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बिहार रसोइया मार्गदर्शिका (Bihar MDM Rasoiya Margdarshika PDF)

calendar_today Updated August 29, 2026

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Bihar MDM Rasoiya Margdarshika
बिहार पीएम पोषण योजना अंतर्गत रसोईया-सह-सहायक मार्गदर्शिका जारी। चयन नियम, मानदेय, नया साप्ताहिक मेनू और अनुग्रह अनुदान की पूरी जानकारी हिंदी में पढ़ें।

updateUpdated on August 29, 2026

बिहार रसोइया मार्गदर्शिका: PM Poshan चयन, मानदेय व नियम

बिहार रसोइया मार्गदर्शिका के जरिए शिक्षा विभाग ने प्राथमिक व मध्य विद्यालयों में पीएम पोषण योजना के संचालन और रसोइया-सह-सहायक की व्यवस्था को पूरी तरह स्पष्ट किया है। इस विस्तृत दिशा-निर्देश में रसोइया चयन, मानदेय भुगतान, सुरक्षा मानकों और संशोधित साप्ताहिक मेनू से जुड़े सभी जरूरी नियम तय किए गए हैं।

यह पत्र/अधिसूचना किसने जारी किया?

यह मार्गदर्शिका मध्याह्न भोजन योजना निदेशालय, शिक्षा विभाग, बिहार सरकार द्वारा जारी की गई है। इसका मुख्य उद्देश्य सरकारी स्कूलों में बच्चों को स्वच्छ व पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के साथ-साथ व्यवस्था में पारदर्शिता लाना है।

मुख्य निर्देश एवं नियम क्या हैं?

1. चयन की पात्रता एवं शर्तें

  • उम्र और स्थानीय निवासी: उम्मीदवार की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम 40 वर्ष होनी चाहिए। साथ ही, संबंधित व्यक्ति का उसी ग्राम पंचायत का निवासी होना जरूरी है जहां विद्यालय स्थित है।
  • पारिवारिक सीमा एवं प्रतिबंध: एक परिवार से केवल एक ही रसोइया रखा जाएगा। पंचायत जनप्रतिनिधियों (मुखिया, वार्ड सदस्य, सरपंच), शिक्षकों, विद्यालय शिक्षा समिति के सदस्यों, आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के निकट संबंधियों का चयन नहीं हो सकता।
  • वंचित वर्गों को प्राथमिकता: चयन में महिला (विशेषकर विधवा), अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा, अति पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक समुदाय को प्राथमिकता दी जाएगी।

2. मानदेय भुगतान और कार्यमुक्ति

  • मासिक मानदेय: रसोइया-सह-सहायक को ₹3,300 प्रति माह का भुगतान किया जाता है। यह राशि साल में 10 महीनों के लिए सीधे बैंक खाते में PFMS पोर्टल के माध्यम से भेजी जाती है।
  • कार्यमुक्ति व सेवानिवृत्ति: 60 वर्ष की आयु पूरी होने पर रसोइया स्वतः सेवानिवृत्त माने जाएंगे। कार्य में लापरवाही या अनियमितता पाए जाने पर जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (MDM) के अनुमोदन के बाद ही हटाया जा सकता है।

3. भोजन की सुरक्षा, जांच और साप्ताहिक मेनू

  • अनिवार्य चखना (Testing): बच्चों को भोजन परोसने से 10 मिनट पहले एक शिक्षक, एक रसोइया और विद्यालय शिक्षा समिति के सदस्य द्वारा भोजन की गुणवत्ता की जांच व चखना अनिवार्य है।
  • साप्ताहिक मेनू व्यवस्था: सोमवार व गुरुवार को हरी सब्जी युक्त मिश्रित दाल-चावल, मंगलवार को सोयाबीन-आलू सब्जी, बुधवार व शुक्रवार को चना का छोला (शुक्रवार को अंडा अथवा फल) और शनिवार को सब्जी वाली खिचड़ी-चोखा परोसने का नियम है।

4. आश्रितों को 4 लाख का अनुग्रह अनुदान

  • यदि सेवाकाल के दौरान किसी रसोइया की आकस्मिक मृत्यु हो जाती है, तो उनके वैध आश्रित को ₹4,00,000 (चार लाख रुपये) की एकमुश्त अनुग्रह सहायता राशि दी जाती है। इसके लिए विद्यालय प्रधान को निर्धारित समय-सीमा के भीतर कागजी प्रक्रिया पूरी करनी होती है।

निष्कर्ष

शिक्षा विभाग की यह मार्गदर्शिका स्कूलों में मध्याह्न भोजन की स्वच्छता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के साथ ही रसोइया कर्मियों के अधिकारों, चयन प्रक्रिया और दायित्वों को पूरी तरह पारदर्शी बनाती है। सभी विद्यालयों और शिक्षा समितियों के लिए इन दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन करना आवश्यक है।

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