auto_awesome एक नज़र में (Major Highlights)
◾️सारण जिले में 1,640 सरप्लस सरकारी शिक्षकों के ऐच्छिक स्थानांतरण की औपबंधिक सूची जारी की गई, जिसमें लगभग 60% को उनकी पसंद का स्कूल मिला है।
◾️कुल 1640 तबादले—ऐच्छिक (1252), पति-पत्नी आधार (262), स्वास्थ्य आधार (126)।
◾️स्कूलों में शिक्षक-छात्र अनुपात दुरुस्त होगा और वर्षों से पदस्थापन की प्रतीक्षा कर रहे शिक्षकों को मनपसंद स्कूल में सेवा देने का अवसर मिलेगा।
◾️15 सितंबर तक ई-शिक्षाकोष पर आपत्तियां दर्ज होंगी, जिनका निपटारा डीएम की समिति करेगी; शेष शिक्षकों के लिए 17 सितंबर से दोबारा आवेदन शुरू होंगे।

ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर औपबंधिक सूची जारी; 15 सितंबर तक दर्ज होगी आपत्ति, 17 से दूसरे चरण के आवेदन शुरू।
1,640 सरकारी शिक्षकों को सारण जिले में नए विद्यालय आवंटित कर दिए गए हैं। शिक्षा विभाग ने रविवार को सरप्लस घोषित शिक्षकों के ऐच्छिक स्थानांतरण की पहली औपबंधिक सूची (Provisional List) जारी कर दी, जिसमें करीब 60 फीसदी शिक्षकों को उनकी पहली पसंद के स्कूल में जगह मिली है।
स्थानांतरण की यह पूरी प्रक्रिया ई-शिक्षाकोष (e-Shikshakosh) पोर्टल के माध्यम से संचालित की जा रही है, जहां शिक्षक अपनी लॉग-इन आईडी से आवंटित विद्यालय की स्थिति देख सकते हैं।
छपरा भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक, जिन शिक्षकों को आवंटित स्कूल या सूची में दर्ज अपने विवरण को लेकर कोई शिकायत है, वे 15 सितंबर तक ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर ऑनलाइन दावा-आपत्ति दर्ज करा सकते हैं।
समय सीमा बेहद सख्त है। 15 सितंबर के बाद पोर्टल पर आपत्ति दर्ज करने का विकल्प बंद हो जाएगा।
स्वास्थ्य, पति-पत्नी और ऐच्छिक आधार पर हुआ स्कूल आवंटन
औपबंधिक स्थानांतरण सूची को तीन मुख्य श्रेणियों में बांटा गया है, जिसमें पात्रता, शिक्षकों के दावे और विद्यालयों में उपलब्ध रिक्तियों को मुख्य आधार बनाया गया:
| स्थानांतरण की श्रेणी | लाभान्वित शिक्षकों की संख्या | आवंटन का मुख्य आधार |
|---|---|---|
| ऐच्छिक स्थानांतरण (General Voluntary) | 1,252 | शिक्षकों द्वारा दी गई वरीयता सूची व पद रिक्ति |
| पति-पत्नी आधार (Spouse Ground) | 262 | दोनों के कार्यक्षेत्र की निकटता और पारिवारिक सुविधा |
| स्वास्थ्य आधार (Medical Ground) | 126 | गंभीर चिकित्सीय स्थिति व उपचार की सुगमता |
| कुल आवंटित पदस्थापन | 1,640 | सारण जिला (प्रथम चरण) |
30 विकल्पों के आधार पर तय हुआ विद्यालय
ऐच्छिक स्थानांतरण के लिए आवेदन करते समय प्रत्येक शिक्षक को रिक्तियों के आधार पर अधिकतम 30 विद्यालयों का विकल्प भरने की सुविधा दी गई थी।
आवंटन सॉफ्टवेयर ने सबसे पहले शिक्षक के शुरुआती 15 विकल्पों को परखा। जिन मामलों में पहले 15 स्कूलों में पद खाली नहीं मिले, वहां सिस्टम ने 16वें से 30वें क्रम के विकल्पों में से उपलब्ध सीट आवंटित की। विभाग का दावा है कि इस व्यवस्था से अधिकांश शिक्षकों को उनके गृह क्षेत्र या सुगम दूरी पर पदस्थापन मिल सका है।
डीएम की अध्यक्षता वाली समिति करेगी आपत्तियों का निपटारा
सूची में नाम छूट जाने, स्कूल आवंटन में त्रुटि या सेवा संबंधी विवरण गलत दर्ज होने की स्थिति में दर्ज की गई आपत्तियों की सीधी जांच की जाएगी। इसके लिए जिलाधिकारी (DM) की अध्यक्षता में जिला स्थानांतरण समिति गठित की गई है। समिति द्वारा सभी दावों के सत्यापन और निस्तारण के बाद ही शिक्षकों की फाइनल ट्रांसफर लिस्ट जारी होगी।
पहले चरण में छूटे शेष सरप्लस शिक्षकों के लिए विभाग 17 सितंबर से दोबारा आवेदन की प्रक्रिया शुरू करेगा, ताकि जिले के सभी अतिरिक्त शिक्षकों का समायोजन पूरा किया जा सके।