SOP FOR BIHAR SECONDARY TEACHER
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SOP For Bihar Teachers In Secondary school
Bihar Shikshak Manak Sankhya SOP 2026 (Sop For Bihar Teachers in Bihar Secondary school)
बिहार सरकार के शिक्षा विभाग ने राज्य के सरकारी और अपग्रेड किए गए उच्च माध्यमिक विद्यालयों में कक्षा 9 से 12 तक के शिक्षकों की संख्या तय करने के लिए एक नई मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) लागू की है। इस SOP का उद्देश्य ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर मौजूद छात्र-छात्राओं के नामांकन के आधार पर विषयवार शिक्षकों की सही गिनती सुनिश्चित करना है।
यह परिपत्र किसने जारी किया है?
यह आधिकारिक आदेश बिहार सरकार के शिक्षा विभाग (माध्यमिक शिक्षा निदेशालय) द्वारा जारी किया गया है। इसे माध्यमिक शिक्षा निदेशक, सज्जन आर. ने पत्रांक 647 (संचिका संख्या 11/वि.-228/2023) के तहत 20 जून 2026 को जारी किया है।
यह किसे संबोधित है?
यह पत्र बिहार के सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों, जिला पदाधिकारियों और क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशकों को सूचना और आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजा गया है।
मुख्य निर्देश एवं नियम क्या हैं?
- शिक्षकों की गणना का आधार: विद्यालयों में शिक्षकों की आवश्यकता का आकलन ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर दर्ज वर्गवार और विषयवार छात्रों की संख्या के आधार पर किया जाएगा।
- कक्षा 11 और 12 के लिए संकायवार नियम: अगर विज्ञान, कला या वाणिज्य संकाय के किसी वर्ग में 1 से 60 छात्र हैं, तो उसी के अनुसार मुख्य विषयों (जैसे गणित, भौतिकी, इतिहास, लेखा शास्त्र आदि) के लिए कम से कम एक-एक शिक्षक दिया जाएगा। छात्रों की संख्या बढ़ने (जैसे 61-100 या उससे अधिक) पर शिक्षकों और सेक्शन की संख्या भी उसी अनुपात में बढ़ाई जाएगी।
- भाषा और वैकल्पिक विषय: भाषा शिक्षकों (हिन्दी, अंग्रेजी) के अलावा आवश्यकतानुसार उर्दू, संस्कृत या मैथिली के पद भी तय किए गए हैं। यदि किसी विद्यालय में उर्दू, संस्कृत या अन्य क्षेत्रीय भाषाओं के पर्याप्त छात्र हैं, तो जिला शिक्षा पदाधिकारी वहां इन विषयों के शिक्षकों की स्वीकृति दे सकते हैं।
- कक्षा 9 और 10 के लिए व्यवस्था: माध्यमिक कक्षाओं में 120 से 180 छात्रों पर सामाजिक विज्ञान, गणित, विज्ञान, भाषा और शारीरिक शिक्षा के लिए कम से कम एक-एक शिक्षक होना अनिवार्य है। जैसे-जैसे छात्रों की संख्या 420 या उससे अधिक होती है, शिक्षकों की संख्या भी बढ़ाकर 11 तक कर दी जाएगी।
- वैकल्पिक अध्यापन व्यवस्था: अगर किसी स्कूल में निर्धारित मानक के अनुसार शिक्षक मौजूद नहीं हैं, तो वहां उपलब्ध माध्यमिक (9-10) या उच्च माध्यमिक (11-12) कोटि के शिक्षकों से वैकल्पिक रूप से कक्षाएं संचालित कराई जा सकती हैं।
- शिक्षकों का युक्तिकरण (Rationalization): इसी नई मानक प्रक्रिया के आधार पर भविष्य में रिक्तियों की गणना होगी और शिक्षकों का समानुपातिकरण (Rationalization) तथा स्थानांतरण किया जाएगा।
निष्कर्ष
बिहार शिक्षा विभाग का यह नया मानक विद्यालय में छात्रों की संख्या के अनुसार शिक्षकों का सही अनुपात बनाए रखने की एक ठोस पहल है। इससे न केवल पढ़ाई की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि शिक्षकों के स्थानांतरण और पोस्टिंग में भी अधिक स्पष्टता आएगी।