auto_awesome एक नज़र में (Major Highlights)
▪️BPSC TRE-4 शिक्षक बहाली में तेजी। 25 जुलाई तक अधियाचना भेजने का निर्देश; अगस्त में नोटिफिकेशन संभावित।
▪️इस नीतिगत कदम से TRE-4 वैकेंसी का इंतज़ार कर रहे लाखों शिक्षक अभ्यर्थियों को राहत मिलेगी।

शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने अधिकारियों को 25 जुलाई तक बीपीएससी को अधियाचना भेजने का सख्त निर्देश दिया है; जनता के आवेदनों का निपटारा अब 30 दिन में होगा।
बिहार में चौथे चरण की शिक्षक नियुक्ति (BPSC TRE-4) का विज्ञापन अगस्त के पहले सप्ताह में जारी होने की प्रबल संभावना है। मंगलवार को पटना में शिक्षा विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने अधिकारियों को 25 जुलाई तक हर हाल में बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) को अधियाचना (requisition) भेजने का स्पष्ट निर्देश दिया है।
इस अहम फैसले से राज्य के लाखों शिक्षक अभ्यर्थियों का इंतज़ार जल्द खत्म होगा।
समीक्षा बैठक के दौरान कामकाज की गति और टीम वर्क की संस्कृति पर विशेष ज़ोर दिया गया। जनता की शिकायतों को लेकर मंत्री तिवारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि विभाग के सभी कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरे किए जाएं, और जनता से प्राप्त आवेदनों का अधिकतम 30 कार्यदिवस के भीतर निष्पादन सुनिश्चित किया जाए।
मॉडल स्कूलों में 4 लाख नामांकन और नई कोचिंग नीति
टीआरई-4 की तैयारियों के अतिरिक्त, इस बैठक में राज्य की शिक्षा प्रणाली से जुड़े कई अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों की भी विस्तृत समीक्षा की गई। अधिकारियों ने डाटा पेश करते हुए बताया कि राज्य के सभी प्रखंडों में विकसित किए जा रहे मॉडल स्कूलों में अब तक चार लाख से अधिक बच्चों का नामांकन हो चुका है।
इस विषय पर अगले सोमवार को एक विशेष बैठक आयोजित की जाएगी। इसमें अन्य राज्यों के मॉडल स्कूलों की कार्यप्रणाली का गहन अध्ययन किया जाएगा। इसके अलावा, शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि कोटा और सीकर जैसे प्रमुख शिक्षा केंद्रों की तर्ज़ पर बिहार के लिए भी एक समग्र कोचिंग नीति (Comprehensive Coaching Policy) तैयार की जाएगी, ताकि राज्य के छात्रों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
APAAR ID न बनाने वाले स्कूलों पर गिरेगी गाज
शिक्षा व्यवस्था में गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही तय करने के लिए विभाग लगातार सुधारात्मक कदम उठा रहा है। अपार आईडी (APAAR ID) निर्माण का लक्ष्य पूरा नहीं करने वाले सरकारी और निजी विद्यालयों को सख्त चेतावनी दी गई है; कार्रवाई करते हुए उन्हें मिलने वाली राशि रोकने का सीधा निर्देश जारी किया गया है। साथ ही, ई-शिक्षा कोष की व्यवस्था को दुरुस्त करने और निधियों के दुरुपयोग की जांच के भी आदेश दिए गए हैं।
”सभी BEO और DEO प्रत्येक माह एक दिन गांव में रहकर अभिभावकों से संवाद करेंगे और विद्यालयों से संबंधित फीडबैक प्राप्त करेंगे” , मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए यह बात कही।
सिमुलतला आवासीय विद्यालय में व्याप्त अनियमितताओं को दूर करने और मदरसा बोर्ड को नए भवन में स्थानांतरित करने पर भी अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। राज्य में शिक्षा सुधार और नवाचार पर आगे की चर्चा के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की एक टीम अगले सप्ताह बिहार का दौरा करेगी। कुल रिक्त पदों की सटीक संख्या अभी आधिकारिक तौर पर जारी नहीं की गई है।