Discipline In School

बिहार विद्यालय अनुशासन पत्र PDF (Bihar School Discipline Circular PDF)

calendar_today Updated August 5, 2026

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बिहार शिक्षा विभाग ने 2025 में सभी सरकारी स्कूलों के लिए नए अनुशासन और चेतना सत्र निर्देश (पत्रांक 60/गो०) जारी किए हैं। PDF डाउनलोड और पूरी जानकारी यहाँ पढ़ें।

updateUpdated on August 5, 2026

बिहार सरकारी विद्यालय अनुशासन निर्देश 2025 — पूरी जानकारी हिंदी में

हाल ही में शिक्षा विभाग की ओर से बिहार विद्यालय अनुशासन पत्र 2025 जारी किया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य राज्य के सभी सरकारी स्कूलों में समय-सारणी का कड़ाई से पालन करवाना है। इस नए निर्देश के तहत चेतना सत्र (Assembly) से लेकर शिक्षकों और बच्चों की उपस्थिति तक के लिए कड़े नियम तय किए गए हैं।

यह पत्र/अधिसूचना किसने जारी किया?

यह महत्वपूर्ण निर्देश बिहार सरकार के शिक्षा विभाग द्वारा जारी किया गया है। इसे अपर मुख्य सचिव, डॉ० एस० सिद्धार्थ ने पत्रांक 60/गो० के तहत दिनांक 04 अगस्त 2025 को निर्गत किया है।

यह किसे संबोधित है?

यह पत्र बिहार के सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों (DEO), जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों और सरकारी स्कूलों के सभी प्रधानाध्यापकों व प्रधान शिक्षकों को भेजा गया है। इसके अलावा, इसकी प्रतिलिपि जिलाधिकारी, प्रमंडलीय आयुक्त और शिक्षा विभाग के अन्य प्रमुख निदेशकों को भी सूचनार्थ भेजी गई है।

मुख्य निर्देश एवं नियम क्या हैं?

विद्यालय का समय और लाउडस्पीकर का उपयोग

  • बिहार के सरकारी स्कूलों का समय सुबह 09:30 से शाम 04:00 बजे (बच्चों के लिए 03:30 तक) तय है।
  • सभी स्कूलों में अच्छी आवाज़ वाला लाउडस्पीकर होना अनिवार्य कर दिया गया है।
  • जिन स्कूलों में यह उपलब्ध नहीं है, उन्हें पत्र मिलने के 48 घंटों के भीतर इसे खरीदना या खराब होने पर मरम्मत करवाना होगा।
  • स्कूल शुरू होने से 15 मिनट पहले लाउडस्पीकर पर ‘RTE Anthem’ बजाया जाएगा ताकि बच्चे और उनके अभिभावक समय का ध्यान रख सकें।

चेतना सत्र (Assembly) और शैक्षणिक गतिविधियाँ

  • सुबह 09:30 बजे चेतना सत्र शुरू होने से पहले स्कूल का मुख्य गेट बंद कर दिया जाएगा।
  • लेट आने वाले बच्चों को चेतावनी दी जाएगी और उनके डायरी में नोट लिखकर पैरेंट्स को भेजा जाएगा।
  • सभी शिक्षकों को 09:30 बजे चेतना सत्र में रहना अनिवार्य है और उनकी फोटो खींचकर सुरक्षित रखी जाएगी, जिसे मांगने पर कमांड एंड कंट्रोल सेंटर को भेजना होगा।
  • चेतना सत्र के दौरान ही बच्चों के बाल, नाख़ून और साफ-सुथरे कपड़ों की जांच की जाएगी।
  • क्लास शुरू होने के बाद पहली तीन घंटी में क्रमशः गणित, विज्ञान और हिंदी/अंग्रेजी की रीडिंग को प्राथमिकता दी जाएगी ताकि बच्चों का कौशल बढ़ सके।

शिक्षकों की उपस्थिति के लिए सख्त नियम

  • सभी शिक्षकों को स्कूल कैंपस के अंदर आकर ही अपनी हाजिरी बनानी होगी।
  • बाहर से बनाई गई उपस्थिति पूरी तरह से अमान्य मानी जाएगी।
  • अगर कोई शिक्षक हाजिरी बनाकर स्कूल से गायब हो जाता है और शाम को लौटकर हाजिरी बनाता है, तो जिला शिक्षा पदाधिकारी द्वारा उन पर तुरंत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
  • बिना अपनी छुट्टी मंजूर कराए कोई भी शिक्षक विद्यालय से गायब नहीं रह सकता।
  • आम जनता, मुखिया या वार्ड सदस्य अगर किसी शिक्षक को स्कूल से गायब पाते हैं, तो वे विभागीय टोल-फ्री नंबर 14417 या 18003454417 पर सीधे शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

अभिभावकों के साथ समन्वय

  • अगर कोई बच्चा लगातार स्कूल आने में लेट करता है, तो क्लास टीचर फोन करके अभिभावक को स्कूल बुलाएंगे।
  • लगातार तीन बार बुलाने पर भी अगर पैरेंट्स नहीं आते हैं, तो वार्ड सदस्य, सरपंच या मुखिया के साथ मिलकर एक सामूहिक बैठक बुलाई जाएगी, जिसमें उन्हें समय पर शिक्षा मिलने का महत्व समझाया जाएगा।
  • अगर बच्चे को किसी इमरजेंसी में स्कूल से जल्दी जाना पड़े, तो इसके लिए एक अलग रजिस्टर मेंटेन किया जाएगा और पैरेंट्स को फोन पर सूचना दी जाएगी।

निष्कर्ष

यह नया आदेश बिहार के स्कूलों में अनुशासन का माहौल वापस लाने के लिए एक बेहद सख्त कदम है। इसमें हेडमास्टर से लेकर आम शिक्षकों तक, सबकी जिम्मेदारी स्पष्ट रूप से तय कर दी गई है ताकि बच्चों का भविष्य उज्ज्वल हो सके।

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