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Updated information regarding this news story (इस न्यूज़ (खबर) की अपडेटेड जानकारी): नवादा के सभी 14 प्रखंडों में शिक्षकों को मिलेगा तीन चरणों में विशेष प्रशिक्षण, डायट की पहल
auto_awesome एक नज़र में (Major Highlights)
◾️तकनीकी एजेंसी रिन्यूअल के चलते 7 महीने से ठप बिहार कोचिंग रजिस्ट्रेशन पोर्टल अगले सप्ताह से दोबारा सक्रिय किया जाएगा; अवैध संस्थानों को सील करने का आदेश जारी।
◾️7 माह में केवल 19 नए संस्थान निबंधित हुए; जिले में कुल पंजीकृत कोचिंग संस्थानों की संख्या मात्र 548 है।
◾️सुरक्षा और कानूनी मानकों के बिना चल रहे सैकड़ों कोचिंग संस्थानों पर सीलिंग की कार्रवाई होगी, जिससे छात्रों की सुरक्षा और फीस नियंत्रण पर सीधा असर पड़ेगा।
◾️अगले सप्ताह पोर्टल लाइव होगा और अगले महीने से SDO के नेतृत्व में औचक छापेमारी व सीलिंग अभियान शुरू होगा।

फरवरी से ठप पोर्टल के कारण 7 माह में सिर्फ 19 नए संस्थानों का हुआ निबंधन, अगले माह से 5 सदस्यीय टीम करेगी औचक जांच।
सात महीने और महज 19 नए रजिस्ट्रेशन—पटना जिले में प्रतियोगी कोचिंग संस्थानों के वैधानिक निबंधन का यही आधिकारिक रिपोर्ट कार्ड है।
फरवरी 2026 से शिक्षा विभाग का आधिकारिक कोचिंग रजिस्ट्रेशन पोर्टल ([https://pcr.bihar.gov.in]) तकनीकी कारणों से बंद पड़ा है, जिससे राजधानी में नए संस्थानों के ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया पूरी तरह ठप हो गई। जिला शिक्षा कार्यालय के अनुसार, पोर्टल का जिम्मा संभाल रही तकनीकी एजेंसी से रिन्यूअल के लिए कोटेशन मांगा गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि अगले सप्ताह से इस पोर्टल को पुनः चालू कर दिया जाएगा।
मगर जो संस्थान बिना वैध निबंधन के चलते पकड़े गए, उन्हें सीधे सील कर दिया जाएगा।
जिला शिक्षा कार्यालय से प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक, पटना जिले में अब तक कुल 548 कोचिंग संस्थान ही निबंधित हैं। फरवरी 2026 में पोर्टल के बंद होने से पहले तक विभाग को 50 ऑनलाइन आवेदन प्राप्त हुए थे। इन आवेदनों की भौतिक जांच पूरी करने के बाद 19 नए और छह पुराने कोचिंग संस्थानों को निबंधन प्रमाणपत्र जारी किया गया।
प्रतिष्ठित संस्थानों की निबंधन स्थिति भी इस तकनीकी रुकावट के बीच चर्चा में है। जिला शिक्षा कार्यालय ने पुष्टि की है कि महेंद्रू स्थित खान कोचिंग की जांच पूरी कर उसे विधिवत निबंधित कर दिया गया है। वहीं, पोर्टल बंद रहने के कारण ज्ञान बिंदु कोचिंग को जुलाई माह में ऑफलाइन माध्यम से शिक्षा कार्यालय में आवेदन जमा करना पड़ा था, जिस पर विभागीय स्तर पर प्रक्रिया जारी है।
अवैध संस्थानों पर नकेल: पांच सदस्यीय कमेटी करेगी औचक निरीक्षण
राजधानी में बिना निबंधन संचालित हो रहे कोचिंग संस्थानों पर शिकंजा कसने के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक रणनीति बनाई है। अगले माह से अनुमंडल पदाधिकारियों (एसडीओ) के नेतृत्व में विभिन्न इलाकों में सघन औचक निरीक्षण शुरू किया जाएगा।
कोचिंग संचालकों द्वारा प्राप्त आवेदनों और तय मानकों की स्क्रूटनी के लिए जिला प्रशासन की पांच सदस्यीय कमेटी बनाई गई है। इस उच्चस्तरीय कमेटी में जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ), जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (डीपीओ) और वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) सहित अन्य संबंधित प्रशासनिक अधिकारी शामिल हैं।
यह जांच दल संस्थानों में जाकर फायर सेफ्टी, भवन सुरक्षा, छात्र-शिक्षक अनुपात और लीगल दस्तावेजों की जमीनी पड़ताल करेगा। अगले हफ्ते पोर्टल लाइव होते ही नए आवेदनों की रफ्तार तेज होने की उम्मीद है।


