अनिवार्य कार्यों के लिए करेंगे। गुरुवार को पटना में पत्रकारों से बातचीत करते हुए शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने बताया कि हाफ डे की इस व्यवस्था से शिक्षकों एवं उनके संगठनों की एक चिरप्रतीक्षित मांग पूरी हुई है, जिससे उन्हें बड़ी राहत मिलेगी।

​इस पूरे घटनाक्रम की पृष्ठभूमि 28 जुलाई से जुड़ी है। उस दिन तारापुर विधानसभा क्षेत्र के सरस्वती विद्या निकेतनों (मॉडल स्कूल) के एक उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पहली बार सार्वजनिक मंच से यह घोषणा की थी कि सूबे के सभी सरकारी स्कूल शनिवार को हाफ डे चलेंगे। शिक्षा विभाग ने उस घोषणा को अमलीजामा पहनाते हुए आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है, जिसकी पुष्टि शिक्षा विभाग द्वारा जारी किये गए पत्र से की जा सकती है।

Siddharth

verifiedManager and Content Writer

Expertise: B.Tech and MBA in IT

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