auto_awesome एक नज़र में (Major Highlights)
▪️पटना जिले में कार्यरत कुल 26,000 शिक्षकों में से करीब 50% शिक्षकों ने ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर अपना प्रोफाइल अपडेट नहीं किया है।
▪️प्रोफाइल अपडेट न होने से शिक्षकों के स्थानांतरण, पदोन्नति और अन्य प्रशासनिक कार्य अटके हुए हैं।
▪️तकनीकी समस्याओं को संकलित कर जिला कार्यालय भेजा जाएगा और मंगलवार की वीसी में अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी।

ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर सुस्ती को लेकर डीईओ कार्यालय सख्त, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. जमाल मुस्तफा ने ‘मिशन मोड’ में काम पूरा करने का दिया निर्देश।
पटना जिले में ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर लगभग 50 प्रतिशत शिक्षकों द्वारा अपना प्रोफाइल अपडेट न करने के कारण जिला राज्यभर में 37वें पायदान पर पिछड़ गया है, जिसके बाद शिक्षा विभाग ने इसे मिशन मोड में पूरा करने के कड़े निर्देश दिए हैं।
26 हजार शिक्षकों में से केवल आधे का ब्योरा हुआ अद्यतन
पटना जिले में कुल 26 हजार शिक्षक कार्यरत हैं, जिनमें से केवल 50 फीसदी शिक्षकों ने ही अब तक अपना प्रोफाइल अद्यतन (अपडेट) किया है। शिक्षकों के स्थानांतरण (तबादले), पदोन्नति (प्रमोशन) और अन्य महत्वपूर्ण प्रशासनिक कार्यों को सुचारू रूप से चलाने के लिए ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर प्रोफाइल का अपडेट होना अनिवार्य है। इस कार्य में बरती जा रही सुस्ती के कारण पटना जिला पूरे बिहार में रैंकिंग के मामले में 37वें स्थान पर पहुंच गया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) कार्यालय ने सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों (BEO), विद्यालय अंचल निरीक्षकों, ब्लॉक अकाउंटेंट, वेतन प्रभारी लिपिकों और प्राचार्यों को इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देने को कहा है।
मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होगी प्रगति की समीक्षा
विभागीय पत्र के अनुसार, मंगलवार को होने वाली उच्च स्तरीय विभागीय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) में ई-शिक्षा कोष शिक्षक प्रोफाइल अपडेशन मुख्य एजेंडा होगा। इस बैठक में जिले की ब्लॉक-वार प्रगति की समीक्षा की जाएगी।
जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना), डॉ. मो. जमाल मुस्तफा ने सभी संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं कि वे लंबित मामलों का त्वरित निष्पादन करें और शत-प्रतिशत प्रोफाइल अद्यतन सुनिश्चित कराएं।
शिक्षकों को प्रोफाइल में मुख्य रूप से अपना रजिस्ट्रेशन विवरण, पोस्टिंग विवरण, व्यक्तिगत विवरण और पता आदि अपडेट करना है। साथ ही, जिन मामलों में तकनीकी समस्या आ रही है, उनका डेटा संकलित कर जिला कार्यालय को अवगत कराने का निर्देश दिया गया है ताकि तकनीकी दिक्कतों को दूर किया जा सके।