BIHAR CHETNA SATRA CLASS 1-8-08.08.2026
चेतना सत्र 8 अगस्त 2026: भारत छोड़ो आंदोलन और मीराबाई चानू
बिहार के सभी प्रारंभिक विद्यालयों (कक्षा 1 से 8) के लिए राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT) द्वारा जारी की गई दैनिक संसाधन सामग्री में आपका स्वागत है। 8 अगस्त 2026 का चेतना सत्र विशेष रूप से भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के एक निर्णायक मोड़ और खेल जगत में देश का मान बढ़ाने वाली एक असाधारण प्रतिभा के संघर्ष को समर्पित है। शिक्षकों की सुविधा के लिए इस सम्पूर्ण सामग्री को विस्तार से नीचे प्रस्तुत किया गया है, ताकि विद्यालय की प्रार्थना सभा को और अधिक ज्ञानवर्धक बनाया जा सके।
प्रार्थना
विद्यालय के चेतना सत्र की नियमित और अनुशासित शुरुआत हमेशा की तरह राष्ट्र गीत “वन्दे मातरम्” के सामूहिक गायन से की जानी चाहिए। इसके पश्चात सभी छात्र एवं शिक्षक पूरे सम्मान के साथ राष्ट्रगान “जन गण मन” प्रस्तुत करेंगे। अंत में सर्व धर्म प्रार्थना के अंतर्गत “तू ही राम है” अथवा “इतनी शक्ति हमें देना दाता” का सस्वर पाठ कराया जाए, जो बच्चों में आध्यात्मिक शांति और नैतिक मूल्यों का विकास करता है।
आज का दिन (ऐतिहासिक घटनाएँ)
आज की तारीख़ भारतीय इतिहास के पन्नों में राजनीतिक आज़ादी और खेल में भारत के उभरते वर्चस्व, दोनों की एक मजबूत कड़ी के रूप में दर्ज़ है:
- 1942 – भारत छोड़ो आंदोलन की शुरुआत: 8 अगस्त 1942 को ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ भारत का सबसे बड़ा और अंतिम निर्णायक जनआंदोलन शुरू हुआ था, जिसे ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ (Quit India Movement) के नाम से जाना जाता है। बंबई (वर्तमान मुंबई) के ग्वालिया टैंक मैदान में आयोजित कांग्रेस की ऐतिहासिक बैठक में इस आंदोलन का प्रस्ताव पारित किया गया था। राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी ने इसी दिन देशवासियों का नेतृत्व करते हुए उन्हें “करो या मरो” (Do or Die) का वह अमर नारा दिया था, जिसने पूरे देश को आज़ादी के लिए अपना सब कुछ दांव पर लगा देने के लिए प्रेरित किया।
- 1994 – मीराबाई चानू का जन्म: 8 अगस्त 1994 को भारत के पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर में देश की दिग्गज महिला भारोत्तोलक (वेटलिफ्टर) मीराबाई चानू का जन्म हुआ था। अपनी अथक मेहनत और अनुशासन से उन्होंने पूरे विश्व में भारत का परचम लहराया है। वर्ष 2020 में आयोजित हुए टोक्यो ओलंपिक (जो कोरोना के कारण 2021 में संपन्न हुआ) में महिलाओं के 49 किलोग्राम वर्ग में उन्होंने ऐतिहासिक रजत पदक जीता था, और ऐसा करने वाली वह भारत की पहली महिला भारोत्तोलक बनीं। इसके अलावा, हाल ही में उन्होंने 2026 के ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों (Commonwealth Games) के 48 किलोग्राम भार वर्ग में भी स्वर्ण पदक अपने नाम किया, जो उनका लगातार तीसरा राष्ट्रमंडल स्वर्ण पदक है—यह भारतीय खेल इतिहास की एक बेमिसाल उपलब्धि है।
आज का विचार
कक्षा 1 से 5 के लिए
“ज्ञान के साथ-साथ करुणा और दया का होना भी उतना ही आवश्यक है।” केवल किताबी बातें सीख लेना या बहुत चतुर हो जाना ही पर्याप्त नहीं है। यदि किसी ज्ञानी व्यक्ति के मन में दूसरों की मदद करने का भाव, दया और करुणा नहीं है, तो उसका वह ज्ञान समाज के किसी काम का नहीं रह जाता। एक अच्छा इंसान वही है जो अपने ज्ञान का इस्तेमाल दूसरों का दुःख दूर करने के लिए करे।
कक्षा 6 से 8 के लिए
“मीठी वाणी बोलने से बड़े से बड़ा विवाद भी सुलझ जाता है।” कड़वे शब्द हमेशा दूरियां बढ़ाते हैं और क्रोध को जन्म देते हैं। इसके विपरीत, विनम्रता और मीठी भाषा में इतनी ताकत होती है कि वह कठिन से कठिन परिस्थितियों को भी शांत कर सकती है। आपसी बातचीत में संयम और सम्मानजनक शब्दों का प्रयोग समाज में शांति और मित्रता स्थापित करने का सबसे अचूक साधन है।
सामान्य ज्ञान
कक्षा 1 से 5 के लिए
- प्रश्न 1: कौन सा जानवर अपने बच्चे को पेट के पास बनी थैली में रखता है?
- उत्तर: कंगारू। व्याख्या: कंगारू मुख्य रूप से ऑस्ट्रेलिया में पाया जाने वाला एक स्तनधारी जीव (Marsupial) है। जन्म के समय इसका बच्चा बहुत ही छोटा और अविकसित होता है, इसलिए यह उसे अपने पेट की इस विशेष थैली में सुरक्षित रखकर बड़ा करता है।
- प्रश्न 2: कौन सी गैस जलने में मदद करती है?
- उत्तर: ऑक्सीजन। व्याख्या: आग को जलते रहने के लिए हमेशा ऑक्सीजन गैस की आवश्यकता होती है। यही कारण है कि जब हम किसी जलती हुई छोटी आग पर कोई मोटा कपड़ा या रेत डालते हैं, तो ऑक्सीजन की सप्लाई रुक जाती है और आग तुरंत बुझ जाती है।
कक्षा 6 से 8 के लिए
- प्रश्न 1: दाँतों का बाहरी कठोर आवरण क्या कहलाता है?
- उत्तर: इनैमल (Enamel)। व्याख्या: इनैमल मानव शरीर का सबसे कठोर पदार्थ है। यह दाँतों की सबसे ऊपरी परत बनाता है, जो हमारे दाँतों को चबाने की रगड़, ठंडे-गर्म भोजन की सनसनाहट और खतरनाक बैक्टीरिया से सुरक्षित रखने का काम करता है।
- प्रश्न 2: ‘दुनिया की छत’ किसे कहते हैं?
- उत्तर: तिब्बत का पठार। व्याख्या: मध्य एशिया में स्थित यह पठार पृथ्वी का सबसे ऊँचा और सबसे विस्तृत पठारी क्षेत्र है। इसकी अत्यधिक ऊंचाई और इसके विशाल आकार के कारण ही इसे पूरी दुनिया की छत (Roof of the World) की संज्ञा दी गई है।
- प्रश्न 3: भारत में कागजी नोट छापने का अधिकार किस बैंक के पास है?
- उत्तर: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI)। व्याख्या: भारतीय रिजर्व बैंक देश का केंद्रीय बैंक है, जो देश की पूरी अर्थव्यवस्था और मौद्रिक नीति को नियंत्रित करता है। एक रुपये के नोट को छोड़कर बाकी सभी कागजी मुद्राएं (करेंसी नोट) केवल RBI द्वारा ही जारी की जाती हैं।
तर्क ज्ञान (Reasoning)
कक्षा 1 से 5 के लिए
- 1. 2, 5, 11, 20, 32, ?
- उत्तर: 47। पैटर्न: यहाँ हर अगली संख्या के बीच का अंतर 3 के गुणज में बढ़ रहा है। (5-2=3), फिर (11-5=6), फिर (20-11=9), और (32-20=12)। इसी क्रम में अगला अंतर 15 होगा, इसलिए 32 + 15 = 47.
- 2. 3, 8, 18, 33, 53, ?
- उत्तर: 78। पैटर्न: इस श्रृंखला में संख्याओं के बीच का अंतर क्रमशः 5, 10, 15, और 20 है। अगला अंतर 25 होना चाहिए। अतः 53 + 25 = 78.
कक्षा 6 से 8 के लिए
- 1. 4, 13, 24, 37, 52, ?
- उत्तर: 69। पैटर्न: संख्याओं के बीच का अंतर लगातार विषम (odd) संख्याओं में आगे बढ़ रहा है: +9, +11, +13, और +15। अगला अंतर +17 होगा। इसलिए 52 + 17 = 69.
- 2. 160, 149, 136, 121, 104, ?
- उत्तर: 85। पैटर्न: यहाँ संख्याएं घट रही हैं और घटाने का क्रम भी विषम संख्याएं हैं: -11, -13, -15, और -17। अगली बार -19 घटेगा। अतः 104 – 19 = 85.
- 3. 22, 25, 31, 40, 52, ?
- उत्तर: 67। पैटर्न: यहाँ अंतर 3 के पहाड़े की तरह बढ़ रहा है: +3, +6, +9, और +12। इसका अर्थ है कि अगला अंतर +15 होगा। अतः 52 + 15 = 67.
भाषा ज्ञान
कक्षा 1 से 5 के लिए
अंग्रेजी शब्द (Synonyms):
- Smart = Clever – चतुर। वाक्य: The smart fox easily tricked the other animals in the jungle. (चतुर लोमड़ी ने जंगल के अन्य जानवरों को आसानी से चकमा दे दिया।)
- Neat = Clean – साफ-सुथरा। वाक्य: Her classroom always looks very neat and tidy. (उसकी कक्षा हमेशा बहुत साफ-सुथरी और व्यवस्थित दिखती है।)
हिंदी (विलोम शब्द):
- धनी – निर्धन। वाक्य: कानून की नज़र में धनी और निर्धन दोनों बिल्कुल एक समान होते हैं।
- जीवन – मरण। वाक्य: गीता के अनुसार, आत्मा के लिए जीवन और मरण केवल वस्त्र बदलने के समान है।
कक्षा 6 से 8 के लिए
अंग्रेजी शब्द (Synonyms):
- Eager = Keen – उत्सुक / उत्सुकतापूर्ण। वाक्य: The students were eager to see the results of their science project. (छात्र अपने विज्ञान प्रोजेक्ट के परिणाम देखने के लिए बहुत उत्सुक थे।)
- Famous = Renowned – प्रसिद्ध / मशहूर। वाक्य: Dr. A.P.J. Abdul Kalam was a famous scientist and a great human being. (डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम एक मशहूर वैज्ञानिक और महान इंसान थे।)
- Generous = Charitable – उदार / दयालु। वाक्य: The generous businessman donated a large sum to the local hospital. (उस दयालु व्यापारी ने स्थानीय अस्पताल को एक बड़ी रकम दान में दी।)
हिंदी (विलोम शब्द):
- आविर्भाव – तिरोभाव। वाक्य: वसंत ऋतु के आविर्भाव के साथ ही कड़ाके की ठंड का तिरोभाव हो जाता है।
- उत्थान – पतन। वाक्य: संसार का यह नियम है कि जिस भी चीज़ का उत्थान होता है, एक न एक दिन उसका पतन भी अवश्य होता है।
- उदार – अनुदार / कृपण। वाक्य: हमें संकट के समय में लोगों के प्रति उदार रवैया अपनाना चाहिए, कृपण नहीं।
- उपस्थित – अनुपस्थित। वाक्य: भारी बारिश के कारण आज प्रार्थना सभा में आधे से अधिक बच्चे अनुपस्थित रहे, जबकि कल सभी उपस्थित थे।
प्रेरक प्रसंग: संघर्ष से शिखर तक का सफर
मणिपुर के एक अत्यंत छोटे और पिछड़े हुए गाँव नोंगपोक काकचिंग में जन्मीं मीराबाई चानू का बचपन घोर गरीबी और आर्थिक तंगी के बीच बीता। जब वह महज़ 12 वर्ष की थीं, तभी से उन्हें घर का चूल्हा जलाने के लिए अपने बड़े भाई के साथ पास के जंगल में जाना पड़ता था। वहाँ से वे भारी-भारी लकड़ियों के गट्ठर उठाकर लाती थीं। हैरानी की बात यह थी कि जहाँ उनके बड़े भाई को ज़्यादा वजन उठाने में परेशानी होती थी, वहीं नन्ही मीराबाई उन भारी गट्ठरों को आसानी से उठाकर मीलों चल देती थीं। इसी असीमित शारीरिक ताकत और स्टैमिना ने उन्हें भारोत्तोलन (Weightlifting) में अपना भविष्य तलाशने के लिए प्रेरित किया।
उनके लिए एक पेशेवर एथलीट बनने की राह आसान नहीं थी। उनका ट्रेनिंग सेंटर, जो इंफाल के खुमान लंपक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में स्थित था, उनके गाँव से लगभग 25 किलोमीटर दूर था। परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी खराब थी कि उनके पास बस का रोज़ाना किराया देने तक के पैसे नहीं होते थे। ऐसे संघर्षपूर्ण समय में उस रास्ते पर रेत ढोने वाले ट्रक ड्राइवरों ने एक मसीहा की तरह उनकी मदद की। वे तड़के सुबह मीराबाई को अपने ट्रकों में मुफ्त में लिफ्ट दे देते थे, ताकि वह बिना देरी किए अपने अभ्यास के लिए पहुँच सकें। मीराबाई ने सालों तक बिना कोई छुट्टी लिए उन्हीं बालू वाले ट्रकों में सफर किया और कड़ा अभ्यास जारी रखा।
उनकी यह अटूट मेहनत रंग लाई। साल 2021 में जब उन्होंने टोक्यो ओलंपिक में 49 किलोग्राम वर्ग में ऐतिहासिक रजत पदक जीता, तो सफलता के इस शिखर पर पहुँचने के बाद भी उन्होंने अपने बुरे दिनों के उन साथियों को नहीं भुलाया। भारत लौटकर उन्होंने सबसे पहला काम यह किया कि उन 150 से अधिक ट्रक ड्राइवरों को खोज निकाला। उन्होंने उन सभी ड्राइवरों को ससम्मान अपने घर आमंत्रित किया, उनके पैर छूकर आशीर्वाद लिया, उन्हें अपने हाथों से खाना खिलाया और कपड़े व शानदार उपहार देकर उनके उस पुराने कर्ज को सम्मान के साथ चुकाया। अपनी इसी लय को बरकरार रखते हुए उन्होंने 2026 के ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में 48 किलोग्राम भार वर्ग में भी अपना लगातार तीसरा स्वर्ण पदक जीता।
बच्चों के लिए संदेश: मीराबाई चानू की यह कहानी हमें सिखाती है कि अगर इरादे मजबूत हों, तो गरीबी और संसाधनों की कमी आपकी सफलता का रास्ता नहीं रोक सकती। इसके अलावा, असली महानता इस बात में है कि आप चाहे कितनी भी ऊँचाइयों पर पहुँच जाएँ, उन लोगों को कभी न भूलें जिन्होंने आपके बुरे वक्त में आपका साथ दिया था।
दैनिक प्रार्थना एवं विद्यालय गतिविधियाँ
चेतना सत्र के अंतिम चरण में, विद्यालय के सभी बच्चों से पूर्ण अनुशासन के साथ संविधान की प्रस्तावना (“हम भारत के लोग…”) का वाचन करवाया जाए। इसके उपरांत, बिहार राज्य प्रार्थना (“मेरी रफ़्तार पे सूरज….”) गाकर सभा का समापन किया जाए, जो बच्चों में अपने राज्य के प्रति सम्मान और प्रगति की भावना जगाता है।