BIHAR CHETNA SATRA CLASS 1-8-12.08.2026

calendar_today Updated August 12, 2026

चेतना सत्र 12 अगस्त 2026: डॉ० विक्रम साराभाई जयंती व विश्व हाथी दिवस

बिहार के सभी प्रारंभिक विद्यालयों में प्रातःकालीन सभा को ज्ञानवर्धक और सुव्यवस्थित बनाने के लिए शिक्षा विभाग द्वारा दैनिक सामग्री जारी की जाती है। आज 12 अगस्त 2026 के चेतना सत्र में विज्ञान, इतिहास और पर्यावरण से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियाँ शामिल की गई हैं। आइए, आज के सत्र की विस्तृत जानकारी प्राप्त करें ताकि शिक्षक इसे बच्चों के समक्ष प्रभावी ढंग से प्रस्तुत कर सकें।

दैनिक प्रार्थना एवं संकल्प

विद्यालय के चेतना सत्र की शुरुआत हमेशा की तरह राष्ट्र गीत ‘वन्दे मातरम्’ और राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ से होगी। इसके पश्चात बच्चों द्वारा सर्व धर्म प्रार्थना (‘तू ही राम है’ या ‘इतनी शक्ति’) का गायन किया जाएगा, जो विद्यार्थियों में नैतिकता और समानता का भाव जगाता है।

आज का दिन: ऐतिहासिक महत्व

12 अगस्त का दिन भारतीय अंतरिक्ष विज्ञान, वैश्विक युवा शक्ति और पर्यावरण संरक्षण के दृष्टिकोण से बेहद खास है।

  • 1919 – डॉ० विक्रम साराभाई का जन्म: भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम के जनक माने जाने वाले महान वैज्ञानिक डॉ० विक्रम साराभाई का जन्म 12 अगस्त 1919 को गुजरात राज्य में हुआ था। उन्होंने ही भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) की नींव रखी थी, जिसके कारण आज भारत अंतरिक्ष के क्षेत्र में दुनिया के अग्रणी देशों में शामिल है।
  • 1999 – अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस की घोषणा: संयुक्त राष्ट्र संघ (UN) ने वर्ष 1999 में हर साल 12 अगस्त को ‘अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस’ के रूप में मनाने की आधिकारिक घोषणा की थी। इस दिन को मनाने का मुख्य उद्देश्य दुनिया भर के युवाओं की समस्याओं को समझना और राष्ट्र निर्माण में उनकी सक्रिय भागीदारी को सुनिश्चित करना है।
  • विश्व हाथी दिवस: हर साल 12 अगस्त को पूरी दुनिया में ‘विश्व हाथी दिवस’ मनाया जाता है। हाथी हमारी धरती पर मौजूद सबसे विशालकाय प्राणी है। आपको जानकर गर्व होगा कि एशियाई हाथियों की कुल वैश्विक आबादी का 60 प्रतिशत से अधिक हिस्सा अकेले भारत में पाया जाता है। यह दिन हमें इन शानदार जीवों के संरक्षण और उनके प्राकृतिक आवास को बचाने के प्रति जागरूक करता है।

आज का विचार

बच्चों के चरित्र निर्माण के लिए आज के विचार बेहद प्रेरक हैं:

  • “ईमानदारी से लाया गया कम अंक, नकल से लाये गए ज्यादा अंक से बेहतर है।” — यह विचार बच्चों को सिखाता है कि सफलता से ज्यादा महत्व चरित्र और ईमानदारी का होता है, क्योंकि गलत तरीके से पाई गई सफलता कभी स्थायी नहीं होती।
  • “सफलता का कोई शार्टकट नहीं होता, इसकी सीढ़ी मेहनत से ही बनती है।” — इसका अर्थ है कि जीवन में किसी भी बड़े लक्ष्य को हासिल करने के लिए निरंतर परिश्रम की आवश्यकता होती है, कामचोरी से कोई भी व्यक्ति महान नहीं बन सकता।

सामान्य ज्ञान

सामान्य ज्ञान के अंतर्गत आज विज्ञान और अर्थशास्त्र से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्न दिए गए हैं:

  • प्रश्न 1: सौरमंडल में ग्रहों की संख्या कितनी है?
    • उत्तर: 8।
    • व्याख्या: वर्ष 2006 में प्लूटो को ‘बौने ग्रह’ की श्रेणी में डाल दिया गया था, जिसके बाद से हमारे सौरमंडल में मुख्य रूप से 8 ग्रह ही माने जाते हैं।
  • प्रश्न 2: सौरमंडल में सबसे दूरस्थ ग्रह कौन-सा है?
    • उत्तर: नेप्च्यून।
    • व्याख्या: सूर्य से सबसे अधिक दूरी पर स्थित होने के कारण यह एक अत्यंत ठंडा ग्रह है और इसका रंग गहरा नीला दिखाई देता है।
  • प्रश्न 3: मानव शरीर का सबसे बड़ा अंग कौन सा है?
    • उत्तर: त्वचा।
    • व्याख्या: त्वचा हमारे पूरे शरीर को ढककर रखती है और बाहरी संक्रमण या चोट से हमारे सभी आंतरिक अंगों की पूर्ण सुरक्षा करती है।
  • प्रश्न 4: भारतीय रिजर्व बैंक का मुख्यालय कहाँ है?
    • उत्तर: मुंबई।
    • व्याख्या: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) भारत का केंद्रीय बैंक है, जो देश की पूरी बैंकिंग व्यवस्था और मुद्रा (रुपये) का संचालन व नियंत्रण करता है।

तर्क ज्ञान

गणितीय तर्कशक्ति को बढ़ाने के लिए निम्नलिखित श्रृंखलाओं को हल करें:

  • प्रश्न 1: 15, 23, 33, 45, 59 — ?
    • उत्तर: 75।
    • पैटर्न: इस श्रृंखला में लगातार बढ़ती हुई सम संख्याएँ जुड़ रही हैं (+8, +10, +12, +14, +16)। अतः 59 + 16 = 75 होगा।
  • प्रश्न 2: 12, 18, 27, 39, 54 — ?
    • उत्तर: 72।
    • पैटर्न: इस श्रृंखला में 3 के गुणज जुड़ रहे हैं (+6, +9, +12, +15, +18)। अतः 54 + 18 = 72 होगा।
  • प्रश्न 3: 65, 72, 63, 70, 61, 68 — ?
    • उत्तर: 59।
    • पैटर्न: यहाँ दो पैटर्न एक साथ चल रहे हैं। पहला पद +7 हो रहा है और अगला पद -9 हो रहा है। अतः अंतिम पद 68 में से 9 घटाने पर 59 प्राप्त होगा।
  • प्रश्न 4: 150, 138, 153, 141, 144 — ?
    • उत्तर: 159।
    • पैटर्न: CHECK: PDF में दी गई श्रृंखला (150, 138, 153, 141, 144) में एक पद छूट गया प्रतीत होता है। यह एक दोहरी श्रृंखला है: (150, 153, 156, 159) जहाँ +3 हो रहा है, और (138, 141, 144) जहाँ भी +3 हो रहा है। इसके अनुसार अगला पद 159 होगा।
  • प्रश्न 5: 180, 168, 153, 135, 114 — ?
    • उत्तर: 90।
    • पैटर्न: इस श्रृंखला में लगातार घटते क्रम में संख्याएँ (-12, -15, -18, -21, -24) घटाई जा रही हैं। अतः 114 – 24 = 90 होगा।

भाषा ज्ञान

हिन्दी और अंग्रेजी भाषा के शब्दकोश और मुहावरों का ज्ञान विद्यार्थियों के भाषाई विकास के लिए आवश्यक है:

  • A piece of Cake: इसका अर्थ है ‘बहुत आसान काम’।
    • वाक्य प्रयोग: नियमित रूप से अभ्यास करने वाले छात्रों के लिए गणित की परीक्षा पास करना ‘A piece of Cake’ है।
  • zip your lip: इसका अर्थ है ‘चुप रहना’।
    • वाक्य प्रयोग: जब कक्षा में शिक्षक पढ़ा रहे हों, तो सभी विद्यार्थियों को ‘zip your lip’ की नीति अपनानी चाहिए।
  • गाल बजाना: इसका अर्थ है ‘डींग मारना’ या ‘बढ़ा-चढ़ाकर बातें करना’।
    • वाक्य प्रयोग: सोहन हमेशा अपनी बहादुरी को लेकर गाल बजाता रहता है, जबकि वास्तविकता में वह बहुत डरपोक है।
  • हाथ बटाना: इसका अर्थ है ‘मदद करना’।
    • वाक्य प्रयोग: हमें घर के छोटे-छोटे कार्यों में हमेशा अपने माता-पिता का हाथ बटाना चाहिए।
  • घुटने टेकना: इसका अर्थ है ‘हार मान लेना’।
    • वाक्य प्रयोग: भारतीय सेना के अदम्य साहस और पराक्रम के सामने दुश्मनों ने घुटने टेक दिए।

प्रेरक प्रसंग: डॉ. विक्रम साराभाई और श्रम का सम्मान

एक बार की बात है, महान वैज्ञानिक डॉ. विक्रम साराभाई अहमदाबाद स्थित अपने फिजिकल रिसर्च लैब के कार्यालय में देर रात तक कार्य कर रहे थे। रात के लगभग 11 बज चुके थे और पूरा संस्थान अत्यंत शांत था। उसी समय एक सफाई कर्मचारी पूरे संस्थान में साफ-सफाई करता हुआ उनके कमरे तक पहुँचा। उसे यह देखकर बहुत अधिक आश्चर्य हुआ कि देश का इतना बड़ा वैज्ञानिक इतनी रात को भी अपने कार्यों में पूरी तरह तल्लीन और व्यस्त है।

सफाई कर्मचारी ने संकोच करते हुए उनसे पूछा, “साहब, क्या आप कुछ समय के लिए कमरे से बाहर आ सकते हैं ताकि मैं यहाँ की सफाई कर सकूँ?”।

कर्मचारी की यह बात सुनकर डॉ० साराभाई नाराज होने के बजाय मुस्कुराए। वे तुरंत अपनी कुर्सी से उठे और विनम्रता से बोले, “बिल्कुल जा सकता हूँ। यह तुम्हारा काम है और यह मेरा कर्तव्य है कि मैं तुम्हारे काम में तुम्हारी मदद करूँ।”

डॉ० साराभाई के इस व्यवहार से सफाई कर्मचारी बहुत भावुक हो गया और बोला, “साहब, आज तक किसी ने मेरे काम को इतना सम्मान नहीं दिया।”

इस पर डॉ० साराभाई ने एक अत्यंत गहरी और सार्थक बात कही, “हर कार्य अपने आप में महत्वपूर्ण होता है, चाहे वह वैज्ञानिक शोध हो या फिर साफ-सफाई। जब तक हम सभी एक-दूसरे के कार्य का सम्मान नहीं करेंगे, तब तक हमारा देश कैसे आगे बढ़ेगा?”।

बच्चों के लिए सीख: इस प्रसंग से हमें यह महत्वपूर्ण सीख मिलती है कि कोई भी काम छोटा या बड़ा नहीं होता। हमें हर व्यक्ति के श्रम और उसके पेशे का हृदय से सम्मान करना चाहिए, तभी एक विकसित समाज और मजबूत राष्ट्र का निर्माण संभव है।

संविधान की प्रस्तावना व राज्य प्रार्थना

सभा के अंत में बच्चों द्वारा प्रतिदिन की तरह ‘संविधान की प्रस्तावना’ (हम भारत के लोग…) का वाचन किया जाएगा। इसके उपरांत ‘बिहार राज्य प्रार्थना’ (मेरी रफ़्तार पे सूरज…) के सुमधुर गायन के साथ चेतना सत्र का शांतिपूर्ण समापन होगा।

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