auto_awesome एक नज़र में (Major Highlights)
▪️भागलपुर में फर्जी दस्तावेजों पर नौकरी कर रहे 133 नियोजित शिक्षक बर्खास्त, वसूले जाएंगे ₹61 करोड़
▪️शिक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई, जाली सर्टिफिकेट के आधार पर बहाल शिक्षकों से ब्याज समेत होगी वेतन की वसूली।
▪️शैक्षणिक और जाति प्रमाणपत्रों में मिलीं भारी अनियमितताएं।
भागलपुर में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी पाने वाले 133 नियोजित शिक्षकों को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है, जिनसे ₹61.35 करोड़ की रिकवरी होगी।
बिहार के भागलपुर जिले से शिक्षा विभाग की एक बहुत बड़ी कार्रवाई सामने आई है। यहां जाली और फर्जी दस्तावेजों (Fake Documents) के आधार पर बहाल हुए 133 नियोजित शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है।
बिहार शिक्षा विभाग के आदेशानुसार, इन बर्खास्त शिक्षकों से उनके सेवा काल के दौरान प्राप्त किए गए वेतन की पूरी राशि ब्याज सहित वसूली जाएगी। विभाग के आकलन के अनुसार, यह रिकवरी राशि करीब 61.35 करोड़ रुपये से अधिक होने की संभावना है।
शैक्षणिक और जाति प्रमाणपत्रों में मिलीं भारी अनियमितताएं
विभागीय जांच में इन शिक्षकों के शैक्षणिक, जाति, दिव्यांगता, उम्र, और TET/CTET समेत विभिन्न महत्वपूर्ण प्रमाणपत्रों में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। क्षेत्रीय उप शिक्षा निदेशक, भागलपुर सुभाष कुमार गुप्ता ने स्पष्ट किया है कि प्रमाणपत्रों में हेरफेर पाए जाने के बाद ही यह कड़ा कदम उठाया गया है। बर्खास्तगी के साथ ही इन सभी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी।
जानें किस प्रखंड में गिरे सबसे ज्यादा गाज
इस पूरी कार्रवाई में सबसे अधिक गाज बिहपुर प्रखंड के शिक्षकों पर गिरी है, जहां से 14 शिक्षक बर्खास्त किए गए हैं। प्रखंडवार सूची इस प्रकार है:
- बिहपुर: 14 शिक्षक बर्खास्त
- खरीक: 11 शिक्षक बर्खास्त
- जगदीशपुर: 06 शिक्षक बर्खास्त
- सनहौला, नाथनगर, कदवा/नवगछिया, गोपालपुर/रंगरा: प्रत्येक से 05-05 शिक्षक
- पीरपैंती, सबौर/गोराडीह: प्रत्येक से 04-04 शिक्षक
- कहलगांव: 03 शिक्षक
- सुल्तानगंज, इस्माइलपुर: प्रत्येक से 02-02 शिक्षक
- आदमपुर-जोगसर: 67 शिक्षक
सरकार की इस सख्त कार्रवाई से फर्जी दस्तावेज के सहारे नौकरी पाने वाले अन्य संदिग्ध कर्मियों में हड़कंप मच गया है। मामले में आगे की कानूनी और विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया तेजी से जारी है।