auto_awesome एक नज़र में (Major Highlights)
▪️शिक्षकों के गलत HRA भुगतान की जांच और पोर्टल पर स्कूलों के पुनर्वर्गीकरण (Reclassification) का आदेश।
▪️HRA दरें 5% (ग्रामीण क्षेत्र) से लेकर 20% (पटना - वर्ग Y शहर) तक तय की गई हैं।
▪️8 किलोमीटर के नियम का कड़ाई से पालन और सरकारी फंड का सही आवंटन सुनिश्चित करने के लिए।
▪️सभी DEO स्कूलों की वास्तविक भौगोलिक स्थिति की जांच कर पोर्टल पर उनकी सही कैटेगरी अपडेट करेंगे।

बिहार के कई जिलों में सरकारी स्कूलों के शिक्षक और कर्मचारी अब तक अवर्गीकृत शहरों के आठ किलोमीटर के दायरे में पोस्टिंग के बावजूद उच्च दर पर मकान किराया भत्ता (HRA) प्राप्त कर रहे थे। लेकिन अब शिक्षा विभाग ने इस वित्तीय गड़बड़ी पर सख्त ब्रेक लगा दिया है। प्राथमिक शिक्षा निदेशक निशांत विवेक ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों (DEO) को कड़े निर्देश दिए हैं कि नियमों के विरुद्ध अधिक दर से HRA पाने वाले मामलों की तुरंत जांच की जाए और सुधारात्मक कदम सुनिश्चित किए जाएं।
यह कार्रवाई एक विभागीय समीक्षा के बाद की गई है। समीक्षा में यह स्पष्ट हुआ कि ग्रामीण या अवर्गीकृत श्रेणी की सीमा में आने वाले स्कूलों के कर्मियों को भी वर्गीकृत शहरों के बराबर भुगतान किया जा रहा था। बिहार राज्य कर्मी (मकान किराया भत्ता) नियमावली, 1980 के तहत यह सुविधा केवल कुछ विशेष परिस्थितियों में ही दी जा सकती है।
जहां भी नियमों की अनदेखी या गड़बड़ी मिलेगी, वहां तत्काल आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
पोर्टल पर अपडेट होगा स्कूलों का नया वर्गीकरण
समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए शिक्षा विभाग ने सभी स्कूलों की वास्तविक भौगोलिक स्थिति का फिर से निर्धारण करने को कहा है। प्राथमिक शिक्षा निदेशक ने DEO को निर्देश दिया है कि वे स्कूलों को वर्ग-वाइ (Class-Y), वर्ग-जेड (Class-Z), अवर्गीकृत शहर अथवा ग्रामीण क्षेत्र की श्रेणी में सही ढंग से दर्ज कर विभागीय पोर्टल पर अपडेट करें। ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि भविष्य में HRA का भुगतान केवल निर्धारित दरों के अनुसार ही हो सके।
क्या है 8 किलोमीटर का नियम और HRA की नई दरें?
निर्देश में 8 किलोमीटर के नियम पर पूरी तरह स्पष्टता दी गई है। इसके अनुसार, यदि किसी सरकारी कर्मचारी का कार्यस्थल किसी अधिसूचित शहर से आठ किलोमीटर के भीतर है, और उसे अनिवार्य रूप से उस शहर में ही रहना पड़ता है, केवल तभी उसे संबंधित शहर की HRA दर का लाभ दिया जा सकता है।
वित्त विभाग द्वारा 18 जून, 2024 को जारी संकल्प के अनुसार, 1 जनवरी, 2024 से राज्य कर्मियों के लिए संशोधित HRA दरें लागू हो चुकी हैं। नई दरों के तहत:
- वर्ग-वाइ शहर (पटना): मूल वेतन का 20 प्रतिशत
- वर्ग-जेड शहर (राज्य के 34 अधिसूचित शहर): 10 प्रतिशत
- अवर्गीकृत शहर: 7.5 प्रतिशत
- ग्रामीण क्षेत्र: 5 प्रतिशत
इन्हीं संशोधित दरों के अनुसार ही अब सभी स्कूलों में पदस्थापित कर्मियों को मकान किराया भत्ता देय होगा।