auto_awesome एक नज़र में (Major Highlights)
◾️ चरण (BPSC TRE 4.0) में 30,000 शिक्षकों की भर्ती के लिए शिक्षा विभाग ने अधियाचना भेजी।
◾️कुल ~30,000 पद (कक्षा 1-5 के लिए 2,500 पद शामिल)।
◾️राज्य में 63,000 सरप्लस शिक्षक होने के बावजूद प्राथमिक भर्ती पर फैला संशय खत्म हुआ।
◾️मुख्यमंत्री की मंजूरी के बाद 2-3 दिनों में BPSC को अधियाचना भेजी जाएगी।

शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी की निगरानी में सामान्य प्रशासन विभाग को भेजी गई अधियाचना; मुख्यमंत्री की मुहर के बाद BPSC को जाएगा प्रस्ताव।
30 हजार—यह वह बहुप्रतीक्षित आंकड़ा है जिसका बिहार के शिक्षक अभ्यर्थी बेसब्री से इंतज़ार कर रहे थे। राज्य के सरकारी स्कूलों में चौथे चरण की शिक्षक बहाली का रास्ता अब साफ हो गया है। शिक्षा विभाग ने सोमवार को सामान्य प्रशासन विभाग को इन 30,000 पदों पर नियुक्ति के लिए अधियाचना (Requisition) भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
सबसे बड़ी राहत प्राथमिक विद्यालय के उम्मीदवारों के लिए है। संशय के बादल पूरी तरह छंट चुके हैं; कक्षा 1 से 5 तक के लिए भी लगभग 2,500 पदों पर वैकेंसी निकाली जाएगी।
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने सोमवार को स्वयं इस पूरी प्रक्रिया की मॉनिटरिंग की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट हिदायत दी कि बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) को प्रस्ताव भेजने के लिए हर हाल में अधियाचना सामान्य प्रशासन विभाग को सौंप दी जाए। मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री की अंतिम स्वीकृति मिलने के बाद यह फाइल BPSC को भेज दी जाएगी, जिस कागजी कार्यवाही में दो से तीन दिन का समय लग सकता है।
कक्षा 1 से 5 की वैकेंसी पर क्यों था संशय?
दरअसल, राज्य में फिलहाल लगभग 63,000 प्राथमिक शिक्षक सरप्लस (अतिरिक्त) हैं, जिनका समायोजन किया जाना बाकी है। इसी भारी भरकम आंकड़े को देखते हुए यह कयास लगाए जा रहे थे कि शायद इस बार 1ली से 5वीं कक्षा के लिए कोई रिक्ति न आए। लेकिन आवश्यकता वाले जिलों को ध्यान में रखते हुए विभाग ने 2,500 पदों पर मुहर लगाई है।
उच्च कक्षाओं के पदों में हो सकता है बदलाव
विश्वस्त सूत्रों की मानें तो कक्षा 6 से 8 के लिए पदों की संख्या उतनी ही रहने के आसार हैं जितनी पहले BPSC को भेजी गई थी। स्थिति माध्यमिक और उच्च माध्यमिक में थोड़ी अलग है।
9वीं-10वीं और 11वीं-12वीं कक्षा के शिक्षकों के पदों की संख्या में पूर्व के प्रस्ताव की तुलना में कटौती देखने को मिल सकती है।