auto_awesome एक नज़र में (Major Highlights)
▪️अग्निशमन विभाग ने पटना के सभी क्षेत्रीय स्कूलों में अग्नि सुरक्षा की कड़ी भौतिक जांच (फिजिकल इंस्पेक्शन) करने के लिए 21 टीमों का गठन किया है।
▪️यह जांच 10 जुलाई से पटना जिले, बिहार में शुरू होगा।
▪️10 जुलाई से 4,824 स्कूलों का अनिवार्य सुरक्षा ऑडिट शुरू होगा, साथ ही 10 दिनों का समय समाप्त होने पर नियमों का पालन न करने वाले कोचिंग संस्थानों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है।

कोचिंग संस्थानों पर भी कसा शिकंजा; 250 से ज्यादा की जांच में 200 को नोटिस, मिला 10 दिन का अल्टीमेटम
21 विशेष टीमें अब पटना जिले के हजारों स्कूलों में एक साथ उतरकर अग्नि सुरक्षा (फायर सेफ्टी) इंतजामों की हकीकत खंगालेंगी। स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए अग्निशमन विभाग आगामी 10 जुलाई से यह बड़ा भौतिक सत्यापन अभियान शुरू करने जा रहा है।
पटना जिले में कुल तीन हजार सरकारी और 1,824 निजी स्कूल संचालित हैं। इन सभी 4,824 विद्यालयों में अग्निशमन विभाग की टीमें औचक रूप से पहुंचेंगी। जांच टीम केवल सिलेंडरों की गिनती नहीं करेगी, बल्कि कमरों की बैठक क्षमता (सिटिंग कैपेसिटी) और वर्तमान जमीनी स्थिति का भी बारीकी से जायजा लेगी।
सबसे बड़ा फोकस प्रवेश और निकास द्वारों (एंट्री-एग्जिट गेट्स) की चौड़ाई और उनकी स्थिति पर रहेगा।
जिला अग्निशमन अधिकारी रितेश कुमार पांडेय ने इस अभियान की रूपरेखा साझा करते हुए बताया कि स्कूलों से पहले कोचिंग सेंटरों पर भी बड़ी कार्रवाई की गई है। उनके मुताबिक, पटना जिले के 250 से अधिक कोचिंग संस्थानों में अब तक अग्नि सुरक्षा की जांच पूरी की जा चुकी है।
इस शुरुआती जांच के नतीजे बेहद चौंकाने वाले और चिंताजनक रहे हैं। लगभग दो सौ के करीब कोचिंग संस्थानों में आग से बचाव के पर्याप्त इंतजाम नहीं पाए गए। विभाग ने ढुलमुल रवैया अपनाने वाले इन सभी संस्थानों को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है।
अगर 10 दिनों के भीतर इन कोचिंग सेंटरों ने अपनी व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं कीं, तो उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जिला अग्निशमन अधिकारी ने साफ किया है कि कोचिंग पर शिकंजा कसने के बाद अब पूरा ध्यान 10 जुलाई से स्कूलों पर केंद्रित होगा ताकि किसी भी अप्रिय घटना को समय रहते रोका जा सके।