14 लाख के ब्यूटी स्टूडियो से लेकर फर्जी नंबर प्लेट तक: महाराष्ट्र TET पेपर लीक मामले में मास्टरमाइंड की पत्नी पटना से गिरफ्तार

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auto_awesome एक नज़र में (Major Highlights)

▪️महाराष्ट्र टीईटी पेपर लीक के मास्टरमाइंड बिजेंद्र गुप्ता की पत्नी और वित्तीय मामलों में उसकी साझीदार सुमन गुप्ता को ठाणे पुलिस और बिहार एसटीएफ (STF) की संयुक्त छापेमारी के बाद गिरफ्तार।
▪️सोमवार देर रात अगमकुआं (पटना) में गिरफ्तारी हुई।
▪️आगरा की एक प्रिंटिंग प्रेस से सीधे महाराष्ट्र टीईटी (TET) प्रश्नपत्र के 4 सेट लीक करने के लिए ₹1.50 करोड़ की अवैध डील की गई थी।
▪️गिरफ्तार किए गए आरोपी 6 जुलाई तक पुलिस रिमांड पर रहेंगे, जबकि फरार सहयोगी कपिल दहिया के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया जा रहा है।

महाराष्ट्र TET पेपर लीक मामले में बड़ा खुलासा। आगरा प्रिंटिंग प्रेस से चोरी हुआ था पेपर। मास्टरमाइंड बिजेंद्र गुप्ता की पत्नी सुमन पटना से गिरफ्तार।

“​₹1.50 करोड़ की डील, आगरा प्रिंटिंग प्रेस से सीधा कनेक्शन और बेटी के जन्मदिन पर बिछा पुलिस का जाल।

25 साल से देश के अलग-अलग राज्यों में इंटरस्टेट पेपर लीक माफिया के तौर पर पैर पसार चुके बिजेंद्र गुप्ता का साम्राज्य एक बार फिर कानून के शिकंजे में है। महाराष्ट्र की ठाणे पुलिस ने बिहार एसटीएफ (STF) की मदद से एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए, इस पूरे घोटाले के मुख्य सूत्रधार बिजेंद्र गुप्ता की पत्नी सुमन गुप्ता को पटना के अगमकुंआ (गांधी नगर) स्थित एक किराए के फ्लैट से गिरफ्तार कर लिया है। सोमवार की देर रात हुई इस गिरफ्तारी के बाद सुमन को ट्रांजिट रिमांड पर महाराष्ट्र ले जाया गया, जहां अदालत ने उसे 6 जुलाई तक के लिए पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।

​इस बड़े अंतरराज्यीय रैकेट में अब तक कुल चार गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। इससे पहले 27 जून को ठाणे की भिवंडी पुलिस ने पटना के रहने वाले धीरज सिंह, राजीव शाह और आकाश कुमार को दबोचा था, जो फिलहाल 6 जुलाई तक रिमांड पर हैं।

​आगरा प्रिंटिंग प्रेस से सीधे उड़ाए गए थे चारों सेट

​जांच में जो सबसे चौंकाने वाला खुलासा हुआ है, वह यह है कि महाराष्ट्र TET (शिक्षक पात्रता परीक्षा) का प्रश्नपत्र किसी परीक्षा केंद्र से नहीं, बल्कि सीधे उत्तर प्रदेश के आगरा स्थित प्रिंटिंग प्रेस से उड़ाया गया था। बिजेंद्र गुप्ता ने इस पेपर को बेचने के लिए 1.50 करोड़ रुपये की भारी-भरकम डील तय की थी।

​पुलिसिया तफ्तीश के मुताबिक, आगरा की उसी प्रिंटिंग प्रेस के दो स्टाफ सदस्यों—सोनू और अनूप—ने प्रश्नपत्र के चारों सेट चोरी छिपे बिजेंद्र को सौंपे थे।

​इस पूरी साजिश का ब्लूप्रिंट पिछले छह महीनों से पटना के पश्चिमी बोरिंग कैनाल रोड पर स्थित आरोपी राजीव शाह के आलीशान अपार्टमेंट में तैयार किया जा रहा था, जहां माफियाओं की कई गुप्त बैठकें हुई थीं।

​काली कमाई का हिसाब: वीवीआईपी ब्यूटी स्टूडियो और लग्जरी फ्लैट्स

​माफिया बिजेंद्र गुप्ता पिछले 4 सालों से लगातार फरार चल रहा है, लेकिन उसकी पत्नी सुमन गुप्ता उसके काले कारनामों की न केवल राजदार थी, बल्कि पूरे गिरोह को वित्तीय मदद भी पहुंचा रही थी।

​सुमन लगातार अपने पति के संपर्क में थी। जब 27 जून को गिरोह के तीन सदस्य पकड़े गए, तो सुमन ने तुरंत बिजेंद्र को फोन घुमाया और अलर्ट करते हुए कहा था—“अभी पटना मत आना।” 

बिजेंद्र गुप्ता की बेनामी संपत्तियों का जाल:
├── दिल्ली में आलीशान फ्लैट
├── पटना में लग्जरी मकान
└── भूतनाथ रोड (पटना) में सुमन गुप्ता का 'VVIP ब्यूटी स्टूडियो' (लाखों का निवेश)

बेटी के जन्मदिन पर बिखर गए सारे इंतजाम

​1 जुलाई को बिजेंद्र की छोटी बेटी का जन्मदिन था। मूल रूप से समस्तीपुर के विद्यापतिनगर (शेरपुर) के रहने वाले इस परिवार ने पटना के फ्लैट के बाहर बकायदा टेंट और शामियाना लगवा रखा था, क्योंकि बिजेंद्र ने अपनी बेटी से घर आने का वादा किया था। लेकिन पुलिस की दबिश के बाद मंगलवार सुबह जब हलवाई और कैटरर पहुंचे, तो फ्लैट पर ताला लटका देख उन्हें मजबूरन टेंट उखाड़कर वापस लौटना पड़ा।

​कार पर बाइक का नंबर: ऐसे हुआ फर्जीवाड़ा

​गिरफ्तार आरोपियों के पास से पुलिस ने महाराष्ट्र TET प्रश्नपत्रों के 4 सेटों के अलावा, 25.50 लाख रुपये के कई चेक और एक मारुति अर्टिगा कार ज़ब्त की है। जांच में पता चला कि आरोपी इसी अर्टिगा कार से दिल्ली से आगरा (पेपर कलेक्ट करने) गए और फिर वहीं से मुंबई पहुंचे थे।

​가장 हैरान करने वाली बात यह है कि इस लग्जरी कार पर जो नंबर प्लेट लगी थी, वह असल में पटना की एक हंटर बाइक की है। मुंबई पुलिस ने अब पटना पुलिस से इस बाइक के मालिक का पूरा विवरण मांगा है।

​ओडिशा से लेकर मध्य प्रदेश तक फैला है नेटवर्क

​यह कोई पहला मौका नहीं है जब बिजेंद्र गुप्ता का नाम किसी बड़े घोटाले में आया हो। वह साल 2023 के ओडिशा जेई (JE) पेपर लीक मामले में भी मुख्य आरोपी था, जिसमें उसका साला साल 2025 में समस्तीपुर से दबोचा गया था। बिजेंद्र के खिलाफ बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और ओडिशा में कई गंभीर मामले दर्ज हैं।

​वहीं, इस गिरोह का दूसरा बड़ा चेहरा राजीव शाह है। भोजपुर का रहने वाला राजीव पहले बैंकों में काम करता था, फिर पटना आकर जमीन की दलाली करने लगा और इसी दौरान बिजेंद्र के संपर्क में आया। बोरिंग रोड पर दो फ्लैट्स का मालिक राजीव कोई छोटा-मोटा मोहरा नहीं है; वह साल 2010 में भोजपुर के संदेश विधानसभा क्षेत्र से बकायदा विधानसभा चुनाव भी लड़ चुका है

​फिलहाल, पुलिस बिजेंद्र गुप्ता और उसके सोनीपत (हरियाणा) निवासी खास सहयोगी कपिल दहिया की तलाश में ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही है, जो भिवंडी के एक होटल से पुलिस की भनक लगते ही फ्लाइट पकड़कर दिल्ली फरार हो गया था। पुलिस उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी करने की तैयारी में है।

Prabhanjan

verifiedHead Teacher and Educational Content Writer

Expertise: MA, D.El.Ed

Head Teacher in Primary School Bihar

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