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▪️बिहार के सभी सरकारी टीचर ट्रेनिंग कॉलेजों में मेस कमेटी गठित।
▪️आवासीय प्रशिक्षण के दौरान मेन्यू का पालन अनिवार्य।
▪️भोजन और खाद्य सामग्री की गुणवत्ता की निगरानी होगी।
▪️प्रत्येक कार्य दिवस की फोटोग्राफी सुरक्षित रखी जाएगी।
▪️हर 15 दिन पर समीक्षा बैठक आयोजित होगी।

बिहार शिक्षा विभाग ने सभी सरकारी शिक्षक प्रशिक्षण संस्थानों में मेस व्यवस्था की निगरानी के लिए समिति गठित की है। भोजन की गुणवत्ता, मेन्यू पालन और खाद्य सामग्री की जांच होगी, जबकि प्रत्येक कार्य दिवस की फोटोग्राफी भी सुरक्षित रखी जाएगी।
पटना: बिहार के सभी सरकारी टीचर ट्रेनिंग कॉलेजों और प्रशिक्षण संस्थानों में आवासीय प्रशिक्षण लेने वाले शिक्षकों को अब निर्धारित मेन्यू के अनुसार भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए राज्य शिक्षा विभाग के निर्देश पर सभी सरकारी प्रशिक्षण संस्थानों में मेस कमेटी का गठन किया गया है।
शिक्षा विभाग के अनुसार, समिति का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आवासीय प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को निर्धारित मानकों के अनुरूप भोजन उपलब्ध हो तथा भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता पर नियमित निगरानी रखी जाए।
मेस कमेटी में कौन-कौन होंगे शामिल?
राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT) के निदेशक के निर्देश पर गठित इस समिति की अध्यक्षता संबंधित संस्थान के प्राचार्य करेंगे। समिति में वरिष्ठ व्याख्याता, प्रशिक्षण प्रभारी व्याख्याता तथा संबंधित वेंडर के प्रतिनिधि को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है।
क्या होगी समिति की जिम्मेदारी?
मेस कमेटी यह सुनिश्चित करेगी कि प्रशिक्षण अवधि के दौरान मेस मेन्यू का अक्षरशः पालन हो। समिति भोजन की गुणवत्ता, उपयोग की जाने वाली खाद्य सामग्री की गुणवत्ता तथा संपूर्ण भोजन व्यवस्था की निगरानी करेगी।
इसके अलावा प्रत्येक कार्य दिवस की फोटोग्राफी सुरक्षित रखी जाएगी। राज्य स्तर से किसी भी समय मांग किए जाने पर संबंधित संस्थान को यह रिकॉर्ड उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा।
गुणवत्ता में कमी मिलने पर होगी कार्रवाई
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि भोजन व्यवस्था, गुणवत्ता या मेन्यू पालन में किसी प्रकार की कमी पाई जाती है तो समिति को आवश्यक कार्रवाई की अनुशंसा करने का अधिकार होगा।
हर 15 दिन पर होगी समीक्षा
निर्देश के अनुसार मेस कमेटी की समीक्षा बैठक प्रत्येक 15 दिनों पर आयोजित की जाएगी। बैठक की कार्यवाही का रिकॉर्ड भी सुरक्षित रखा जाएगा ताकि भविष्य में उसकी समीक्षा की जा सके।
शिक्षा विभाग का मानना है कि इस व्यवस्था से आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भोजन की गुणवत्ता और पारदर्शिता बेहतर होगी तथा प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे शिक्षकों को निर्धारित मानकों के अनुरूप सुविधाएं मिल सकेंगी।