auto_awesome एक नज़र में (Major Highlights)
◾️प्राथमिक और मध्य विद्यालयों में कक्षा 1 से 8 तक अर्द्धवार्षिक एवं वार्षिक परीक्षाओं के लिए पांच-स्तरीय (Grade A से E) विद्यालय ग्रेडिंग सिस्टम के आधिकारिक अंक स्लैब जारी किए गए।
◾️Grade A के लिए 81%–100% अंक अनिवार्य; कक्षा 6-8 की वार्षिक परीक्षा में 600 में से न्यूनतम 486 अंक आवश्यक।
◾️C, D और E ग्रेड पाने वाले छात्रों को उपचारात्मक सहयोग देकर उनके प्रदर्शन को ग्रेड A और B तक ले जाने का रोडमैप तैयार होगा।
◾️विद्यालय इस अंक तालिका के आधार पर विद्यार्थियों के प्रगति पत्रक तैयार करेंगे और कमजोर छात्रों की विशेष कक्षाएं लगेंगी।

अर्द्धवार्षिक और वार्षिक परीक्षाओं के लिए A से E तक ग्रेडिंग फॉर्मूला तय, 33 फीसदी से कम अंक वाले बच्चों को मिलेगा E ग्रेड।
प्रारंभिक और मध्य विद्यालयों में कक्षा 1 से 8 तक के छात्रों के लिए नया स्कूल ग्रेडिंग सिस्टम (School Grading System) लागू कर दिया गया है। अर्द्धवार्षिक और वार्षिक दोनों प्रकार के आकलनों के लिए अंक सीमा तय करते हुए पूरे परिणाम को A, B, C, D और E—कुल पांच श्रेणियों में विभाजित किया गया है। नई व्यवस्था के तहत किसी भी कक्षा में 81 प्रतिशत या उससे अधिक अंक हासिल करने वाले छात्र ही सर्वोच्च ‘Grade A’ के हकदार होंगे।
पारंपरिक अंकों की होड़ के बजाय अब ग्रेड्स के जरिए रिपोर्ट कार्ड तैयार होगा। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि प्राथमिक स्तर पर अंकों का भारी दबाव बच्चों में पढ़ाई के प्रति भय पैदा करता है, जबकि बैंड-आधारित व्यवस्था सीखने की कमियों को चिन्हित करने में मदद करती है।
कक्षा 1 और 2: 150 और 300 अंकों का पैमाना
कक्षा 1 और 2 के बच्चों के लिए अर्द्धवार्षिक परीक्षा का कुल पूर्णांक 150 और वार्षिक परीक्षा का पूर्णांक 300 निर्धारित है। छोटे बच्चों के बौद्धिक विकास और बुनियादी साक्षरता को ध्यान में रखते हुए अंकों के दायरे को बेहद संतुलित रखा गया है:
- अर्द्धवार्षिक परीक्षा (पूर्णांक 150): 121 से 150 अंक पर ग्रेड A, 91 से 120 पर ग्रेड B, 61 से 90 पर ग्रेड C, 50 से 60 पर ग्रेड D, और 0 से 49 अंक पाने वाले छात्रों को ग्रेड E मिलेगा।
- वार्षिक परीक्षा (पूर्णांक 300): ग्रेड A के लिए न्यूनतम 243 अंक अनिवार्य होंगे। 183 से 242 अंक पर ग्रेड B, 123 से 182 पर ग्रेड C, 99 से 122 पर ग्रेड D तथा 98 या उससे कम अंक लाने पर ग्रेड E दर्ज किया जाएगा।
कक्षा 3 से 5: प्राथमिक संवर्ग का मूल्यांकन ढांचा
कक्षा 3, 4 और 5 में पाठ्यक्रम विस्तार के साथ ही पूर्णांक का आकार भी बढ़ जाता है। यहाँ अर्द्धवार्षिक मूल्यांकन 200 अंकों का और वार्षिक मूल्यांकन 400 अंकों का तय किया गया है।
| ग्रेड | अर्द्धवार्षिक अंक (पूर्णांक: 200) | वार्षिक अंक (पूर्णांक: 400) | प्रतिशत दायरा (अनुमानित) |
|---|---|---|---|
| Grade A | 162 – 200 | 324 – 400 | 81% से 100% |
| Grade B | 122 – 161 | 244 – 323 | 61% से 80% |
| Grade C | 82 – 121 | 164 – 243 | 41% से 60% |
| Grade D | 66 – 81 | 132 – 163 | 33% से 40% |
| Grade E | 0 – 65 | 0 – 131 | 32% या उससे कम |
कक्षा 6 से 8: उच्च प्राथमिक स्तर पर 600 अंकों की वार्षिक परीक्षा
कक्षा 6, 7 और 8 के उच्च प्राथमिक स्तर पर विषयों की संख्या बढ़ने के कारण मूल्यांकन का दायरा सबसे व्यापक है। यहाँ अर्द्धवार्षिक परीक्षा 300 अंकों की होगी, जबकि वार्षिक परीक्षा का कुल योग 600 अंक रखा गया है।
छठी से आठवीं के छात्रों को वार्षिक परीक्षा में Grade A पाने के लिए कम से कम 486 अंक जुटाने होंगे। वहीं, 366 से 485 अंक पर Grade B, 246 से 365 अंक पर Grade C, 198 से 245 अंक पर Grade D तथा 197 या उससे कम अंक आने पर छात्र को Grade E की श्रेणी में रखा जाएगा।

कमजोर प्रदर्शन वाले बच्चों पर विशेष नजर
33 प्रतिशत से कम अंक लाने वाले छात्र सीधे ‘E’ ग्रेड के दायरे में आएंगे।
इस नई व्यवस्था का मुख्य मकसद केवल उत्तीर्ण या अनुत्तीर्ण घोषित करना नहीं है। विद्यालय स्तर पर निर्देश हैं कि C, D और E ग्रेड में आने वाले विद्यार्थियों के लिए उपचारात्मक (रेमेडियल) कक्षाएं आयोजित की जाएं, ताकि अगली कक्षा में जाने से पहले उनकी बुनियादी कमियों को सुधारा जा सके।