EPFO का आदेश: 8 करोड़ सदस्यों के खाते में एक हफ्ते में आएगा 8.25% ब्याज

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auto_awesome एक नज़र में (Major Highlights)

▪️EPFO ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ईपीएफ खातों में 8.25 प्रतिशत ब्याज ट्रांसफर करने का आधिकारिक आदेश जारी किया है।
▪️बुधवार को नई दिल्ली (EPFO मुख्यालय) से आदेश जारी किया गया।
▪️8.25% की ब्याज दर से देश के करीब 8 करोड़ पीएफ खाताधारकों को सीधा लाभ मिलेगा।
▪️श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के 17 जून 2026 के पत्र के आधार पर केंद्र सरकार ने ईपीएफ योजना 1952 के तहत इसे मंजूरी दी है।
▪️सभी क्षेत्रीय और जोनल ईपीएफ कार्यालयों को एक सप्ताह के भीतर पात्र सदस्यों के खातों में ब्याज राशि जमा कराने का निर्देश दिया गया है।

EPFO ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 8.25% ब्याज ट्रांसफर करने का आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है। जानिए कब तक आपके खाते में आएगी रकम और किसे मिलेगा इसका सीधा लाभ।

श्रम मंत्रालय की अंतिम मंजूरी के बाद ईपीएफओ मुख्यालय ने सभी जोनल और क्षेत्रीय कार्यालयों को तुरंत राशि ट्रांसफर करने के निर्देश दिए।`

विशेष संवाददाता, नई दिल्ली

​करीब 8 करोड़ नौकरीपेशा कर्मचारियों के लिए वित्तीय मोर्चे पर बड़ी खुशखबरी आई है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ईपीएफ खातों पर 8.25 प्रतिशत की दर से ब्याज देने का आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है। नई दिल्ली स्थित मुख्यालय से बुधवार को जारी इस फैसले के बाद उम्मीद है कि आने वाले एक सप्ताह के भीतर देश के सभी पात्र सदस्यों के खातों में ब्याज की राशि सीधे क्रेडिट कर दी जाएगी।

​श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने कर्मचारी भविष्य निधि योजना 1952 के प्रावधानों के तहत इस दर को अंतिम मंजूरी दी है। केंद्र सरकार से हरी झंडी मिलने के बाद मंत्रालय ने 17 जून 2026 को एक पत्र जारी कर अपनी सहमति व्यक्त की थी, जिसके आधार पर अब ईपीएफओ ने यह वित्तीय आदेश जारी किया है।

ईपीएफओ आदेश का मुख्य अंश: “देश के सभी क्षेत्रीय और जोनल ईपीएफ कार्यालयों को निर्देशित किया जाता है कि वे आवश्यक कार्रवाई करते हुए सभी पात्र सदस्यों के ईपीएफ खातों में 8.25 प्रतिशत ब्याज जल्द से जल्द जमा कराएं।”

​क्षेत्रीय दफ्तरों को अब युद्ध स्तर पर काम करने के निर्देश दिए गए हैं। इस कदम से उन करोड़ों वेतनभोगी कर्मचारियों को बड़ी राहत मिलेगी जो पिछले काफी समय से अपने पीएफ योगदान पर रिटर्न मिलने का इंतजार कर रहे थे। विभाग के एक आंतरिक सूत्र के अनुसार, इस बार पूरी डिजिटल प्रणाली को अलर्ट पर रखा गया है ताकि बिना किसी तकनीकी गड़बड़ी के ट्रांसफर की प्रक्रिया को सात दिनों के भीतर पूरा किया जा सके।

Siddharth

verifiedManager and Content Writer

Expertise: B.Tech and MBA in IT

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