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Updated information regarding this news story (इस न्यूज़ (खबर) की अपडेटेड जानकारी): बिहार में खुलेंगे ‘गुरुकुलम विद्यापीठ’, बक्सर से होगी शुरुआत
auto_awesome एक नज़र में (Major Highlights)
▪️एक दुल्हन ने जयमाल की रस्म से ठीक पहले दूल्हे के गंजे होने की वजह से शादी तोड़ दी, बारात लौटी।
▪️यह घटना हंडिया कस्बा, उत्तर प्रदेश की है।
▪️वैवाहिक मामलों में पारदर्शिता और व्यक्तिगत निर्णयों की अहमियत बढ़ती जा रही है।
▪️अब दोनों पक्षों में आपसी सहमति से समझौता हो चुका है और कानूनी तौर पर मामला शांत है।

उत्तर प्रदेश के हंडिया में जयमाल से ठीक पहले दूल्हे की सच्चाई आने पर लड़की ने उठाया कदम, थाने में हुआ समझौता।
उत्तर प्रदेश के हंडिया कस्बा में शनिवार को जयमाल की रस्म से ठीक पहले दूल्हे के गंजे होने की जानकारी मिलने पर एक दुल्हन ने शादी करने से साफ इनकार कर दिया, जिसके बाद बारात बिना दुल्हन के ही वापस लौट गई।
जयमाल की तैयारियों के बीच खुला दूल्हे का राज
शनिवार को जौनपुर के एक गांव से युवक की बारात हंडिया कस्बा स्थित एक बस्ती में आई थी। बारातियों के आगमन के बाद लड़की पक्ष द्वारा उनका स्वागत किया गया और द्वारचार की रस्म भी शांतिपूर्ण ढंग से पूरी कर ली गई थी। घर के भीतर शादी की अन्य रस्में चल रही थीं और परिजन जयमाल की तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे थे। इसी बीच किसी माध्यम से दुल्हन को यह जानकारी मिल गई कि उसका होने वाला पति गंजा है।
समझाने के बाद भी फैसले पर अड़ी रही दुल्हन, पुलिस स्टेशन पहुंचा मामला
दूल्हे के गंजे होने की बात सामने आने पर युवती ने इस पर सख्त आपत्ति जताई और विवाह करने से पूरी तरह मना कर दिया। शादी की खुशियां अचानक विवाद में बदल गईं और दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। परिजनों और रिश्तेदारों ने दुल्हन को समझाने का काफी प्रयास किया, लेकिन वह अपने फैसले पर अडिग रही। देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच तीखी कहासुनी शुरू हो गई और माहौल में भारी तनाव पैदा हो गया।
मामला बढ़ता देख लड़की पक्ष ने स्थानीय हंडिया पुलिस को इसकी सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस दोनों पक्षों के लोगों को थाने ले गई। कोतवाली परिसर में काफी देर तक दोनों पक्षों और पुलिस की मौजूदगी में पंचायत चली। पुलिस और स्थानीय लोगों ने मामले को शांत कराने की कोशिश की, लेकिन युवती अपने फैसले से पीछे नहीं हटी। अंततः, कोई अन्य विकल्प न देख दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से एक-दूसरे को दिए गए सामान और उपहार वापस किए और संबंध तोड़ने का लिखित निर्णय लेकर बारात बिना दुल्हन के ही वापस लौट गई।