Rasoiya Chayan Letter PDF Download
auto_awesome एक नज़र में (Major Highlights)
Rasoiya Chayan Letter PDF Download
बिहार मध्याह्न भोजन योजना के तहत रसोइया-सह-सहायक के चयन, मानदेय, संख्या और नियमों से संबंधित शिक्षा विभाग का पत्रांक 2081 देखें और PDF डाउनलोड करें।
Bihar MDM Rasoiya Niyamawali Patrank 2081 PDF Download — पूरी जानकारी
बिहार मध्याह्न भोजन योजना (MDM) के अंतर्गत सरकारी प्राथमिक और मध्य विद्यालयों में रसोइया-सह-सहायक (Cook-cum-Helper) की संख्या तय करने, उनकी नियुक्ति, मानदेय और कार्यमुक्ति से जुड़े नियमों को लेकर शिक्षा विभाग द्वारा दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इसका मुख्य उद्देश्य बच्चों के नामांकन के अनुपात में रसोइयों की पारदर्शी तैनाती और योजना का सुचारू संचालन सुनिश्चित करना है।
यह पत्र/अधिसूचना किसने जारी किया?
यह आधिकारिक पत्र बिहार राज्य मध्याह्न भोजन योजना समिति (शिक्षा विभाग) के तत्कालीन निदेशक आर० लक्ष्मणन के हस्ताक्षर से पत्रांक म०भो०/को०-57/2012 2081, दिनांक 12 अगस्त 2013 को जारी किया गया था।
यह किसे संबोधित है?
यह आदेश बिहार के सभी जिलों के जिला मध्याह्न भोजन योजना प्रभारी पदाधिकारियों को भेजा गया है, ताकि वे अपने जिले के सभी स्कूलों में इसका शत-प्रतिशत क्रियान्वयन करवा सकें।
मुख्य निर्देश एवं नियम क्या हैं?
इस समेकित निर्देश में रसोइया-सह-सहायक की तैनाती और सेवा शर्तों को लेकर प्रमुख प्रावधान तय किए गए हैं:
बच्चों के अनुपात में रसोइयों की संख्या
- विद्यालय में कुल नामांकित छात्र-छात्राओं के 85% हिस्से को आधार मानकर रसोइयों की संख्या निर्धारित की जाती है (1-25 छात्रों पर 1, 26-100 पर 2, 101-200 पर 3, 201-300 पर 4, 301-400 पर 5 और 401-500 पर 6 रसोइया)।
- 500 से अधिक नामांकन वाले स्कूलों में प्रत्येक अतिरिक्त 300 बच्चों पर 1 अतिरिक्त रसोइया रखने का नियम है।
योग्यता एवं चयन की शर्तें
- अभ्यर्थी की उम्र 18 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए और वह उसी ग्राम पंचायत का स्थायी निवासी हो।
- एक परिवार से केवल एक ही व्यक्ति का चयन हो सकता है।
- पंचायत प्रतिनिधि (मुखिया, सरपंच, वार्ड सदस्य आदि), आंगनवाड़ी/आशा कर्मी तथा स्कूल शिक्षकों व विद्यालय शिक्षा समिति के निकट संबंधियों की नियुक्ति पर रोक है।
- चयन में विधवा महिलाओं, अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अत्यंत पिछड़ा वर्ग (EBC), पिछड़ा वर्ग (BC) और अल्पसंख्यकों को प्राथमिकता दी जाएगी।
मानदेय एवं भुगतान की व्यवस्था
- रसोइयों को वर्ष में कुल 10 महीनों के लिए ₹1,000 प्रतिमाह मानदेय दिया जाता है (मार्च और जून के लंबे अवकाश का भुगतान नहीं होता)।
- प्रत्येक माह की 7 तारीख तक मानदेय का भुगतान RTGS, NEFT या चेक के माध्यम से सीधे किया जाना अनिवार्य है।
जिम्मेदारी और कार्यमुक्ति
- मेनू के अनुसार स्वच्छ और पौष्टिक भोजन तैयार करना, वितरण करना तथा रसोई परिसर की साफ-सफाई रखना रसोइया की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
- रसोइया-सह-सहायक 60 वर्ष की उम्र पूरी करने के बाद स्वतः कार्यमुक्त हो जाएंगे। गंभीर लापरवाही या अनियमितता के मामलों में जिला प्रभारी पदाधिकारी के अनुमोदन से ही हटाया जा सकता है।
निष्कर्ष
यह पत्र बिहार के प्राथमिक व मध्य विद्यालयों में मध्याह्न भोजन तैयार करने वाली रसोइयों के मानदेय, संख्या के मानक, चयन प्राथमिकता और कार्यमुक्ति से जुड़े सभी बुनियादी नियमों को स्पष्ट रूप से रेखांकित करता है।