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Updated information regarding this news story (इस न्यूज़ (खबर) की अपडेटेड जानकारी): बिहार में BPSC TRE 4.0 भर्ती की तैयारी तेज, अगस्त के पहले हफ्ते में आ सकती है वैकेंसी
auto_awesome एक नज़र में (Major Highlights)
▪️खगड़िया में 18 महिला शिक्षिकाएं सेवामुक्त।
▪️सभी शिक्षिकाएं बिहार के बाहर की निवासी थीं।
▪️TET/CTET में 60% पात्रता अंक पूरे नहीं मिले।
▪️DEO के आदेश पर तत्काल प्रभाव से कार्रवाई।
▪️विभाग दस्तावेज और पात्रता की जांच जारी रखे हुए है।

शिक्षा विभाग की जांच में BPSC TRE से नियुक्त शिक्षकों के लिए अहम खबर है। खगड़िया में 18 महिला शिक्षिकाओं को TET/CTET पात्रता मानदंड पूरे नहीं करने पर तत्काल प्रभाव से सेवामुक्त कर दिया गया है।
बिहार में BPSC TRE के माध्यम से नियुक्त शिक्षकों की पात्रता और दस्तावेजों की जांच लगातार जारी है। इसी क्रम में खगड़िया जिले में 18 महिला शिक्षिकाओं को सेवामुक्त किए जाने की कार्रवाई सामने आई है। जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) अमरेंद्र कुमार गोंड द्वारा जारी आदेश के अनुसार, जांच में संबंधित शिक्षिकाएं निर्धारित पात्रता मानदंडों को पूरा नहीं कर पाईं।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सेवामुक्त की गई सभी शिक्षिकाएं बिहार से बाहर के राज्यों की निवासी थीं। इनमें 17 शिक्षिकाएं उत्तर प्रदेश और एक शिक्षिका राजस्थान की बताई गई हैं।
क्यों हुई कार्रवाई?
जारी आदेश के अनुसार, बिहार से बाहर के सामान्य वर्ग (General Category) के अभ्यर्थियों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET/CTET) में न्यूनतम 60 प्रतिशत अंक यानी 90 अंक प्राप्त करना अनिवार्य है।
जांच के दौरान पाया गया कि संबंधित 18 महिला शिक्षिकाओं के TET/CTET प्राप्तांक निर्धारित 60 प्रतिशत की पात्रता सीमा से कम थे। इसी आधार पर विभाग ने उन्हें तत्काल प्रभाव से सेवामुक्त कर दिया।
BPSC TRE शिक्षकों के लिए क्या है संदेश?
खगड़िया की इस कार्रवाई ने संकेत दिया है कि नियुक्ति के बाद भी पात्रता और दस्तावेजों की जांच जारी रह सकती है। शिक्षा विभाग आवेदन के समय दिए गए विवरण और वास्तविक अभिलेखों का मिलान कर रहा है।
विभाग विशेष रूप से TET/CTET प्राप्तांक, मूल दस्तावेजों की सत्यता तथा ग्रेजुएशन एवं B.Ed./D.El.Ed. के विषय संयोजन (Subject Combination) की जांच कर रहा है।
किन बिंदुओं पर हो रही है स्क्रूटनी?
- TET/CTET में निर्धारित न्यूनतम प्राप्तांक।
- आवेदन पत्र और मूल प्रमाणपत्रों का मिलान।
- विश्वविद्यालय एवं बोर्ड अभिलेखों का सत्यापन।
- विषय संयोजन (Subject Combination) की वैधता।
- चयन प्रक्रिया में प्रस्तुत दस्तावेजों की शुद्धता।
आगे क्या?
फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार कार्रवाई खगड़िया जिले से संबंधित है। इस मामले में विभाग की ओर से किसी व्यापक राज्यस्तरीय समीक्षा या अतिरिक्त कार्रवाई को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा सार्वजनिक नहीं की गई है। आगे की जानकारी आधिकारिक पुष्टि के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।