auto_awesome एक नज़र में (Major Highlights)
▪️शिक्षिकाओं से अमर्यादित व्यवहार और दुर्व्यवहार के आरोप में भर्रा विद्यालय के प्रधानाध्यापक चेतन कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
▪️घटना बिहार के बेगूसराय जिले के भर्रा विद्यालय की है; मामले की सुनवाई 23 जून को डीईओ कार्यालय में हुई थी।
▪️शिकायतकर्ता शिक्षिका के साथ 18 अन्य शिक्षकों ने सुनवाई में उपस्थित होकर हेडमास्टर के खिलाफ गवाही दी।
▪️शिक्षकों के भारी आक्रोश और ऑडियो रिकॉर्डिंग जैसे ठोस सबूतों के आधार पर विभागीय स्तर पर यह बड़ी कार्रवाई की गई है।

बेगूसराय के भर्रा विद्यालय में शिक्षिकाओं के साथ अमर्यादित भाषा का प्रयोग करने वाले प्रधानाध्यापक चेतन कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
यह विभागीय कार्रवाई जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) मनोज कुमार के निर्देश पर जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) अमृत कुमार द्वारा जारी की गई है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय तेघड़ा स्थित बीईओ (BEO) कार्यालय निर्धारित किया गया है। शिक्षा विभाग अब हेडमास्टर के खिलाफ अलग से आरोप पत्र भी गठित करेगा।
ऑडियो रिकॉर्डिंग ने खोली पोल, 18 शिक्षकों ने दी गवाही
विवाद की शुरुआत तब हुई जब विद्यालय की शिक्षिका अभिलाषा भारती और अन्य स्टाफ ने हेडमास्टर के खिलाफ लिखित आवेदन दिया। शिकायत के अनुसार, चेतन कुमार न सिर्फ महिला शिक्षकों से अभद्र व्यवहार करते थे, बल्कि कैजुअल लीव (CL) के लिए भी दो महीने पहले ही आवेदन देने का दबाव बनाते थे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीईओ ने 8 जून को चेतन कुमार को ‘शो-कॉज’ (Show-cause) नोटिस थमाया। जब हेडमास्टर का जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया, तो 23 जून को जिला शिक्षा पदाधिकारी के कार्यालय कक्ष में आमने-सामने की सुनवाई तय की गई।
इस सुनवाई में शिकायतकर्ता अभिलाषा भारती के साथ 18 अन्य शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद रहीं। उन्होंने गवाही देते हुए भारी आक्रोश जताया और सख्त कार्रवाई की मांग की।
निर्णायक सबूत के तौर पर डीईओ ने खुद उस ऑडियो रिकॉर्डिंग को सुना, जिसमें स्कूल परिसर के भीतर हेडमास्टर द्वारा की गई अमर्यादित बातचीत कैद थी। अपने बचाव में कोई भी तथ्यात्मक साक्ष्य पेश न कर पाने के कारण चेतन कुमार पर निलंबन की यह दंडात्मक कार्रवाई की गई है।