auto_awesome एक नज़र में (Major Highlights)
▪️बिहार सरकार ने TRE-3 के तहत नियुक्त उन शिक्षकों की सेवा समाप्त करने का आदेश दिया है जिनके पास NIOS से 18 महीने की D.El.Ed डिग्री है।
▪️नियम के अनुसार प्राथमिक शिक्षक भर्ती के लिए न्यूनतम दो वर्षीय डिप्लोमा अनिवार्य है, जिससे 18 महीने वाले शिक्षकों की नियुक्ति अवैध मानी गई है।
▪️TRE-3 के माध्यम से सरकारी नौकरी पाने वाले सैकड़ों शिक्षकों की सेवा इस आदेश के बाद पूरी तरह समाप्त हो जाएगी।
▪️जिला शिक्षा पदाधिकारी निर्धारित प्रक्रिया के तहत शिक्षकों को हटाकर निदेशालय को रिपोर्ट सौंपेंगे।

प्राथमिक शिक्षा निदेशालय ने सभी DEO को दिया सेवा समाप्ति का निर्देश; मधुबनी में शिक्षकों का शैक्षणिक कार्य तत्काल स्थगित।
बिहार में विज्ञापन संख्या-22/2024 (TRE-3) के तहत नियुक्त उन विद्यालय अध्यापकों के लिए बड़ा झटका लगा है, जिन्होंने राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (NIOS) से 18 महीने का डी.एल.एड. (D.El.Ed) कोर्स किया है। बिहार सरकार के शिक्षा विभाग ने ऐसे सभी शिक्षकों की सेवा निर्धारित प्रक्रिया के तहत समाप्त करने का कड़ा आदेश जारी कर दिया है। इस संबंध में प्राथमिक शिक्षा निदेशालय के निदेशक विक्रम विरकर (IAS) द्वारा सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को आधिकारिक पत्र भेजा गया है।
इस आदेश का असर जमीन पर भी दिखने लगा है। आधिकारिक पत्र, पत्रांक-07/मु0-01-29/2026 के मुताबिक, TRE-3 विज्ञापन की कंडिका-2 B (iv) के अनुसार, मधुबनी के जिला शिक्षा पदाधिकारी ने इस निर्देश के आलोक में जिले के सभी संबंधित शिक्षकों का शैक्षणिक कार्य तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया है।
विज्ञापन संख्या 22/2024 (TRE-3) के नियमों का हवाला
निदेशक विक्रम विरकर द्वारा जारी पत्रांक-07/मु0-01-29/2026 के मुताबिक, TRE-3 विज्ञापन की कंडिका-2 B (iv) में यह पहले ही स्पष्ट कर दिया गया था कि शिक्षा विभाग के पत्रांक-223 (दिनांक 07.12.2023) के आलोक में NIOS द्वारा प्रदत्त 18 महीने की D.El.Ed उपाधि विद्यालय अध्यापक के पद पर नियुक्ति हेतु मान्य नहीं होगी। इसी नियम के आधार पर अब इन शिक्षकों को सेवा से हटाने की कार्रवाई शुरू की गई है।

प्राथमिक शिक्षा निदेशक ने पत्र में साफ निर्देश दिया है: “विज्ञापन संख्या-22/2024 (TRE-3) के तहत नियुक्त NIOS से 18 माह का डी०एल०एड० कोर्स धारण करने वाले विद्यालय अध्यापक की सेवा निर्धारित प्रक्रिया का अनुसरण करते हुए समाप्त करते हुए इसकी सूचना विभाग को शीघ्र उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।”
मधुबनी में तुरंत एक्शन, प्रखंडों से मांगी गई सूची
पटना से जारी इस नीतिगत आदेश के बाद जिला स्तर पर कार्रवाई तेज हो गई है। मधुबनी जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय ने 1 जुलाई 2026 को ज्ञापांक 3142 जारी करते हुए प्रभावित शिक्षकों के स्कूल आने और पढ़ाने पर तुरंत रोक लगा दी है। आदेश की प्रतिलिपि में स्पष्ट कहा गया है कि उक्त पत्र में दिए गए निर्देशों के आलोक में इन शिक्षकों का तत्काल शैक्षणिक कार्य स्थगित किया जाता है।
इसके साथ ही, मधुबनी के सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों (BEO) को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्र के तहत नियुक्त ऐसे विद्यालय अध्यापकों की सूची तैयार करें। उन्हें इन शिक्षकों से संबंधित सभी आवश्यक और सुसंगत कागजात जल्द से जल्द जिला कार्यालय को उपलब्ध कराने होंगे, ताकि सेवा समाप्ति की कानूनी प्रक्रिया को तेजी से पूरा किया जा सके। पूरे राज्य में कुल कितने शिक्षकों की सेवा इसके कारण समाप्त होगी, इसकी आधिकारिक संख्या अभी विभाग द्वारा सार्वजनिक नहीं की गई है।