बिहार में राष्ट्रगीत, राष्ट्रगान और राज्य गीत गायन नियम PDF (Bihar me Rashtrageet, Rashtragan aur Rajya Geet Gayan Niyam PDF)
auto_awesome एक नज़र में (Major Highlights)
बिहार सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा सभी सरकारी कार्यक्रमों और शैक्षणिक संस्थानों में राष्ट्रीय गीत, राष्ट्रगान और राज्य गीत गाने के नए नियम लागू किए गए हैं।
बिहार में राष्ट्रगीत, राष्ट्रगान और राज्य गीत गायन नियम 2026
हाल ही में जारी बिहार में राष्ट्रगीत, राष्ट्रगान और राज्य गीत गायन नियम 2026 के तहत राज्य के सभी स्कूलों, कॉलेजों और सरकारी आयोजनों के लिए एक नया और अनिवार्य रूटीन तय किया गया है। इस व्यवस्था को लागू करने का मुख्य उद्देश्य नागरिकों और छात्रों के भीतर राष्ट्रीयता की भावना, अस्मिता और देश के साथ-साथ राज्य के गौरव को और अधिक बढ़ावा देना है। अगर आप बिहार के किसी भी शैक्षणिक संस्थान में शिक्षक हैं या सरकारी कर्मचारी हैं, तो प्रतिदिन के कामकाज में यह नई गायन व्यवस्था आपके लिए जानना बेहद महत्वपूर्ण है।
यह पत्र किसने जारी किया?
यह महत्वपूर्ण प्रशासनिक आदेश बिहार सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से तैयार और जारी किया गया है। इस पत्र पर सरकार के सचिव मो० सोहैल जी के हस्ताक्षर हैं। इसे पत्रांक- 3/एम0-35/2026 सा०प्र०….7299/ के तहत दिनांक 26 अप्रैल 2026 को आधिकारिक तौर पर प्रकाशित किया गया है।
यह किसे संबोधित है?
यह दिशा-निर्देश राज्य प्रशासनिक ढांचे के लगभग सभी शीर्ष और जिम्मेदार अधिकारियों को भेजा गया है। प्राप्तकर्ताओं की सूची में राज्य के सभी अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव, सचिव, विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, पुलिस महानिदेशक, प्रमण्डलीय आयुक्त और सभी जिला पदाधिकारी (डीएम) शामिल हैं। इन सभी अधिकारियों को यह जिम्मेदारी दी गई है कि वे अपने अधीनस्थ कार्यालयों में इसे सख्ती से लागू करवाएं।
मुख्य निर्देश एवं नियम क्या हैं?
भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा पूर्व में दिए गए विस्तृत मार्गदर्शन (11 मार्च 2016 और 12 फरवरी 2026 के परिपत्र) को आधार बनाते हुए, इस आदेश के जरिए गायन का एक निश्चित क्रम लागू किया गया है:
सरकारी आयोजनों के लिए निर्धारित क्रम
- राज्य में होने वाले किसी भी सरकारी कार्यक्रम की शुरुआत हर हाल में ‘राष्ट्रीय गीत’ के गायन से ही की जाएगी।
- राष्ट्रीय गीत संपन्न होने के तुरंत बाद अनिवार्य रूप से ‘राष्ट्रगान’ का गायन किया जाएगा।
- इन दोनों राष्ट्रीय प्रस्तुतियों के बाद ही कार्यक्रम का मुख्य एजेंडा या तय संचालन शुरू किया जा सकेगा।
- जब सरकारी कार्यक्रम अपनी समाप्ति पर पहुंचेगा, तो अंत में ‘बिहार राज्य गीत’ गाकर ही कार्यक्रम का औपचारिक समापन किया जाएगा।
शैक्षणिक संस्थानों (स्कूलों) के लिए निर्धारित क्रम
- बिहार के सभी स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों में भी दिन की शुरुआत अनिवार्य रूप से ‘राष्ट्रीय गीत’ से होगी।
- राष्ट्रीय गीत के गायन के तुरंत बाद बच्चों और मौजूद शिक्षकों को ‘राष्ट्रगान’ गाना होगा।
- गायन की यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्कूल की रोजमर्रा की गतिविधियां, चेतना सत्र की बाकी कार्यवाही या कक्षाएं चालू की जाएंगी।
निष्कर्ष
संक्षेप में समझें तो, अब बिहार के हर स्कूल और सरकारी कार्यक्रम में राष्ट्रीय गीत और राष्ट्रगान गाना दैनिक रूटीन का सबसे पहला और अनिवार्य हिस्सा बन गया है। इसके साथ ही, सरकारी बैठकों या आयोजनों का समापन बिहार राज्य गीत से करके राज्य की सांस्कृतिक अस्मिता और गौरवशाली पहचान को एक नई मजबूती दी गई है।