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Updated information regarding this news story (इस न्यूज़ (खबर) की अपडेटेड जानकारी): बिहार में खुलेंगे ‘गुरुकुलम विद्यापीठ’, बक्सर से होगी शुरुआत
auto_awesome एक नज़र में (Major Highlights)
▪️कीड़े वाला मध्याह्न भोजन (मिड-डे मील) खाने के बाद फूड प्वाइजनिंग (विषाक्त भोजन) के कारण 84 स्कूली बच्चे गंभीर रूप से बीमार हो गए।
▪️यह खबर मंगलवार, पकरैल पंचायत, गोगरी प्रखंड, खगड़िया जिला, बिहार।
▪️एमडीएम (MDM) प्रभारी, बीडीओ (BDO) और चिकित्सा पदाधिकारी (Medical Officer) वाली 3 सदस्यीय समिति लापरवाह कर्मचारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई तय करने के लिए अपनी जांच रिपोर्ट सौंपेगी।

गोगरी के प्राथमिक विद्यालय की घटना, 30 बच्चे अनुमंडलीय अस्पताल में कराए गए भर्ती; जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित।
चौरासी स्कूली बच्चे एक साथ फूड प्वाइजनिंग का शिकार हो गए। बिहार के खगड़िया जिले के गोगरी प्रखंड में मंगलवार को मध्याह्न भोजन (मिड-डे मील) खाने के तुरंत बाद यह बड़ा हादसा हुआ, जिसके बाद स्कूल परिसर से लेकर अस्पताल तक अफरा-तफरी मच गई।
पकरैल पंचायत स्थित प्राथमिक विद्यालय सुखदेव सुमन साह लेवा (विजेंद्र बासा लेवा) में उस दिन कुल 106 छात्र नामांकित थे, जिनमें से 84 बच्चे उपस्थित थे। मध्याह्न भोजन करने के बाद सभी 84 बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। इनमें से गंभीर रूप से बीमार 30 बच्चों को आनन-फानन में गोगरी अनुमंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जबकि शेष 54 बच्चों का प्राथमिक उपचार स्कूल परिसर में ही स्थानीय डॉक्टरों की मदद से किया गया।
बच्चों को दोपहर के भोजन में चावल के साथ आलू-सोयाबीन की सब्जी परोसी गई थी। स्थानीय ग्रामीणों और अभिभावकों का आरोप है कि परोसी गई सब्जी में कीड़ा था, जिसे अनदेखा कर बच्चों को खिला दिया गया। भोजन करने के कुछ ही देर बाद बच्चों को लगातार उल्टी, पेट दर्द और तेज घबराहट की शिकायत होने लगी। देखते ही देखते दर्जनों बच्चे निढाल होने लगे, जिससे शिक्षकों और रसोइयों के हाथ-पांव फूल गए।
घटना की भनक लगते ही प्रशासनिक महकमा तुरंत अलर्ट मोड पर आ गया। गोगरी के एसडीओ संजय कुमार, प्रभारी एसडीपीओ निशांत गौरव, जिला एमडीएम प्रभारी आकांक्षा कुमारी (चौधरी), गोगरी बीडीओ रघुनंदन आनंद और महेशखूंट थानाध्यक्ष मिथलेश कुमार दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। प्रशासनिक अधिकारियों ने अस्पताल जाकर बच्चों का हालचाल जाना और परिजनों को ढांढस बंधाया।
”जांच कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर जो भी कर्मचारी या अधिकारी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कानूनी और विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी,” गोगरी एसडीओ संजय कुमार ने अस्पताल में निरीक्षण के दौरान कहा।
अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. चंद्रप्रकाश ने बताया कि डॉक्टरों की विशेष टीम ने मुस्तैदी से सभी बच्चों का इलाज किया। स्थिति नियंत्रण में आने और स्वास्थ्य में सुधार होने के बाद रात करीब आठ बजे सभी बच्चों को अस्पताल से सुरक्षित घर भेज दिया गया है।
दूसरी ओर, मामले की जांच के लिए फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीम भी तुरंत स्कूल पहुंची। शुरुआत में जांच टीम को स्कूल से एमडीएम का सैंपल नहीं मिल सका था, जिस पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों ने बाद में बचे हुए भोजन को सील कर सुरक्षित रखवाया और उसे जांच के लिए भेजा।
इस पूरे मामले में स्कूल प्रशासन और रसोइयों की घोर लापरवाही सामने आ रही है। स्कूल की प्रधान शिक्षिका रिजवाना यासमीन ने स्वीकार किया कि भोजन विद्यालय परिसर में ही तैयार होता है। खाना बनाते समय रसोइयों ने ध्यान नहीं दिया होगा, जिसके कारण यह दूषित खाना बच्चों को परोस दिया गया। जिला एमडीएम प्रभारी आकांक्षा कुमारी ने भी इसे गंभीर प्रशासनिक चूक मानते हुए हेडमास्टर और रसोइया की जवाबदेही तय करने की बात कही है। एसडीओ द्वारा गठित तीन सदस्यीय जांच कमेटी में एमडीएम प्रभारी, बीडीओ और अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को शामिल किया गया है, जो जल्द ही अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे।