auto_awesome एक नज़र में (Major Highlights)
▪️कैमूर के शिक्षक सुमित कुमार ने 'मैजिक बोर्ड कैलकुलेटर' नामक एक बहुउद्देशीय शिक्षण सामग्री विकसित की है।
▪️इस उत्कृष्ट नवाचार के लिए सुमित कुमार को वर्ष 2025 और 2026 में जिला व राज्य स्तर पर सम्मानित किया गया है।
▪️यह कम लागत वाला बोर्ड NEP-2020 के अनुरूप है, जो बच्चों के मन से गणित का डर दूर करता है और लूडो/सांप-सीढ़ी जैसे खेलों के जरिये तार्किक क्षमता बढ़ाता है।

भभुआ के शिक्षक सुमित कुमार का यह नवाचार लूडो और सांप-सीढ़ी के जरिये बच्चों को गणित, भाषा और सामान्य ज्ञान सिखा रहा है।
कैमूर के भभुआ नगर में कक्षा एक से आठ तक के छात्रों के लिए गणित अब डर का विषय नहीं रहा। नवाचारी शिक्षक सुमित कुमार ने सरकारी विद्यालयों के बच्चों के लिए ‘मैजिक बोर्ड कैलकुलेटर’ नामक एक बहुउद्देशीय शिक्षण-अधिगम सामग्री विकसित की है। इसके जरिये बच्चे खेल-खेल में जटिल गणनाएं और अन्य विषय आसानी से सीख रहे हैं।
यह नवाचार महान गणितज्ञ जॉन नेपियर की “नेपियर बोन्स” अवधारणा से प्रेरित है। इसे आधुनिक कक्षा शिक्षण के अनुरूप एक सरल और आकर्षक स्वरूप दिया गया है। छात्र इसकी सहायता से केवल जोड़-घटाव ही नहीं, बल्कि गुणा, भाग, वर्गमूल, घनमूल, और लघुत्तम समापवर्त्य (LCM) जैसी अवधारणाएं गतिविधियों के माध्यम से समझ रहे हैं। इसके अलावा गुणनखंड, गुणक, क्षेत्रफल, समय, सममिति (Symmetry), ज्यामितीय आकृतियां और कैलेंडर का ज्ञान भी इसी बोर्ड से दिया जा रहा है।
इस नवाचार का सबसे आकर्षक हिस्सा इसका “फन जोन” है।
इस जोन में लूडो और सांप-सीढ़ी जैसे पारंपरिक खेलों का इस्तेमाल किया गया है। फन जोन के माध्यम से छात्रों को हिंदी वर्णमाला, अंग्रेजी शब्द, रंगों की पहचान, सामान्य ज्ञान तथा स्वास्थ्य व स्वच्छता संबंधी जानकारियां दी जाती हैं। इस पहल से बच्चों में तार्किक सोच, विश्लेषण क्षमता, समस्या समाधान कौशल और आत्मविश्वास का तेजी से विकास हो रहा है। शिक्षक सुमित कुमार ने अपने इस मॉडल पर बात करते हुए कहा: “इस नवाचार का उद्देश्य बच्चों के मन से गणित का भय दूर कर सीखने की प्रक्रिया को आनंददायक, सहज व प्रभावी बनाना है।”
NEP 2020 का व्यावहारिक मॉडल और राजकीय सम्मान
कम लागत में तैयार होने के कारण इस मैजिक बोर्ड को किसी भी विद्यालय में आसानी से उपयोग किया जा सकता है। दरअसल, यह शिक्षण सामग्री नई शिक्षा नीति-2020 के अनुभवात्मक, खेल-आधारित व दक्षता-आधारित शिक्षण की अवधारणा को सीधे तौर पर व्यावहारिक रूप देती है।
इस अभिनव शिक्षण सामग्री के निर्माण और शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट नवाचार के लिए सुमित कुमार को वर्ष 2025 और 2026 में जिला तथा राज्य स्तर पर सम्मानित किया जा चुका है।