BIHAR TEACHER TRAINING ME BHOJAN KA MENU
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बिहार शिक्षक को ट्रेनिंग में दिया जाने वाला भोजन का मेनू
बिहार SCERT द्वारा शिक्षक प्रशिक्षण संस्थानों के लिए नया मेस मेन्यू और मेस समिति आदेश (PDF) जारी किया गया है। पूरी जानकारी और डाउनलोड लिंक यहाँ प्राप्त करें।
बिहार शिक्षक प्रशिक्षण मेस मेन्यू 2026 (Bihar Teacher Training centre me khane ka menu pdf) — पूरी जानकारी हिंदी में एवं PDF डाउनलोड लिंक
बिहार राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT) ने सेवाकालीन शिक्षकों के आवासीय प्रशिक्षण के लिए एक नया दिशा-निर्देश जारी किया है। इस महत्वपूर्ण आदेश में भोजन व्यवस्था को सुचारू और पारदर्शी बनाने के लिए मेस समिति के गठन के साथ-साथ पूरे सप्ताह के डाइट चार्ट (Mess Menu) की विस्तृत जानकारी दी गई है।
यह कार्यालय आदेश किसने जारी किया है?
यह आधिकारिक पत्र SCERT, पटना (बिहार) के निदेशक, सज्जन आर. द्वारा जारी किया गया है। इस कार्यालय आदेश का पत्रांक C/143-T/T-2025/2504 है और इसे 3 जून 2026 को प्रकाशित किया गया है।
यह किसे संबोधित है?
इस आदेश की प्रतिलिपि मुख्य रूप से बिहार के सभी अध्यापक व शिक्षक प्रशिक्षण संस्थानों के प्राचार्यों, प्रभारी प्राचार्यों, जिला शिक्षा पदाधिकारियों (DEO) और जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों को भेजी गई है। साथ ही, व्यवस्था को सही ढंग से लागू करने के लिए इसे सभी चयनित मेस वेंडरों को भी अनुपालन के लिए भेजा गया है।
मुख्य निर्देश एवं नियम क्या हैं?
मेस समिति का गठन और कार्य
- नई समिति का निर्माण: हर प्रशिक्षण संस्थान में वहां के प्राचार्य या प्रभारी प्राचार्य के नेतृत्व में एक चार सदस्यीय मेस समिति बनाई जाएगी। इस टीम में वरीय व्याख्याता, प्रशिक्षण प्रभारी (व्याख्याता) और मेस वेंडर का एक प्रतिनिधि शामिल होगा।
- मेन्यू का कड़ाई से पालन: इस समिति की सबसे बड़ी जिम्मेदारी यह होगी कि ट्रेनिंग के दौरान शिक्षकों को तय किए गए मेन्यू के अनुसार ही भोजन परोसा जाए।
- फोटोग्राफ के जरिए निगरानी: हर कार्य दिवस पर तैयार भोजन का ‘Note Cam’ ऐप से फोटो खींचकर रिकॉर्ड में रखना अनिवार्य कर दिया गया है। राज्य स्तर के अधिकारियों द्वारा मांगे जाने पर इन तस्वीरों को तुरंत प्रस्तुत करना जरूरी होगा।
- गुणवत्ता पर सख्त नजर: समिति केवल मेन्यू ही नहीं देखेगी, बल्कि खाने-पीने की चीजों की शुद्धता और कच्ची सामग्री की क्वालिटी पर भी लगातार नजर रखेगी। अगर खाने में कोई भी कमी पाई जाती है, तो समिति आवश्यक कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र होगी।
- नियमित समीक्षा बैठक: हर 15 दिन में इस समिति को एक समीक्षा मीटिंग करनी होगी। इस मीटिंग में जो भी फैसले लिए जाएंगे, उनकी कार्यवाही (Action Plan) तैयार कर एक रजिस्टर में सुरक्षित रखनी होगी, ताकि राज्य स्तर के अधिकारी निरीक्षण के समय इसका मुआयना कर सकें।
भोजन और मेन्यू की व्यवस्था (Suggestive Menu)
- सप्ताह भर का विविध मेन्यू: आदेश के साथ सोमवार से रविवार तक के नाश्ते, लंच और डिनर का विस्तार से चार्ट दिया गया है। सुबह के नाश्ते में कॉर्नफ्लेक्स, ताजे फल, उबले अंडे, चना-मूंग और तरह-तरह के पराठे जैसे कई पौष्टिक विकल्प मौजूद हैं।
- लंच और डिनर: दोपहर और रात के खाने में रोटी, विभिन्न प्रकार के चावल (जैसे जीरा राइस या ब्राउन राइस), मौसमी हरी सब्जियां, पनीर, दाल तड़का और मीठे में खीर, गुलाब जामुन या आइसक्रीम जैसी चीजें शामिल की गई हैं। इसके अलावा सप्ताह में तय दिनों पर मांसाहारी भोजन और बिहार का प्रसिद्ध लिट्टी चोखा परोसने का भी स्पष्ट निर्देश है।
- चाय और सलाद: ट्रेनिंग के दौरान दिन में दो बार चाय या कॉफी के साथ हल्के स्नैक्स देने का नियम बनाया गया है। साथ ही, भोजन के साथ मिलने वाले सलाद में प्याज, खीरा, गाजर, चुकंदर, टमाटर और मूली में से कम से कम चार चीजें अनिवार्य रूप से होनी चाहिए।
निष्कर्ष
संक्षेप में कहा जाए तो, यह आदेश बिहार में शिक्षकों के आवासीय प्रशिक्षण के दौरान बेहतर, स्वच्छ और पौष्टिक भोजन सुनिश्चित करने का एक बेहतरीन कदम है। इससे मेस की व्यवस्था में पूरी तरह से जवाबदेही आएगी और शिक्षकों को अपने प्रशिक्षण के दौरान खान-पान से जुड़ी किसी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।