बिहार में तृतीय-चतुर्थ सक्षमता परीक्षा पास शिक्षकों की नियुक्ति तेज, 15 जुलाई से मिलेंगे पत्र

schedule 2 min read
SHARE

auto_awesome एक नज़र में (Major Highlights)

▪️बिहार शिक्षा विभाग ने तृतीय और चतुर्थ क्षमता परीक्षा पास शिक्षकों की विशिष्ट शिक्षक के पद पर नियुक्ति प्रक्रिया तेज कर दी है।
▪️काउंसलिंग की तिथियां 18-19 मई और 26 मई 2026 निर्धारित थीं।
▪️8 से 10 जुलाई 2026 के बीच सॉफ्टवेयर के माध्यम से डिजिटल हस्ताक्षर वाले प्रोविजनल नियुक्ति पत्र जारी होंगे।
▪️शिक्षक 20 से 25 जुलाई 2026 के बीच विशिष्ट शिक्षक के रूप में योगदान देंगे, जिससे उन्हें नए वेतन और सेवा लाभ मिलेंगे।

बिहार शिक्षा विभाग ने तृतीय एवं चतुर्थ सक्षमता परीक्षा उत्तीर्ण कर चुके स्थानीय निकाय शिक्षकों को ‘विशिष्ट शिक्षक’ के पद पर नियुक्त करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। जिन शिक्षकों ने द्वितीय चरण की काउंसलिंग 18-19 मई और 26 मई 2026 को सफलतापूर्वक पूरी कर ली है, उनके लिए पदस्थापन का रास्ता अब पूरी तरह से साफ हो गया है। प्राथमिक शिक्षा निदेशक कुमार निशांत विवेक ने शनिवार को सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों (DEO) को इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए, ताकि प्रक्रिया में कोई देरी न हो।

​यह पूरी नियुक्ति प्रक्रिया बिहार विद्यालय विशिष्ट शिक्षक (संशोधन) नियमावली, 2024 के प्रावधानों के तहत लागू की जा रही है।

​तय कार्यक्रम के अनुसार, सबसे पहले 8 जुलाई से 10 जुलाई 2026 के बीच विभागीय सॉफ्टवेयर (Departmental Software) के माध्यम से डिजिटल हस्ताक्षर (Digital Signature) के साथ प्रोविजनल (औपबंधिक) नियुक्ति पत्र जारी किए जाएंगे। इसके प्रिंट होने के बाद 11 जुलाई 2026 से विद्यालय पदस्थापन पत्र और प्रारूप योगदान पत्र (Joining Letter) भी सॉफ्टवेयर पर उपलब्ध करा दिए जाएंगे।

​उसी विद्यालय में होगा पदस्थापन

​जिला स्तर पर चयनित अभ्यर्थियों को हार्ड कॉपी में ये सभी जरूरी पत्र 15 जुलाई से 18 जुलाई 2026 के बीच सौंपे जाएंगे। विभाग ने यह स्पष्ट कर दिया है कि संबंधित DEO शिक्षकों को उसी विद्यालय में पदस्थापित करेंगे, जहां वे वर्तमान में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

​कागजी कार्रवाई खत्म होने के बाद, शिक्षक 20 जुलाई से 25 जुलाई 2026 के बीच अपने संबंधित विद्यालयों में ‘विशिष्ट शिक्षक’ के रूप में आधिकारिक योगदान (Joining) देंगे।

​योगदान के दिन से बदल जाएंगे सेवा नियम

​जिस दिन कोई भी शिक्षक इस नए पद पर स्कूल में योगदान देगा, उसी दिन से उसे पुराने स्थानीय निकाय शिक्षक के पद से स्वतः रिलीव (विरमित) मान लिया जाएगा। इसके साथ ही, योगदान की तिथि से ही शिक्षकों को विशिष्ट शिक्षक के रूप में नया वेतनमान और अन्य सर्विस बेनिफिट्स (Service Benefits) का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा।

Prabhanjan

verifiedHead Teacher and Educational Content Writer

Expertise: MA, D.El.Ed

Head Teacher in Primary School Bihar

SHARE

Recommended Reading

Join
Telegram