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TRE-4 भर्ती के लिए जुलाई 2026 में अधियाचना भेजी जाएगी।
राज्य में शिक्षक रेशनलाइजेशन अंतिम चरण में है।
विषयवार रिक्तियों के आधार पर भर्ती निकलेगी।
TET अनिवार्यता पर सोमवार को विभागीय बैठक होगी।
सुप्रीम कोर्ट से जुड़े मुद्दों का लीगल अध्ययन जारी है।
सरकार ने हर साल 20 हजार शिक्षक नियुक्त करने का लक्ष्य रखा है।

बिहार शिक्षा विभाग ने TRE-4 भर्ती की तैयारी तेज की, रेशनलाइजेशन के बाद विषयवार रिक्तियां तय होंगी; TET नियम पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का अध्ययन जारी।
बिहार में TRE-4 शिक्षक बहाली को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। शिक्षा विभाग जुलाई में अधियाचना भेजेगा, जबकि TET अनिवार्यता पर सोमवार को उच्चस्तरीय समीक्षा होगी।
बिहार में शिक्षक अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण खबर है। राज्य के शिक्षा विभाग ने संकेत दिया है कि TRE-4 शिक्षक बहाली के लिए अधियाचना (Requisition) जुलाई 2026 में भेजी जाएगी। इसके साथ ही TET अनिवार्यता और हालिया न्यायिक निर्देशों को लेकर भी विभाग स्तर पर समीक्षा प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि बिहार की स्थिति अन्य राज्यों से अलग रही है क्योंकि राज्य में पहले शिक्षामित्र, फिर नियोजित शिक्षक और उसके बाद TRE-1, TRE-2 और TRE-3 के माध्यम से बड़े पैमाने पर नियुक्तियां की गई हैं। अब सरकार का फोकस केवल संख्या बढ़ाने पर नहीं बल्कि Quality Education सुनिश्चित करने पर भी है।
TET अनिवार्यता पर क्या कहा गया?
अधिकारी के अनुसार, हाल ही में प्राप्त न्यायिक जानकारी और सुप्रीम कोर्ट से जुड़े मुद्दों का अध्ययन करने के लिए विभाग की लीगल टीम को निर्देश दिया गया है। सोमवार को विभागीय सचिव के साथ बैठक होगी, जिसमें संभावित एक्शन प्लान पर चर्चा की जाएगी।
उन्होंने कहा कि यदि किसी न्यायिक निर्णय का प्रभाव शिक्षकों पर पड़ता है तो सरकार उसकी समीक्षा करेगी और आवश्यक कदमों पर विचार करेगी। हालांकि TET परीक्षा को लेकर अभी कोई अंतिम निर्णय घोषित नहीं किया गया है। इस विषय पर आधिकारिक स्थिति सोमवार की बैठक के बाद अधिक स्पष्ट हो सकती है।
जुलाई में भेजी जाएगी TRE-4 की अधियाचना
शिक्षा विभाग ने बताया कि राज्यभर में Teacher Rationalization का कार्य अंतिम चरण में है। इसके पूरा होने के बाद पहली बार विषयवार और आवश्यकता-आधारित रिक्तियों का सटीक आंकड़ा उपलब्ध होगा।
अधिकारी ने कहा कि पहले भर्ती प्रक्रियाओं में व्यापक स्तर पर नियुक्तियां होती थीं, लेकिन इस बार सरकार यह तय करेगी कि किस विषय में कितने शिक्षकों की आवश्यकता है और उसी आधार पर भर्ती निकाली जाएगी।
कितनी हो सकती हैं रिक्तियां?
रिक्तियों की अंतिम संख्या अभी तय नहीं हुई है। विभाग के अनुसार रेशनलाइजेशन पूरा होने के बाद ही सही आंकड़ा सामने आएगा।
हालांकि शिक्षा विभाग ने एक प्रारंभिक आकलन का उल्लेख करते हुए कहा कि हर वर्ष लगभग 12 हजार से 15 हजार शिक्षक सेवानिवृत्त हो रहे हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने प्रतिवर्ष 20 हजार शिक्षकों की नियुक्ति का लक्ष्य निर्धारित किया है। आवश्यकता अधिक होने पर संख्या बढ़ाने पर भी विचार किया जा सकता है।
गुणवत्ता पर रहेगा विशेष फोकस
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया कि आगामी नियुक्तियों में गुणवत्ता के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य केवल रिक्त पदों को भरना नहीं बल्कि विद्यालयों में विषयवार आवश्यकता के अनुसार योग्य शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करना है।
फिलहाल TET अनिवार्यता, सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और TRE-4 भर्ती प्रक्रिया से संबंधित कई पहलुओं पर आधिकारिक निर्णय की प्रतीक्षा है। इस मामले को लेकर आगे की जानकारी विभागीय बैठक के बाद सामने आ सकती है।