विशिष्ट शिक्षक नियमावली

बिहार विशिष्ट शिक्षक नियमावली PDF

calendar_today Updated August 5, 2026

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बिहार विशिष्ट शिक्षक नियमावली
बिहार विद्यालय विशिष्ट शिक्षक नियमावली 2023 (Bihar Vishisht Shikshak Niyamawali) लागू कर दी गई है। सक्षमता परीक्षा, वेतन, प्रोन्नति और स्थानांतरण के नए नियम यहाँ पढ़ें।

updateUpdated on August 5, 2026

Bihar Vishisht Shikshak Niyamawali 2023 (विशिष्ट शिक्षक नियमावली)

बिहार सरकार के शिक्षा विभाग ने बहुप्रतीक्षित बिहार विद्यालय विशिष्ट शिक्षक नियमावली 2023 जारी कर दी है। इस नए नियम के लागू होने से पंचायती राज और नगर निकायों के तहत काम करने वाले लाखों शिक्षकों को राज्य कर्मियों के समान सुविधाएँ देने का रास्ता साफ हो गया है।

यह अधिसूचना किसने जारी किया?

यह अधिसूचना बिहार सरकार के शिक्षा विभाग द्वारा जारी की गई है। इस पर शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव, के० के० पाठक के हस्ताक्षर हैं। इस नियमावली का पत्रांक ‘सं. 11/ नियमावली 01-02/2023-2460’ है और इसे 26 दिसम्बर 2023 को लागू किया गया है।

मुख्य निर्देश एवं नियम क्या हैं?

नए नियमों के तहत नियोजित शिक्षकों के पद, वेतन और ट्रांसफर से जुड़े कई बड़े बदलाव तय किए गए हैं:

  • विशिष्ट शिक्षक का नया दर्जा: सभी कार्यरत स्थानीय निकाय शिक्षकों को अब एक ‘सक्षमता परीक्षा’ पास करनी होगी। इस परीक्षा को पास करने और नए आवंटित स्कूल में ड्यूटी शुरू करने के बाद, उन्हें ‘विशिष्ट शिक्षक’ कहा जाएगा।
  • सक्षमता परीक्षा (Competency Test) की शर्तें: विभाग एक साल के भीतर यह परीक्षा आयोजित करवाएगा। प्रत्येक शिक्षक को इसे पास करने के लिए कुल तीन मौके दिए जाएंगे। परीक्षा का फॉर्म भरते समय शिक्षकों को अपनी पोस्टिंग के लिए 3 जिलों का विकल्प देना होगा, जो उन्हें उनकी मेरिट (रैंक) के आधार पर आवंटित किए जाएंगे।
  • वेतन (Salary) और भत्ते: विशिष्ट शिक्षकों को पुराने नियमों के तहत उनका पूरा ‘पे-प्रोटेक्शन’ (वेतन संरक्षण) मिलता रहेगा। इसके अलावा, फिटमेंट मैट्रिक्स के अनुसार उन्हें राज्य कर्मचारियों की तरह महंगाई भत्ता, मकान किराया भत्ता, मेडिकल और शहरी परिवहन भत्ता भी दिया जाएगा।
  • प्रोन्नति (Promotion) की व्यवस्था: विशिष्ट शिक्षकों को 8 साल की सेवा पूरी करने के बाद उपलब्ध रिक्तियों के आधार पर अगली श्रेणी में प्रमोशन दिया जाएगा।
  • स्थानांतरण (Transfer) पॉलिसी: विशिष्ट शिक्षकों के पद अब पूरे राज्य में ट्रांसफरेबल (स्थानांतरणीय) होंगे। जनहित या छात्र-शिक्षक अनुपात को देखते हुए जिला शिक्षा पदाधिकारी या निदेशक स्तर से जिले के अंदर या जिले के बाहर उनका ट्रांसफर किया जा सकता है।
  • वरीयता (Seniority) का निर्धारण: जिला स्तर पर कक्षा और विषय के अनुसार शिक्षकों की एक अलग वरीयता सूची बनेगी। इसका मुख्य आधार वह तारीख होगी जब शिक्षक को प्रशिक्षित वेतनमान मिला था।
  • परीक्षा में फेल होने पर क्या होगा: जो शिक्षक सक्षमता परीक्षा नहीं देंगे या तीसरे प्रयास में भी फेल हो जाएंगे, उन पर शिक्षा विभाग एक अलग समिति बनाकर फैसला लेगा। तब तक वे अपने पुराने ‘स्थानीय निकाय शिक्षक’ के पद पर ही बने रहेंगे।
  • पुस्तकालयाध्यक्ष और शारीरिक शिक्षक: लाइब्रेरियन और फिजिकल टीचर भी सक्षमता परीक्षा पास करने के बाद विशिष्ट शिक्षक के समान ही लाभ पाएंगे, हालांकि उनके पद का नाम नहीं बदलेगा।

निष्कर्ष

कुल मिलाकर, यह नियमावली बिहार के स्थानीय निकाय शिक्षकों के करियर के लिए एक अहम पड़ाव है। सक्षमता परीक्षा पास करके वे एक अलग जिला स्तरीय कैडर का हिस्सा बन जाएंगे और उन्हें विद्यालय अध्यापकों के बराबर वेतन, भत्ते और ट्रांसफर जैसी सुविधाएँ मिलने लगेंगी।

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