बिहार शिक्षक अवकाश SOP: ई-शिक्षाकोष छुट्टी नियम व प्रक्रिया
auto_awesome एक नज़र में (Major Highlights)
बिहार शिक्षा विभाग ने शिक्षकों के लिए नई Bihar Teacher Leave SOP 2026 जारी की है। ई-शिक्षाकोष पोर्टल से छुट्टी आवेदन, CL, CCL, मातृत्व अवकाश के नियम व पूरी समय-सीमा जानें।
बिहार के सरकारी स्कूलों में पदस्थापित शिक्षकों के लिए शिक्षा विभाग ने बिहार शिक्षक अवकाश नियम 2026 (Bihar Teacher Leave SOP) के तहत एक व्यापक मानक संचालन प्रक्रिया (Standard Operating Procedure – SOP) लागू कर दी है। इस नए नियम के तहत अब विद्यालय में कार्यरत शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों की हर तरह की छुट्टी का प्रबंधन केवल ई-शिक्षाकोष (e-Shikshakosh) पोर्टल के ‘Leave Module’ के जरिए ही किया जाएगा। विभाग का मुख्य उद्देश्य स्कूलों में पठन-पाठन को बिना बाधित किए छुट्टी व्यवस्था को पारदर्शी, समयबद्ध और पूरी तरह डिजिटल बनाना है।
यह पत्र/अधिसूचना किसने जारी किया?
यह मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) शिक्षा विभाग, बिहार सरकार के सचिव द्वारा जारी की गई है। इसे विभागीय संचिका संख्या 11/वि 11-137/2024 (अंश) के अंतर्गत ज्ञापांक 1263, पटना से दिनांक 27 अक्टूबर 2026 को आधिकारिक रूप से निर्गत किया गया है।
यह किसे संबोधित है?
यह आदेश राज्य के सभी प्रमंडलीय आयुक्त, जिला पदाधिकारी (DM), क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक (RDD), जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO), जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (DPO – स्थापना) और कोषागार पदाधिकारियों को आवश्यक अनुपालन हेतु भेजा गया है। इसका सीधा प्रभाव राज्य के प्राथमिक, मध्य, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों, प्रधान शिक्षकों, सहायक शिक्षकों, विशिष्ट शिक्षकों और विद्यालय अध्यापकों (BPSC शिक्षकों) पर लागू होगा, जबकि स्थानीय निकाय के नियोजित शिक्षकों को इससे अलग रखा गया है।
मुख्य निर्देश एवं नियम क्या हैं?
शिक्षा विभाग के इस निर्देश ने शिक्षकों की छुट्टी प्रक्रिया को पूरी तरह से बदल दिया है। बिहार सेवा संहिता के प्रावधानों और विभागीय ज्ञापांक-1444 (दिनांक 02.06.2025), ज्ञापांक-276 (दिनांक 06.03.2026) तथा पत्रांक-912 (दिनांक 18.08.2026) के संदर्भ में तैयार की गई इस SOP के प्रमुख बिंदु नीचे विस्तार से दिए गए हैं:
1. अवकाश स्वीकृति के मूलभूत सिद्धांत
- छुट्टी कोई विधिक अधिकार नहीं: बिहार सेवा संहिता के नियम-152 के तहत कोई भी सरकारी सेवक अवकाश को अपने पूर्ण अधिकार के रूप में दावा नहीं कर सकता। शैक्षणिक व्यवस्था और बच्चों की पढ़ाई को प्राथमिकता देते हुए सक्षम प्राधिकार आवेदन पर निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र हैं।
- पहले से ऑनलाइन मंजूरी अनिवार्य: किसी भी आपातकालीन या गंभीर चिकित्सीय परिस्थिति को छोड़कर, छुट्टी पर जाने से पहले ई-शिक्षाकोष पर ऑनलाइन आवेदन कर स्वीकृति लेना आवश्यक है। बिना पूर्व मंजूरी के स्कूल से गायब रहने पर अनधिकृत अनुपस्थिति मानी जाएगी।
- वेतन स्थगन व सेवा में टूट (Break in Service): बिना स्वीकृत अवकाश के अनुपस्थित रहने पर नियमानुसार वेतन रोक दिया जाएगा और सेवा पुस्तिका में व्यवधान (Break in Service) दर्ज किया जा सकता है।
- विश्रामावकाशी विभाग के विशेष नियम: विद्यालय ‘Vacation Department’ की श्रेणी में आते हैं, इसलिए बिहार सेवा संहिता के नियम-240 (घ) और नियम-228 के तहत शिक्षकों के उपार्जित अवकाश (Earned Leave) की गणना सामान्य कार्यालयी कर्मचारियों से अलग होती है।
- शुरुआती 3 वर्षों में EL नहीं: सेवा के पहले तीन वर्षों के दौरान शिक्षक कोई उपार्जित अवकाश अर्जित नहीं करते। इस दौरान हर 11 महीने की संतोषजनक सेवा पर अधिकतम 1 महीने (एक बार में अधिकतम 2 महीने) का अवैतनिक असाधारण अवकाश (Extraordinary Leave Without Pay) ही अनुमन्य हो सकता है।
2. विभिन्न अवकाशों की पात्रता, शर्तें एवं स्वीकृति समय-सीमा
विभाग ने 10 अलग-अलग श्रेणियों के अवकाशों के लिए पात्रता, सक्षम प्राधिकार और निस्तारण की अंतिम समय-सीमा स्पष्ट रूप से तय कर दी है:
| क्र० | अवकाश का प्रकार | पात्रता एवं प्रमुख शर्तें | सक्षम प्राधिकार | फारवर्डिंग समय (HM / BEO) | अंतिम स्वीकृति समय-सीमा (DEO) |
|---|---|---|---|---|---|
| 1 | आकस्मिक अवकाश (Casual Leave – CL) | एक कैलेंडर वर्ष में कुल 16 दिन। नई बहाली में शेष महीनों के अनुपात में देय। रविवार/सार्वजनिक छुट्टियों को मिलाकर लगातार अधिकतम 12 दिन। | शिक्षक हेतु: HM / प्रधान शिक्षक HM हेतु: प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (BEO) | लागू नहीं | उसी दिन (Same Day) |
| 2 | विशेष आकस्मिक अवकाश (Special CL) | केवल महिला शिक्षकों हेतु, प्रत्येक माह में लगातार 2 दिन। सार्वजनिक अवकाश सहित लगातार 12 दिनों से अधिक नहीं। | शिक्षक हेतु: HM / प्रधान शिक्षक HM हेतु: BEO | लागू नहीं | उसी दिन (Same Day) |
| 3 | मातृत्व अवकाश (Maternity Leave) | 2 से कम जीवित संतान वाली महिला कर्मियों को 180 दिनों का पूर्ण वेतन सहित अवकाश (गर्भपात/गर्भस्राव में 6 सप्ताह तक)। | जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) | अधिकतम 3 कार्य दिवस | फारवर्डिंग के बाद 7 कार्य दिवस |
| 4 | शिशु देखभाल अवकाश (Child Care Leave – CCL) | दो संतानों के 18 वर्ष का होने तक पूरे सेवाकाल में अधिकतम 730 दिन (2 वर्ष)। एक वर्ष में अधिकतम 3 बार, एक बार में कम से कम 15 दिन। प्रोबेशन में सामान्यतः नहीं। | जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) | अधिकतम 3 कार्य दिवस | फारवर्डिंग के बाद 7 कार्य दिवस |
| 5 | पितृत्व अवकाश (Paternity Leave) | 2 से कम जीवित संतान वाले पुरुष शिक्षकों को पत्नी के प्रसव के 15 दिन पहले से 6 महीने के भीतर 15 दिनों का अवकाश। | जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) | अधिकतम 3 कार्य दिवस | फारवर्डिंग के बाद 7 कार्य दिवस |
| 6 | उपार्जित अवकाश (Earned Leave – EL) | 3 वर्ष की संतोषजनक सेवा के बाद अर्जन शुरू। पूरे सेवाकाल में अधिकतम 300 दिनों तक संचय की सीमा। | जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) | अधिकतम 3 कार्य दिवस | फारवर्डिंग के बाद 7 कार्य दिवस |
| 7 | आधे वेतन पर छुट्टी (Half Pay Leave – HPL) | निजी कार्य अथवा मेडिकल सर्टिफिकेट के आधार पर देय। सेवानिवृत्ति से पहले भी ली जा सकती है। | जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) | अधिकतम 3 कार्य दिवस | फारवर्डिंग के बाद 7 कार्य दिवस |
| 8 | रूपांतरित छुट्टी (Commuted Leave) | मेडिकल ग्राउंड पर 360 दिनों की HPL के बदले अधिकतम 180 दिनों का पूर्ण वेतन रूपांतरण संभव। | जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) | अधिकतम 3 कार्य दिवस | फारवर्डिंग के बाद 7 कार्य दिवस |
| 9 | असाधारण अवकाश (Extraordinary Leave) | जब कोई अन्य अवकाश शेष न हो और शिक्षक लिखित अनुरोध करे। यह अवधि पूर्णतः अवैतनिक (Without Pay) होगी। | जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) | अधिकतम 3 कार्य दिवस | फारवर्डिंग के बाद 7 कार्य दिवस |
| 10 | अदेय छुट्टी (Leave Not Due – LND) | सिर्फ मेडिकल सर्टिफिकेट पर पूरे सेवाकाल में अधिकतम 180 दिन, जो भविष्य में अर्जित HPL से काटा जाएगा। | जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) | अधिकतम 3 कार्य दिवस | फारवर्डिंग के बाद 7 कार्य दिवस |
3. ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर 3-स्तरीय ऑनलाइन कार्यप्रणाली
अवकाश की यह नई व्यवस्था 05 सितंबर 2026 से शत-प्रतिशत ऑनलाइन लागू कर दी गई है। शिक्षकों और अधिकारियों को निम्नलिखित तीन चरणों का पालन करना होगा:
- चरण 1: शिक्षक द्वारा ऑनलाइन आवेदन समर्पित करना
- शिक्षक को अपने यूनीक यूजर आईडी व पासवर्ड से ई-शिक्षाकोष पोर्टल या मोबाइल ऐप में लॉगिन करना होगा।
- मेनू में ‘Leave Module’ के भीतर ‘Apply Leave’ विकल्प चुनना होगा।
- अवकाश का प्रकार (CL, Maternity, CCL, EL, Medical आदि), शुरू होने की तारीख, अंतिम तारीख और सटीक कारण दर्ज करना होगा।
- आवश्यक प्रमाण-पत्र (जैसे मेडिकल या मातृत्व संबंधी पर्ची) को PDF या Image फॉर्मेट में अनिवार्य रूप से अपलोड करना होगा।
- चरण 2: स्कूल व प्रखंड स्तर पर जांच एवं ‘स्वतः-अग्रसारण’ (Auto-Forwarding) नियम
- आकस्मिक व विशेष अवकाश: विद्यालय के HM/प्रधान शिक्षक (और HM के मामले में प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी) को CL और Special CL पर उसी दिन ऑनलाइन स्वीकृति या कारण बताते हुए अस्वीकृति देनी होगी।
- दीर्घकालिक अवकाश अग्रसारण: CCL, मातृत्व, उपार्जित और मेडिकल अवकाश के आवेदनों की जांच कर HM या BEO अधिकतम 3 कार्य दिवसों के भीतर अपने मंतव्य के साथ जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) को ऑनलाइन फॉरवर्ड करेंगे।
- क्रांतिकारी ऑटो-फॉरवर्डिंग व्यवस्था: यदि HM या BEO स्तर पर आवेदन 3 कार्य दिवसों के भीतर आगे नहीं बढ़ाया जाता, तो सिस्टम 3 दिन पूरे होते ही आवेदन को स्वतः (Auto-forward) DEO कार्यालय को ट्रांसफर कर देगा। इसके साथ ही जानबूझकर देरी करने वाले अधिकारी की जवाबदेही तय कर अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की जाएगी।
- चरण 3: जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) द्वारा अंतिम स्वीकृति
- DEO कार्यालय में आवेदन प्राप्त होने के अधिकतम 7 कार्य दिवसों के भीतर ऑनलाइन स्वीकृति या सकारण अस्वीकृति का आदेश पारित करना अनिवार्य है।
- आदेश स्वीकृत होते ही डिजिटल हस्ताक्षरित प्रति पोर्टल पर जेनरेट होगी, जो सीधे शिक्षक, प्रधानाध्यापक, BEO और DPO (स्थापना) के डैशबोर्ड पर दिखने लगेगी।
4. ग्रीष्मावकाश में ड्यूटी और छुट्टियों का संयोजन (Prefix / Suffix)
- क्षतिपूर्ति अवकाश (Compensatory Leave): यदि किसी शिक्षक को ग्रीष्मावकाश या शीतकालीन अवकाश के दौरान जनगणना, चुनाव, परीक्षा संचालन या कॉपी मूल्यांकन जैसे किसी सरकारी काम में प्रतिनियुक्त किया जाता है और वे छुट्टी का उपभोग नहीं कर पाते, तो उनके खाते में क्षतिपूर्ति अवकाश जोड़ा जाएगा।
- अवकाश संयोजन का नियम: आकस्मिक अवकाश (CL) को छोड़कर बाकी सभी अवकाश (EL, Commuted, HPL, मातृत्व व पितृत्व अवकाश) को एक-दूसरे के साथ या फिर स्कूल की घोषित छुट्टियों (Vacation) के आगे (Prefix) या पीछे (Suffix) जोड़कर लिया जा सकता है।
5. ग्रीवांस मॉड्यूल एवं समय पर वेतन भुगतान की गारंटी
- ई-शिक्षाकोष ग्रीवांस मॉड्यूल: यदि किसी शिक्षक का अवकाश अकारण खारिज कर दिया जाता है, स्वीकृत दिनों में कटौती की जाती है या मातृत्व/मेडिकल आवेदन बेवजह अटका रहता है, तो शिक्षक पोर्टल पर ‘Grievance’ दर्ज करा सकते हैं। सक्षम प्राधिकार को 7 दिनों के अंदर ऐसी शिकायतों का अनिवार्य रूप से निस्तारण करना होगा।
- ऑफलाइन आवेदन पर पूर्ण प्रतिबंध: किसी भी परिस्थिति में कागज पर ऑफलाइन आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। यदि कोई पदाधिकारी भौतिक आवेदन पर विचार करता है तो इसे अनुशासनहीनता माना जाएगा।
- माह की 1 तारीख को वेतन भुगतान: विभाग ने सख्त निर्देश दिया है कि वैध तरीके से स्वीकृत अवकाश की अवधि के लिए शिक्षक का वेतन किसी भी हाल में नहीं रोका जाएगा और हर महीने की पहली तारीख को वेतन अंतरण सुनिश्चित किया जाएगा।
बिहार शिक्षा विभाग द्वारा जारी यह नई लीव एसओपी (SOP) शिक्षकों के लिए छुट्टी की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने और कार्यालयों के चक्कर काटने की मजबूरी को खत्म करने की दिशा में एक ठोस कदम है। समय-सीमा के सख्त बंधन और ऑटो-फारवर्डिंग नियम से जहां शिक्षकों को अनावश्यक मानसिक तनाव से राहत मिलेगी, वहीं एक साथ कई शिक्षकों के छुट्टी पर जाने पर रोक लगने से सरकारी विद्यालयों में बच्चों की नियमित पढ़ाई भी सुनिश्चित हो सकेगी।
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