Bihar BEST App School Inspection PDF
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BEST APP INSPECTION
बिहार शिक्षा विभाग ने BEST+ मोबाइल एप से स्कूलों के निरीक्षण (Inspection) का नया आदेश जारी किया है। BEO, DPO और DEO के लिए हर महीने का टारगेट और नए नियम जानें।
Bihar BEST App School Inspection Order 2026 — पूरी जानकारी हिंदी
बिहार शिक्षा विभाग ने राज्य के सरकारी स्कूलों की निगरानी के लिए BEST+ मोबाइल एप (Bihar Easy School Tracking Plus) के जरिए फिर से रियल-टाइम इंस्पेक्शन (School Inspection) शुरू करने का आदेश जारी कर दिया है। अगर आप बिहार के सरकारी स्कूल में शिक्षक या हेडमास्टर हैं, तो यह नया आदेश (पत्रांक 9/विविध-20/2024-701) आपके लिए बहुत जरूरी है, क्योंकि इसमें शिक्षकों और बच्चों की उपस्थिति को लेकर सख्त नियम बनाए गए हैं।
यह पत्र/अधिसूचना किसने जारी किया?
यह आदेश बिहार सरकार के शिक्षा विभाग की ओर से अपर मुख्य सचिव, डॉ० बी० राजेन्दर ने पत्रांक 9/विविध-20/2024-701 के तहत दिनांक 14 मई 2026 को जारी किया है।
यह किसे संबोधित है?
यह पत्र मुख्य रूप से बिहार के सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों (DEO) को भेजा गया है। इसके साथ ही क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना, माध्यमिक, प्रारंभिक, और मध्याह्न भोजन) और सभी जिला पदाधिकारियों को भी इसकी कॉपी सूचना और कार्रवाई के लिए भेजी गई है।
मुख्य निर्देश एवं नियम क्या हैं?
निरीक्षण का टारगेट और दिन
- शिक्षा विभाग ने हर महीने स्कूलों की जाँच का नया टारगेट तय किया है, जिसमें प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (BEO) को कम से कम 20 प्रारंभिक और 5 माध्यमिक/उच्च माध्यमिक स्कूलों की जाँच करनी होगी।
- जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) को 8 प्रारंभिक और 3 माध्यमिक स्कूल देखने होंगे, जबकि DPO को हर महीने 10 प्रारंभिक और 4 माध्यमिक स्कूलों का इंस्पेक्शन करना होगा।
- निरीक्षण का मुख्य दिन बुधवार और गुरुवार तय किया गया है, हालांकि अधिकारी बाकी दिनों में भी जाँच कर सकते हैं।
- यह लगातार होने वाला इंस्पेक्शन 21 मई 2026 से BEST मोबाइल एप के जरिए अनिवार्य रूप से शुरू हो जाएगा।
एप इस्तेमाल और लॉगिन का तरीका
- BEST एप में लॉगिन करने के लिए अधिकारियों का User ID और Password बिल्कुल वही रहेगा, जिसका इस्तेमाल वे ई-शिक्षाकोष (e-Shikshakosh) पर करते हैं।
- इसके लिए Google Play Store से e-Shikshakosh एप डाउनलोड करना होगा और फिर ‘Login BEST’ के विकल्प में जाकर ‘Observation’ शुरू करना होगा।
- जाँच की पूरी रिपोर्ट ई-शिक्षाकोष के वेब पोर्टल (eshikshakosh.bihar.in) पर बुधवार और शनिवार को उपलब्ध करा दी जाएगी।
अनुपस्थिति और कार्रवाई के कड़े नियम
- अगर जाँच के दौरान स्कूल समय से पहले बंद या देरी से खुलता है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी हेडमास्टर (प्रधानाध्यापक) की होगी और उन पर नियम के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
- अगर इंस्पेक्शन वाले दिन स्कूल में बच्चों की उपस्थिति 60% से कम मिलती है, तो शिक्षकों और हेडमास्टर को अभिभावकों से बात करके इसे 75% से ऊपर ले जाने की जिम्मेदारी उठानी होगी।
- अगर कोई शिक्षक बिना सूचना दिए गायब मिलता है या सिर्फ ऑनलाइन हाजिरी बनाकर स्कूल से बाहर रहता है, तो जाँच अधिकारी खुद उपस्थिति रजिस्टर में उन्हें ‘अनुपस्थित’ दर्ज कर देंगे और उस दिन की सैलरी रोक दी जाएगी।
- इसके बाद संबंधित DPO द्वारा स्पष्टीकरण माँगा जाएगा, और जवाब संतोषजनक न होने पर सैलरी हमेशा के लिए काटने की अनुशंसा भी की जा सकती है।
निष्कर्ष
इस बात को ध्यान में रखते हुए, शिक्षा विभाग का यह नया आदेश स्कूलों में अनुशासन और हाजिरी को सख्ती से लागू करने के लिए लाया गया है। अब अधिकारियों को BEST App के माध्यम से ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर रियल-टाइम डेटा भेजना होगा, जिससे स्कूलों की कार्यप्रणाली में पूरी पारदर्शिता आएगी।