​बिहार विधान परिषद का बड़ा आदेश: स्नातक और प्रधानाध्यापक ग्रेड में एक माह के भीतर हो शिक्षकों की प्रोन्नति

updateUpdated: June 26, 2026 at 7:59 am schedule 2 min read
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▪️"स्नातक और प्रधानाध्यापक ग्रेड में एक माह के अंदर प्रोन्नति का दिया आदेश।"
▪️बिहार विधान परिषद की शून्यकाल समिति ने शिक्षा विभाग को वर्ष 2006-2012 के बीच नियुक्त स्थानीय निकाय शिक्षकों को स्नातक और प्रधानाध्यापक ग्रेड में प्रोन्नति देने का निर्देश दिया है।
▪️पटना हाई कोर्ट ने 22 जुलाई 2025 को 3 महीने के भीतर ग्रेड पे और सेवा लाभ देने का आदेश दिया था।
▪️शून्यकाल समिति की बैठक 4 जून 2026 को पटना में आयोजित की गई थी।

Bihar Teacher Promotion: 1 Month Deadline for Graduate & Headmaster Grade

शून्यकाल समिति ने शिक्षा विभाग को जारी किया कड़ा निर्देश; पटना हाई कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए मांगी कार्यान्वयन रिपोर्ट।

​बिहार विधान परिषद की शून्यकाल समिति ने राज्य के शिक्षा विभाग को एक महीने के भीतर पात्र स्थानीय निकाय शिक्षकों को स्नातक और प्रधानाध्यापक ग्रेड में प्रोन्नति देने का कड़ा निर्देश जारी किया है। समिति ने स्पष्ट किया है कि पटना उच्च न्यायालय के पिछले आदेशों के आलोक में अब इस प्रक्रिया को और अधिक लंबित नहीं रखा जाना चाहिए।

​शून्यकाल समिति ने एक माह के भीतर मांगी अनुपालन रिपोर्ट

​बिहार विधान परिषद सचिवालय के उप सचिव मनोज कुमार द्वारा शिक्षा विभाग के सचिव को भेजे गए एक आधिकारिक पत्र के अनुसार, यह निर्णय परिषद के 210वें सत्र के दौरान उठाया गया था। विधान परिषद सदस्य (MLC) वंशीधर ब्रजवासी द्वारा उठाए गए शून्यकाल प्रश्न पर विचार करने के लिए 4 जून 2026 को शून्यकाल समिति की एक विशेष बैठक आयोजित की गई थी।

​इस महत्वपूर्ण बैठक में शिक्षा विभाग के उप निदेशक संजय कुमार चौधरी उपस्थित हुए, जिनके समक्ष मामले से जुड़े सभी तथ्यों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। समिति ने मामले की गंभीरता को देखते हुए शिक्षा विभाग से इस दिशा में तुरंत कार्रवाई करने और वास्तविक स्थिति से अवगत कराने के लिए एक महीने के भीतर कार्यान्वयन प्रतिवेदन (Implementation Report) उपलब्ध कराने को कहा है।

​पटना उच्च न्यायालय के आदेश और नियमावली का दिया हवाला

​मुजफ्फरपुर में शून्यकाल सूचना के माध्यम से सदस्य वंशीधर ब्रजवासी ने बताया कि पटना उच्च न्यायालय ने 22 जुलाई 2025 को एक सुनवाई के दौरान स्पष्ट निर्देश दिया था। हाई कोर्ट ने वर्ष 2006 से 2012 के बीच नियुक्त सभी स्थानीय निकाय शिक्षकों को तीन महीने के भीतर स्नातक ग्रेड शिक्षकों को देय ग्रेड पे (Grade Pay) और अन्य सेवा लाभ प्रदान करने का आदेश दिया था।

​ब्रजवासी ने समिति के समक्ष दलील दी कि ‘बिहार पंचायत प्रारंभिक शिक्षक (नियोजन एवं सेवा शर्त) नियमावली, 2006’ तथा ‘संशोधित नियमावली, 2012’ में स्थानीय निकाय शिक्षकों को प्रोन्नति देने का स्पष्ट प्रावधान पहले से मौजूद है। इसके बावजूद, विभागीय स्तर पर प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण राज्य के हजारों शिक्षकों में गहरा असंतोष व्याप्त है।

Prabhanjan

verifiedHead Teacher and Educational Content Writer

Expertise: MA, D.El.Ed

Head Teacher in Primary School Bihar 13 year of teaching experience in multiple government school of Bihar.

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