भागलपुर में बाढ़ के बीच भी नहीं रुकेगी पढ़ाई: 207 स्कूलों के 61 हजार बच्चों के लिए शिक्षा विभाग का ‘मिशन 4 घंटे’

updateUpdated: July 14, 2026 at 10:33 pm schedule 3 min read
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auto_awesome एक नज़र में (Major Highlights)

▪️बिहार शिक्षा विभाग ने बाढ़ के दौरान स्कूली बच्चों की पढ़ाई जारी रखने के लिए विशेष शैक्षणिक व्यवस्था और सुरक्षात्मक कदम उठाने शुरू किए हैं।
▪️कुल 207 स्कूल और 61,485 बच्चे बाढ़ से प्रभावित हैं, जिनमें से 59% (36,273 बच्चे) सिर्फ तीन प्रखंडों में हैं। राहत शिविरों में प्रतिदिन 3 से 4 घंटे पढ़ाई होगी।
▪️मानसून के दौरान बाढ़ के कारण हर साल हजारों बच्चों की पढ़ाई हफ्तों तक ठप हो जाती है, जिसे रोकने के लिए यह पहली बार अग्रिम और व्यवस्थित तैयारी की जा रही है।

Bhagalpur Flood Update: भागलपुर में बाढ़ से प्रभावित 207 स्कूलों के 61,485 बच्चों के लिए शिक्षा विभाग ने विशेष गाइडलाइन जारी की है। राहत शिविरों में रोज होगी पढ़ाई। पूरी जानकारी पढ़ें।

61,485 बच्चे और 207 स्कूल—भागलपुर जिले में हर साल मानसून की बाढ़ से प्रभावित होने वाली इस बड़ी छात्र आबादी की पढ़ाई को इस बार ठप नहीं होने दिया जाएगा। बिहार शिक्षा परियोजना परिषद के निदेशक प्रशांत कुमार सीएच के निर्देश के बाद जिला शिक्षा विभाग ने बाढ़ से निपटने की तैयारियां तेज कर दी हैं। राज्य के 15 अति बाढ़ प्रवण जिलों में शामिल भागलपुर में इस बार विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है।

​राहत शिविरों में मनोरंजन के साथ होगी 3 से 4 घंटे पढ़ाई

​बाढ़ के दौरान जिन सरकारी स्कूलों को राहत शिविर (Relief Camps) में तब्दील किया जाता है, वहां के बच्चों के लिए विभाग ने एक वैकल्पिक व्यवस्था तैयार की है। जिला शिक्षा विभाग के आदेशानुसार, इन राहत शिविरों में रहने वाले बच्चों के लिए विशेष रूप से शिक्षकों की तैनाती की जाएगी।

​ये शिक्षक शिविरों में ही प्रतिदिन तीन से चार घंटे तक शैक्षणिक और मनोरंजक गतिविधियां संचालित करेंगे। इसके अलावा, जिन स्कूलों के जलमग्न होने की आशंका है, वहां पढ़ाई जारी रखने के लिए पहले से ही वैकल्पिक स्थानों (Alternative Sites) को चिह्नित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

​”बाढ़ संभावित विद्यालयों में विभाग की गाइडलाइन के अनुसार सभी आवश्यक तैयारियां कराई जा रही हैं। विद्यालयों में जरूरी संसाधन उपलब्ध कराने, अभिलेख सुरक्षित रखने और जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक शिक्षण व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग का प्रयास है कि बाढ़ के दौरान भी बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो।”

शशिचंदन, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, भागलपुर

​इन तीन प्रखंडों में है 59 फीसदी का ‘डेंजर ज़ोन’

​शिक्षा विभाग द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, जिले के कुल प्रभावित बच्चों में से करीब 59 प्रतिशत हिस्सा महज तीन प्रखंडों से आता है। पीरपैंती, नाथनगर और सबौर प्रखंड के 114 विद्यालयों के कुल 36,273 बच्चे हर साल बाढ़ की विभीषिका झेलते हैं। यही कारण है कि प्रशासन इन इलाकों पर विशेष ध्यान केंद्रित कर रहा है।

प्रखंड वार बाढ़ प्रभावित स्कूलों और बच्चों की स्थिति: 

प्रखंड का नामप्रभावित स्कूलप्रभावित बच्चे
पीरपैंती4513,921
नाथनगर4213,870
सबौर278,482
सुल्तानगंज225,181
रंगरा चौक094,389
गोराडीह133,957
नारायणपुर122,898
इस्माइलपुर102,306
कहलगांव072,199
शाहकुंड051,707
गोपालपुर071,704
नगर निगम06584
नवगछिया02287
कुल योग20761,485

खाद्यान्न सुरक्षित रखने और विशेष बच्चों की देखभाल के निर्देश

​जिला शिक्षा पदाधिकारी ने सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों (BEOs) को सख्त हिदायत दी है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों के बाढ़ प्रभावित स्कूलों की पहचान कर वहां के महत्वपूर्ण दस्तावेजों, शिक्षण सामग्रियों और वैज्ञानिक उपकरणों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करें।

​बाढ़ की अवधि के दौरान राहत केंद्रों में बच्चों के पोषण और स्वच्छता का पूरा ख्याल रखा जाएगा। आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि स्कूलों में पर्याप्त मात्रा में खाद्यान्न, गैस सिलेंडर और प्राथमिक चिकित्सा किट (First Aid Kits) हर हाल में उपलब्ध होनी चाहिए। इसके साथ ही, विशेष आवश्यकता वाले दिव्यांग बच्चों (Children with Special Needs) की देखभाल पर भी विशेष रूप से फोकस किया जाएगा।

Siddharth

verifiedManager and Content Writer

Expertise: B.Tech and MBA in IT

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