​बिहार औरंगाबाद गोह: स्कूल में छात्राओं से पैर दबवाने के आरोप पर ग्रामीणों का हंगामा

updateUpdated: September 16, 2026 at 5:34 pm schedule 3 min read
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auto_awesome एक नज़र में (Major Highlights)

◾️औरंगाबाद के मध्य विद्यालय बख्तियारपुर में दो शिक्षकों द्वारा छात्राओं से पैर दबवाने के आरोप के बाद ग्रामीणों ने स्कूल में हंगामा किया; बीईओ ने छात्राओं के बयान दर्ज कर जांच शुरू की।
◾️बीईओ अशोक कुमार: "जांच में आरोप सत्य पाये जाने पर संबंधित के विरुद्ध कड़ी प्रशासनिक एवं कानूनी कार्रवाई की जायेगी।"
◾️सरकारी स्कूलों में बालिकाओं की सुरक्षा, गरिमा और शिक्षकों की जवाबदेही से जुड़ा संवेदनशील मामला।
◾️बीईओ की प्राथमिक जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषी पाए जाने पर विभागीय व कानूनी कार्रवाई होगी।

औरंगाबाद के गोह स्थित बख्तियारपुर मध्य विद्यालय में दो शिक्षकों पर छात्राओं से पैर दबवाने का आरोप लगा है। ग्रामीणों के हंगामे के बाद BEO ने जांच शुरू कर दी है।

छात्राओं के स्कूल जाने से इनकार के बाद सामने आया मामला, बीईओ ने मौके पर पहुंचकर दर्ज किए बयान और दिए निष्पक्ष जांच के आदेश।

​घर के आंगन में बच्चियों का रोना और अचानक स्कूल जाने से इनकार कर देना ही वह पहली कड़ी थी, जिसने बख्तियारपुर गांव में हलचल मचा दी। जब परिजनों ने सख्ती से स्कूल न जाने की वजह पूछी, तो छात्राओं ने जो बताया उसने पूरे परिवार को सन्न कर दिया। बच्चियों का आरोप था कि स्कूल में पदस्थापित दो शिक्षक उनसे जबरन पैर दबवाते हैं।

​यह बात मंगलवार सुबह जंगल की आग की तरह फैली और देखते ही देखते दर्जनों आक्रोशित ग्रामीण गोह प्रखंड अंतर्गत मध्य विद्यालय बख्तियारपुर के मुख्य द्वार पर जमा हो गए।

​परिसर में दाखिल होते ही ग्रामीणों ने शिक्षकों के आचरण के खिलाफ जमकर नारेबाजी शुरू कर दी। विद्यालय का नियमित पठन-पाठन हंगामे के बीच बाधित हो गया। ग्रामीणों का कहना था कि सरकारी विद्यालयों में गरीब परिवारों की बच्चियां तालीम हासिल करने आती हैं, न कि शिक्षकों की व्यक्तिगत सेवा करने। अभिभावकों ने मौके पर दोनों आरोपी शिक्षकों [VERIFY: शिक्षकों के नाम जांच रिपोर्ट में स्पष्ट होना शेष] पर कड़ी कार्रवाई की मांग दोहराई।

​विद्यालय परिसर में बढ़ते तनाव की सूचना मिलते ही प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (बीईओ) अशोक कुमार दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे।

​बीईओ ने सबसे पहले भीड़ को शांत कराया और फिर शिकायतकर्ता छात्राओं से एक-एक कर अलग कमरे में बातचीत की। छात्राओं ने अधिकारियों के समक्ष अपनी आपबीती दोहराई, जिसे लिखित बयान के रूप में दर्ज किया गया। इस दौरान ग्रामीणों की ओर से एक हस्ताक्षरयुक्त आवेदन भी बीईओ को सौंपा गया, जिसमें पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को बर्खास्त करने की मांग की गई है।

​प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी अशोक कुमार ने आक्रोशित ग्रामीणों को स्पष्ट संदेश दिया:

“घटना की सूचना मिलते ही विद्यालय पहुंचकर मामले की पड़ताल शुरू कर दी गई है। ग्रामीणों का हस्ताक्षरयुक्त आवेदन हमें मिला है और छात्राओं के बयान दर्ज किए गए हैं। जांच पूरी तरह निष्पक्ष होगी और आरोप सत्य पाए जाने पर संबंधितों के विरुद्ध कड़ी प्रशासनिक एवं कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”

​कार्रवाई के पुख्ता आश्वासन के बाद ही ग्रामीण शांत होकर स्कूल परिसर से बाहर निकले।

​फिलहाल इस मामले में स्थानीय थाने में कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं कराई गई है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, आरोपों की सत्यता विस्तृत जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट होगी, जिसके आधार पर आगे का विभागीय कदम उठाया जाएगा।

Ravi Kumar

verifiedHead Teacher and Educational Content Writer

Expertise: MA, D.El.Ed

Head Teacher in Primary School Bihar 13 year of teaching experience in multiple government school of Bihar.

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