​बिहार के स्कूलों में बढ़ेगा डिजिटल इंटरवेंशन, NEP 2020 लागू करने के लिए पटना में 400 अधिकारियों का महामंथन

updateUpdated: August 8, 2026 at 11:27 pm schedule 2 min read
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auto_awesome एक नज़र में (Major Highlights)

◾️बिहार शिक्षा विभाग राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के प्रभावी कार्यान्वयन और डिजिटल इंटरवेंशन के लिए एक एक्शन प्लान तैयार करने हेतु दो दिवसीय कार्यशाला-सह-चिंतन शिविर का आयोजन कर रहा है।
◾️'विकसित भारत 2047' के राष्ट्रीय लक्ष्यों के साथ राज्य के लक्ष्यों को जोड़ने के लिए 400 से अधिक प्रशासनिक अधिकारी इसमें भाग ले रहे हैं।
◾️यह सरकारी स्कूलों में ICT, AI टूल्स, स्मार्ट क्लास और HRMS के एकीकरण को सुव्यवस्थित करेगा, जिसका सीधा असर बिहार में शिक्षा की गुणवत्ता और प्रशासनिक पारदर्शिता पर पड़ेगा।
◾️कार्यशाला के बाद, जिला और प्रखंड स्तर के अधिकारियों को जमीनी स्तर पर लागू करने के लिए एक स्पष्ट और समयबद्ध एक्शन प्लान दिया जाएगा।

​9 और 10 अगस्त को आयोजित इस दो दिवसीय कार्यशाला में स्मार्ट क्लास, ई-शिक्षाकोष और शिक्षक स्थानांतरण नियमावली को लेकर नया एक्शन प्लान तैयार किया जाएगा।

​बिहार में स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के प्रभावी क्रियान्वयन और डिजिटल इंटरवेंशन को जमीनी स्तर पर उतारने के लिए शिक्षा विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। पटना में 9 और 10 अगस्त को राज्य स्तरीय दो दिवसीय कार्यशाला-सह-चिंतन शिविर का आयोजन किया गया है।

​शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी के निर्देश पर हो रहे इस महामंथन में जिला स्तर से लेकर राज्य स्तर तक के 400 से अधिक अधिकारी हिस्सा ले रहे हैं।

​इस कार्यशाला का सीधा लक्ष्य स्पष्ट है। विभाग एक ऐसा एक्शन प्लान तैयार करेगा जिससे कक्षा शिक्षण से लेकर प्रशासनिक प्रबंधन तक में आधुनिक सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (ICT) और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित उपकरणों का उपयोग सुनिश्चित हो सके।

​स्मार्ट क्लास और शिक्षक स्थानांतरण पर फोकस

​अधिकारियों के बीच मुख्य रूप से ई-शिक्षाकोष और एचआरएमएस (HRMS) के एकीकरण पर चर्चा होगी। इसके साथ ही, स्मार्ट क्लास, आईआईटी (IIT) आधारित प्रयोगशालाएं और डिजिटल नवाचार को राज्य के सरकारी स्कूलों में कैसे लागू किया जाए, इस पर रणनीति बनेगी।

​कार्यशाला के एजेंडे में बुनियादी ढांचा और नीतिगत बदलाव भी शामिल हैं। शिक्षक स्थानांतरण नियमावली, विद्यालयों में इंटरनेट सुविधा, सौर ऊर्जा, व्यावसायिक शिक्षा, स्वास्थ्य जांच, पोषण और स्वच्छता जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा होगी। इन बदलावों के माध्यम से राज्य के सरकारी स्कूलों में बच्चों के सीखने के स्तर में गुणात्मक वृद्धि करने की योजना है।

​विकसित भारत 2047 और बिहार की भूमिका

​इस चिंतन शिविर का एक अन्य प्रमुख उद्देश्य क्षेत्रीय और जिला स्तरीय प्रशासकों को ‘विकसित भारत 2047’ के राष्ट्रीय लक्ष्यों के प्रति संवेदनशील बनाना है। इसमें शिक्षा विभाग यह तय करेगा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, समता, समावेशिता और डिजिटल साक्षरता को राज्य की शैक्षणिक नीतियों के साथ कैसे जोड़ा जाए।

​कार्यशाला के समापन के बाद, जिला और प्रखंड स्तर के अधिकारियों के पास लक्ष्यों को लागू करने का एक स्पष्ट एक्शन प्लान होगा। शिक्षा प्रशासक आधुनिक नवाचारों का उपयोग करने में अधिक सक्षम होंगे, जिससे राज्य के विद्यालयों में निर्धारित शैक्षणिक अधिगम परिणामों की संप्राप्ति सुनिश्चित की जा सकेगी।

Siddharth

verifiedManager and Content Writer

Expertise: B.Tech and MBA in IT

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