5000 संविदा शिक्षकों की नियुक्ति हाईकोर्ट में फंसी, UGC नियमों के उल्लंघन और आरक्षण रोस्टर पर उठे सवाल

updateUpdated: July 8, 2026 at 3:08 pm schedule 3 min read
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auto_awesome एक नज़र में (Major Highlights)

▪️5000 संविदा शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया को यूजीसी मानकों के उल्लंघन और अस्पष्ट आरक्षण रोस्टर के कारण हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है।
▪️यह विवाद मुख्य रूप से राज्य के 211 नए डिग्री कॉलेजों और पुराने कॉलेजों की नियुक्तियों से जुड़ा है।
▪️कुल 5000 पदों पर बहाली होनी है, जिनमें अकेले अंग्रेजी के 674 और हिंदी के 662 पद शामिल हैं।
▪️वर्तमान में काम कर रहे गेस्ट फैकल्टी की नौकरियां प्रभावित हो रही हैं क्योंकि उनके पदों को भी नई रिक्तियों में जोड़ दिया गया है।
▪️कोर्ट से इस पूरी नियुक्ति प्रक्रिया को रद्द करने की मांग की गई है।

राज्य सरकार द्वारा 211 नए डिग्री कॉलेजों में फिक्स्ड टर्म की जगह संविदा शिक्षकों की बहाली पर विवाद, याचिकाकर्ताओं ने प्रक्रिया रद्द करने की मांग की।

​5,000 संविदा शिक्षकों की नियुक्ति का राज्य सरकार का फैसला अब सीधे तौर पर कानूनी चुनौती का सामना कर रहा है। सूबे के कॉलेजों में बहाली के लिए निकाले गए विज्ञापन के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है। मुख्य आरोप यह है कि इस पूरी प्रक्रिया में यूजीसी (UGC) के मानकों को दरकिनार किया गया है और आरक्षण रोस्टर पूरी तरह से अस्पष्ट है।

​सरकार ने हाल ही में विभिन्न प्रखंडों में खोले गए 211 नए डिग्री कॉलेजों को प्राथमिकता देते हुए इन नियुक्तियों की घोषणा की थी। मौजूदा रिपोर्ट के मुताबिक, जिसे पहले सरकार ‘फिक्स्ड टर्म फैकल्टी’ (Fixed Term Faculty) बता रही थी, उसे ही अब संविदा शिक्षक कहा जा रहा है। फिलहाल सिर्फ नए डिग्री कॉलेजों के लिए रिक्तियां जारी हुई हैं, जबकि शेष पदों को पुराने कॉलेजों में भरा जाना है।

​यहीं से विवाद की असल शुरुआत हुई है।

​नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर मुख्य रूप से तीन बड़ी आपत्तियां दर्ज कराई गई हैं। पहला कारण यह है कि विज्ञापित पदों में पुराने कॉलेजों की वे रिक्तियां भी गिन ली गई हैं, जिन पर वर्तमान में गेस्ट फैकल्टी (Guest Faculty) कार्यरत हैं। दूसरा, कई विषयों में रिक्तियों की संख्या पूर्व के ‘दो पद प्रति विषय’ वाले नियम से कहीं अधिक है, जो सीधे तौर पर कार्यरत गेस्ट फैकल्टी के पदों का अतिक्रमण है।

​तीसरी और सबसे बड़ी कानूनी बाधा पूर्व का एक अदालती फैसला है। याचिकाकर्ताओं ने याद दिलाया है कि पूर्व में हाईकोर्ट खुद यह व्यवस्था दे चुका है कि एक संविदा शिक्षक के पद को संविदा शिक्षक के ही पद से सामंजित (adjust) नहीं किया जा सकता।

​मैट्रिक और इंटर के अंकों को वेटेज देने पर ऐतराज

​शैक्षणिक मानकों को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं। इस नियुक्ति में मैट्रिक (10th) और इंटर (12th) के अंकों को भी वेटेज (Weightage) देने का प्रावधान रखा गया है। याचिकाकर्ताओं का स्पष्ट कहना है कि यूजीसी के किसी भी मानक में इस तरह का कोई नियम शामिल नहीं है। इसके अतिरिक्त, आरक्षण के रोस्टर को भी भ्रामक बताया गया है, जिसके चलते कोर्ट से इस पूरी चयन प्रक्रिया को रद्द करने की अपील की गई है।

​5 प्रमुख विषयों में जारी रिक्तियों का गणित

​सरकार ने फिलहाल नए डिग्री कॉलेजों के लिए इन विषयों में सबसे ज्यादा पद जारी किए हैं:

  • अंग्रेजी (English): 674 पद
  • हिंदी (Hindi): 662 पद
  • अर्थशास्त्र (Economics): 597 पद
  • राजनीति विज्ञान (Political Science): 596 पद
  • समाजशास्त्र (Sociology): 523 पद

Siddharth

verifiedManager and Content Writer

Expertise: B.Tech and MBA in IT

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