BIHAR SERVICE CODE LEAVE RULE PDF (बिहार सेवा संहिता अवकाश नियम)
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बिहार सेवा संहिता
बिहार सेवा संहिता के अनुसार शिक्षकों और सरकारी कर्मचारियों के लिए CL, मेडिकल, मातृत्व और अन्य छुट्टियों (Leave Rules) की पूरी जानकारी आसान भाषा में पढ़ें।
बिहार सेवा संहिता अवकाश नियम (Leave Rules)
बिहार सरकार के कर्मचारियों और शिक्षकों के लिए बिहार सेवा संहिता अवकाश नियम (Bihar Seva Sanhita Leave Rules) को समझना बहुत ज़रूरी है। हाल ही में सामने आए “बिहार सेवा संहिता PDF” में आकस्मिक अवकाश (CL), मातृत्व अवकाश, और अन्य छुट्टियों से जुड़े सभी अहम नियमों को विस्तार से समझाया गया है। आइए इन नियमों को आसान भाषा में जानते हैं।
यह पत्र/अधिसूचना किसने जारी किया?
यह अवकाश नियमावली शिक्षा विभाग, बिहार सरकार और राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (SCERT), पटना द्वारा तैयार की गई एक प्रस्तुति है। इसके तहत 1 दिसंबर 1952 से लागू बिहार सेवा संहिता और वित्त विभाग के समय-समय पर जारी विभिन्न ज्ञापांकों (जैसे 1973 और 1992 के आदेश) का हवाला दिया गया है।
यह किसे संबोधित है?
यह नियम पुस्तिका मुख्य रूप से बिहार राज्य के सभी नियमित सरकारी सेवकों और शिक्षकों के लिए तैयार की गई है। इसमें महिला कर्मचारियों और शिक्षकों को मिलने वाली विशेष छुट्टियों के बारे में भी अलग से निर्देश और प्रावधान दिए गए हैं।
मुख्य निर्देश एवं नियम क्या हैं?
इस नियम पुस्तिका में स्पष्ट किया गया है कि छुट्टी पर अधिकार पूर्वक दावा नहीं किया जा सकता, यह पूरी तरह से सक्षम अधिकारी की मंज़ूरी पर निर्भर करता है। इसके अलावा अलग-अलग छुट्टियों के लिए ये शर्तें तय की गई हैं:
आकस्मिक और विशेष अवकाश (Casual & Special Leave)
- आकस्मिक अवकाश (CL): एक कैलेंडर वर्ष में कुल 16 दिनों की CL मिलती है। एक बार में अधिकतम 8 दिन की छुट्टी ली जा सकती है। अगर इसे रविवार या सरकारी छुट्टी के साथ जोड़ें, तो यह अधिकतम 12 दिन तक हो सकती है।
- महिला विशेष अवकाश: नियमित महिला कर्मचारियों को हर महीने 2 दिन की विशेष छुट्टी (Special Leave) दी जाती है।
- प्रतिबंधित छुट्टी (Restricted Holiday): साल भर में घोषित ऐच्छिक छुट्टियों की सूची में से कोई 3 छुट्टियां ली जा सकती हैं।
मातृत्व, पितृत्व और शिशु देखभाल अवकाश (Maternity, Paternity & CCL)
- प्रसव अवकाश (Maternity Leave – Rule 220): जिन महिला कर्मियों के दो से कम जीवित बच्चे हैं, उन्हें 180 दिन की प्रसव छुट्टी मिलती है।
- पितृत्व अवकाश (Paternity Leave): पुरुष कर्मचारियों (दो से कम बच्चों वाले) को 15 दिन की छुट्टी मिलती है। इसे बच्चे के जन्म से 15 दिन पहले से लेकर 6 महीने बाद तक एकमुश्त लिया जा सकता है।
- शिशु देखभाल अवकाश (CCL – Rule 220A): महिला कर्मचारियों को अपने दो बच्चों की देखभाल के लिए पूरे सेवाकाल में 730 दिन (2 साल) की छुट्टी मिल सकती है। इसे एक बार में कम से कम 15 दिन के लिए लेना होता है और प्रोबेशन पीरियड में यह छुट्टी नहीं मिलती।
उपार्जित और अन्य अवकाश (Earned & Other Leaves)
- उपार्जित अवकाश (Earned Leave): शिक्षकों को विश्रामावकाशी विभाग का माना जाता है (लगभग 60 दिन की छुट्टी)। इसलिए बचे हुए 305 दिनों का 22वां हिस्सा ईएल (EL) के रूप में जुड़ता है।
- आधे वेतन पर छुट्टी (Half Pay Leave): हर साल 20 दिन की मेडिकल छुट्टी (निजी काम या हेल्थ सर्टिफिकेट पर) मिलती है। इसे मेडिकल सर्टिफिकेट देकर पूरे वेतन वाली छुट्टी (Commuted Leave) में बदला जा सकता है (पूरे सेवाकाल में अधिकतम 180 दिन)।
- असाधारण अवकाश (Without Pay): जब कोई और छुट्टी न बची हो, तब विशेष परिस्थिति में यह छुट्टी मिलती है, लेकिन इसमें वेतन देय नहीं होता है।
निष्कर्ष
संक्षेप में, यह नियम पुस्तिका शिक्षकों और राज्य कर्मियों के लिए छुट्टियों के अधिकारों और शर्तों को बिल्कुल साफ़ करती है। भले ही छुट्टी आपका जन्मसिद्ध अधिकार नहीं है, लेकिन नियमों के दायरे में रहकर आप अपनी ज़रूरतों के हिसाब से उचित अवकाश के लिए आवेदन कर सकते हैं।