बिहार शिक्षक तबादला नीति: राष्ट्रीय पुरस्कार विजेताओं को 10 अंक, गंभीर रूप से बीमार शिक्षकों को मिलेगी मनचाही पोस्टिंग

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▪️बिहार शिक्षा विभाग की नई तबादला नीति के तहत शिक्षकों को मनचाही पोस्टिंग के लिए 14 श्रेणियां और उनके आधार पर अंक (Weightage Points) निर्धारित किए गए हैं।
▪️राष्ट्रीय पुरस्कार विजेताओं को 10 अंक, राज्य पुरस्कार पर 5 अंक और गंभीर बीमारी या 80-100% दिव्यांगता पर अधिकतम 20 अंक मिलेंगे।
▪️शिक्षक अब अपनी गंभीर बीमारियों, सामाजिक स्थिति या पुरस्कारों के अंकों के आधार पर ऐच्छिक तबादलों में सर्वोच्च प्राथमिकता पा सकेंगे।

बिहार शिक्षक तबादला नीति: राष्ट्रीय पुरस्कार विजेताओं को 10 अंक, गंभीर रूप से बीमार शिक्षकों को मिलेगी मनचाही पोस्टिंग

​”बिहार में शिक्षकों के ऐच्छिक तबादलों के लिए 14 श्रेणियां तय; बीमारी और दिव्यांगता के आधार पर मिलेंगे अधिकतम 20 अंक।”

दस अतिरिक्त अंक राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों को और पांच अंक राज्य पुरस्कार विजेताओं को देकर बिहार में शिक्षकों की नई तबादला नीति के तहत मनचाही पोस्टिंग का रास्ता साफ कर दिया गया है। पटना से जारी नई नीति के मुताबिक, ऐच्छिक तबादलों को पूरी तरह पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए 14 विभिन्न श्रेणियों के तहत वरीयता अंक तय किए गए हैं। इस पूरी व्यवस्था में गंभीर रूप से बीमार शिक्षकों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का फैसला किया गया है। 

चार स्तरों पर तय हुआ अंकों का गणित

​तबादला प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए अंकों के आधार पर चार तरह की श्रेणियां निर्धारित की गई हैं। इनमें 20 अंक, 15 अंक, 10 अंक और 5 अंकों का स्लैब बनाया गया है। यदि दो या दो से अधिक शिक्षकों के आवेदन में अंक समान हो जाते हैं, तो उनके लिए भी अलग से वरीयता क्रम सुनिश्चित किया गया है।

​वरीयता के इस निर्धारण के लिए कुल तीन कोटियां तय की गई हैं:

  • पहली कोटि: इसमें शिक्षक स्वयं शामिल रहेंगे।
  • दूसरी कोटि: इसमें शिक्षक के पति या पत्नी को रखा गया है।
  • तीसरी कोटि: इसमें 18 वर्ष से कम आयु की आश्रित संतानों को जगह मिली है।

महत्वपूर्ण नोट: आश्रित संतानों को तबादले का यह लाभ केवल तभी मिलेगा, जब वे गंभीर बीमारी वाली कैटेगरी में शामिल हों।

​गंभीर बीमारियों को 6 वर्गों में बांटा, मिलेंगे सर्वाधिक 20 अंक

​तबादला नीति में उन शिक्षकों को सबसे बड़ी राहत दी गई है जो खुद या उनके परिजन किसी गंभीर स्वास्थ्य संकट से जूझ रहे हैं। सरकार ने इन गंभीर बीमारियों को छह अलग-अलग वर्गों में विभाजित किया है। इनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:

  • ​कैंसर और ब्रेन ट्यूमर
  • ​ओपन हार्ट सर्जरी और एट्रियल सेप्टल डिफेक्ट (दिल का छेद) का सुधार
  • ​अंग प्रत्यारोपण (Organ Transplant), एकल किडनी और किडनी ट्रांसप्लांट
  • ​नियमित डायलिसिस पर होना
  • ​प्रमुख न्यूरोसर्जरी, बोन टीबी, अन्य गंभीर टीबी और पक्षाघात (पैरालिसिस)

​यदि शिक्षक स्वयं इन बीमारियों से ग्रसित है तो उसे ट्रांसफर के लिए सीधे 20 अंक मिलेंगे। वहीं, जीवनसाथी (पति/पत्नी) या 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के बीमार होने की स्थिति में 10-10 अंक दिए जाएंगे।

​दिव्यांगता और सामाजिक श्रेणी का वेटेज

दिव्यांगता का प्रतिशतमिलने वाले अंकशामिल विकलांगता प्रकार
80% से 100%20 अंकदृष्टि, अस्थि (हड्डी) या श्रवण बाधिता
60% से 79%15 अंकदृष्टि, अस्थि (हड्डी) या श्रवण बाधिता
40% से 59%10 अंकदृष्टि, अस्थि (हड्डी) या श्रवण बाधिता

शारीरिक रूप से अक्षम शिक्षकों के अलावा सामाजिक परिस्थितियों से जूझ रही महिला शिक्षकों और एकल अभिभावकों के लिए भी नीति संवेदनशील है। विधवा, पति द्वारा परित्यक्ता (तलाकशुदा या अलग रहने वाली) या 40 वर्ष से अधिक आयु की अविवाहित महिला शिक्षकों के साथ-साथ एकल अभिभावक (Single Parent) को भी ऐच्छिक तबादले के आवेदन में 10-10 अंकों की अतिरिक्त वरीयता दी

Ravi Kumar

verifiedHead Teacher and Educational Content Writer

Expertise: MA, D.El.Ed

Head Teacher in Primary School Bihar 13 year of teaching experience in multiple government school of Bihar.

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