auto_awesome एक नज़र में (Major Highlights)
▪️कैमूर के DEO ने 'समय शिक्षा' कैलेंडर के तहत शिक्षकों और कक्षा की गतिविधियों की गूगल फॉर्म (Google Forms) के जरिए दैनिक ऑनलाइन मॉनिटरिंग अनिवार्य कर दी है।
▪️'नेक्स्टजेन कैमूर' (NextGen Kaimur) योजना, जो विशेष रूप से कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों के लिए है।
▪️इससे सरकारी स्कूलों में सख्त जवाबदेही तय होगी। साथ ही, 'करियर मित्र' और 'संगायन' (कला और खेल) जैसी नई योजनाओं के जरिए छात्रों के सर्वांगीण विकास पर जोर दिया जाएगा।
▪️जिला और प्रखंड स्तर के मॉनिटरिंग सेल प्रतिदिन अपलोड किए गए डेटा पर नजर रखेंगे। आदेश का पालन न करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

डीईओ ने ‘समय शिक्षा अभियान’ के तहत वर्ष 2026-27 का नया कैलेंडर जारी किया; संगीत, खेल और साइबर सुरक्षा पर रहेगा विशेष जोर।
कैमूर जिले के सरकारी माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों की दिनचर्या अब पूरी तरह से बदलने वाली है। कक्षा में किस शिक्षक ने कितनी घंटी पढ़ाई, कौन सा पाठ पढ़ाया, और छात्रों की सहभागिता कैसी रही—इन सभी बातों का ब्यौरा अब केवल रजिस्टर में नहीं, बल्कि प्रतिदिन एक ऑनलाइन ‘गूगल फॉर्म’ (Google Form) पर दर्ज करना होगा। यह कोई मामूली फेरबदल नहीं है, बल्कि जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) द्वारा ‘समय शिक्षा’ (Samay Shiksha) अभियान के तहत शुरू की गई एक नई डिजिटल व्यवस्था है, जिसका उद्देश्य जिले की शिक्षा प्रणाली को पारदर्शी और अधिक परिणामोन्मुखी बनाना है।
नई व्यवस्था के तहत, शिक्षकों को केवल डेटा ही नहीं, बल्कि विद्यालय में होने वाली गतिविधियों की एक-दो तस्वीरें भी प्रतिदिन ऑनलाइन अपलोड करनी होंगी।
क्या है ‘समय शिक्षा’ का नया वार्षिक कैलेंडर?
शैक्षणिक वर्ष 2026-27 के लिए जारी किए गए इस व्यापक गतिविधि कैलेंडर में हर दिन का रूट-मैप तैयार किया गया है। अब विद्यालयों में पढ़ाई केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रहेगी। विभाग की ओर से स्पष्ट निर्देश है कि यह कार्ययोजना महज एक प्रशासनिक आदेश नहीं, बल्कि सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था में बदलाव का एक बड़ा रोडमैप है।
इस योजना को जमीन पर उतारने के लिए जिला और प्रखंड स्तर पर ‘अनुश्रवण कोषांग’ (Monitoring Cell) का गठन किया जाएगा। इन कोषांगों की कमान सीधे डीईओ और प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों (BEO) के हाथ में होगी, जो समय-समय पर समीक्षा बैठकें आयोजित करेंगे।
‘नेक्स्टजेन कैमूर’ और ‘करियर मित्र’ जैसी नई पहल
इस पूरी कवायद का सबसे मजबूत पहलू विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर इसका फोकस है। कैलेंडर के अनुसार, अब हर दिन की शुरुआत ‘कैमूर चेतना सत्र’ (Kaimur Chetna Satra) से होगी। इस सत्र में छात्रों को नैतिक शिक्षा, सामान्य ज्ञान, और सकारात्मक सोच से जुड़े प्रसंग सुनाए जाएंगे।
कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए ‘नेक्स्टजेन कैमूर’ (NextGen Kaimur) के तहत अध्ययन सामग्री का नियमित उपयोग अनिवार्य कर दिया गया है। इसके अलावा, प्रत्येक विद्यालय में एक शिक्षक को ‘करियर मित्र’ (Career Mitra) बनाया जाएगा। यह शिक्षक छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं, उच्च शिक्षा और रोजगार के लिए उचित मार्गदर्शन देंगे।
कला और खेल जगत की प्रतिभाओं को निखारने के लिए भी स्पष्ट रूपरेखा खींची गई है। ‘संगायन’ (Sangayan) योजना के जरिए संगीत व ललित कला की नियमित गतिविधियां संचालित होंगी, जबकि ‘स्कूलिंग टू एक्सीलेंस’ (Schooling to Excellence) कार्यक्रम के माध्यम से खेल-कूद को बढ़ावा दिया जाएगा। साथ ही, बढ़ते डिजिटल खतरों को देखते हुए स्कूलों में साइबर सुरक्षा (Cyber Security) पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जिला कार्यालय की ओर से यूट्यूब के माध्यम से लाइव प्रशिक्षण व संवाद भी आयोजित किए जाने की योजना है।
अनुपालन में कमी या लापरवाही बरतने वालों पर अब सीधी कार्रवाई होगी। जिला स्तर से होने वाली इस दैनिक मॉनिटरिंग ने यह साफ कर दिया है कि कैमूर के स्कूलों में अब हर दिन जवाबदेही का दिन होगा।