बिहार शिक्षक स्थानांतरण: रिक्ति और रेशनलाइजेशन रिपोर्ट के साथ 14 जुलाई को सभी जिले के DPO को किया तलब

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auto_awesome एक नज़र में (Major Highlights)

▪️शिक्षा विभाग ने रिक्ति एवं रैशनलाइजेशन की विस्तृत रिपोर्ट के साथ सभी जिलों के स्थापना डीपीओ को 14 जुलाई को पटना तलब किया है।
▪️13 जुलाई तक विद्यालयवार आंकड़ों का सत्यापन कर विशेष टीम द्वारा अंतिम प्रतिवेदन तैयार किया जाना है।
▪️इसी रिपोर्ट के आधार पर राज्यव्यापी शिक्षक स्थानांतरण और अतिरिक्त शिक्षकों के समायोजन की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जाएगा।
▪️14 जुलाई को निदेशालय में रिपोर्ट के परीक्षण के बाद स्थानांतरण की अगली प्रक्रिया शुरू होगी।

शिक्षक स्थानांतरण की राह देख रहे बिहार के शिक्षकों के लिए आने वाले कुछ दिन प्रशासनिक स्तर पर बेहद अहम होने वाले हैं। शिक्षा विभाग ने राज्य के सभी जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों (स्थापना) को 14 जुलाई को पटना स्थित निदेशालय में तलब किया है। शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान जिला शिक्षा पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि अधिकारी इस बैठक में रिक्ति एवं रैशनलाइजेशन की विस्तृत रिपोर्ट के साथ उपस्थित हों।

​आदेश के अनुसार, यह पूरी प्रक्रिया एक सख्त टाइमलाइन के तहत आगे बढ़ रही है। 12 और 13 जुलाई को सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी कार्यालयों के डाटा एंट्री ऑपरेटर अपने-अपने प्रखंड की रिक्तियों और रैशनलाइजेशन से जुड़ा विवरण जिला मुख्यालय में उपलब्ध कराएंगे। इसके तुरंत बाद जिला स्तर पर इस रिपोर्ट का अंतिम संकलन किया जाएगा।

​विशेष कोषांग (सेल) का गठन और सत्यापन प्रक्रिया

​विभागीय निर्देशों के अनुरूप, सभी जिलों में जिला स्तर पर एक विशेष कोषांग का गठन कर दिया गया है।

​इस टीम में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी के साथ लिपिक, डाटा एंट्री ऑपरेटर और तकनीकी सहायकों को शामिल किया गया है। यह विशेष टीम विद्यालयवार आंकड़ों का सत्यापन कर 13 जुलाई तक अंतिम प्रतिवेदन तैयार करेगी। जिला शिक्षा पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश है कि वे विद्यालयवार छात्र संख्या, स्वीकृत एवं कार्यरत शिक्षकों की स्थिति तथा रिक्त पदों का आकलन निर्धारित प्रारूप में ही करें।

​14 जुलाई के बाद शुरू होगी स्थानांतरण प्रक्रिया

​14 जुलाई को जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) तथा तकनीकी टीम के प्रतिनिधि जब पटना में रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे, तो वहां जिलों से प्राप्त आंकड़ों का मिलान और परीक्षण किया जाएगा। इसी रिपोर्ट के आधार पर शिक्षकों के स्थानांतरण की आगे की प्रक्रिया शुरू होगी और उसे अंतिम रूप दिया जाएगा।

​विभागीय सूत्रों के मुताबिक, इस बार रैशनलाइजेशन पूरी तरह से छात्रों की संख्या और स्वीकृत पदों के मानक पर आधारित होगा। ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि जिन विद्यालयों में शिक्षकों की भारी कमी है, वहां आवश्यकतानुसार पदस्थापन (Posting) सुनिश्चित किया जा सके, और जहां आवश्यकता से अधिक शिक्षक हैं, वहां से उन्हें समायोजित किया जा सके।

Prabhanjan

verifiedHead Teacher and Educational Content Writer

Expertise: MA, D.El.Ed

Head Teacher in Primary School Bihar

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