auto_awesome एक नज़र में (Major Highlights)
▪️बिहार के सरकारी स्कूलों में Maker-Checker-Approver System लागू होगा।
▪️सभी विद्यालयों का SFMS Portal पर पंजीकरण अनिवार्य किया जाएगा।
▪️वित्तीय कार्य डिजिटल मॉड्यूल के माध्यम से संचालित होंगे।
▪️वरिष्ठ शिक्षक और प्रधानाध्यापक को Maker, Checker और Approver की जिम्मेदारी मिलेगी।
▪️उद्देश्य वित्तीय पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाना है।

बिहार के सरकारी स्कूलों में वित्तीय पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए जल्द मेकर-चेकर-अप्रूवर सिस्टम लागू होगा। सभी विद्यालयों का एसएफएमएस पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य किया जाएगा।
बिहार के सरकारी विद्यालयों में वित्तीय कार्यों की निगरानी और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए बड़ा प्रशासनिक बदलाव होने जा रहा है। बिहार शिक्षा परियोजना परिषद (BEP) ने सभी जिलों में स्कूल स्तर पर Maker-Checker-Approver System लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
पंचदेवरी से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस नई व्यवस्था के तहत राज्य के सभी विद्यालयों का समेकित वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (SFMS) पोर्टल पर पंजीकरण कराया जाएगा। इसके बाद केंद्र प्रायोजित योजनाओं से जुड़े वित्तीय कार्य डिजिटल मॉड्यूल के माध्यम से संचालित किए जाएंगे।
क्या है मेकर-चेकर-अप्रूवर सिस्टम?
नई व्यवस्था में विद्यालय स्तर पर वित्तीय कार्यों के लिए अलग-अलग भूमिकाएं निर्धारित की जाएंगी। इसके तहत वित्तीय प्रक्रियाओं में एक अधिकारी या कर्मचारी द्वारा तैयार किए गए कार्य की दूसरे स्तर पर जांच और फिर अंतिम स्वीकृति की व्यवस्था होगी।
शिक्षा विभाग का मानना है कि इससे योजनाओं के संचालन में पारदर्शिता बढ़ेगी और वित्तीय जवाबदेही सुनिश्चित होगी।
प्रधानाध्यापकों और शिक्षकों को मिलेगी जिम्मेदारी
राज्य परियोजना निदेशक नवीन कुमार ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को पत्र जारी कर आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया है। निर्देश के अनुसार, विद्यालयों में Maker, Checker और Approver की जिम्मेदारी वरिष्ठ शिक्षकों एवं प्रधानाध्यापकों को दी जाएगी।
इसके लिए कार्यरत शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों का अद्यतन विवरण शीघ्र उपलब्ध कराने को भी कहा गया है, ताकि पोर्टल आधारित व्यवस्था को समय पर लागू किया जा सके।
एसएफएमएस पोर्टल पर पंजीकरण होगा अनिवार्य
शिक्षा विभाग की योजना के अनुसार, केंद्र प्रायोजित योजनाओं का संचालन अब SFMS Portal के माध्यम से किया जाएगा। इसके लिए प्रत्येक सरकारी विद्यालय का पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य होगा।
विभाग की ओर से इस व्यवस्था के पूर्ण क्रियान्वयन की समयसीमा या विस्तृत संचालन प्रक्रिया को लेकर अतिरिक्त जानकारी फिलहाल सार्वजनिक नहीं की गई है। इस संबंध में आगे की आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।