BIHAR CHETNA SATRA CLASS 1-8-01.08.2026
चेतना सत्र 1 अगस्त 2026: असहयोग आंदोलन की शुरुआत और विश्व स्तनपान सप्ताह
बिहार के प्रारंभिक विद्यालयों (कक्षा 1 से 8) में प्रतिदिन आयोजित होने वाला चेतना सत्र छात्रों के सर्वांगीण विकास का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। 1 अगस्त 2026 के चेतना सत्र में भारतीय इतिहास के एक अहम अध्याय, स्वास्थ्य जागरूकता, और महत्वपूर्ण तार्किक तथा भाषाई ज्ञान को शामिल किया गया है। यहाँ शिक्षकों की सुविधा के लिए इस सामग्री का विस्तृत विवरण दिया जा रहा है।
प्रार्थना
विद्यालय के चेतना सत्र की शुरुआत हमेशा की तरह राष्ट्रभक्ति और आध्यात्मिकता के साथ होती है।
- निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सत्र का आरंभ राष्ट्र गीत ‘वन्दे मातरम्’ से और उसके बाद राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ से किया जाना है।
- इसके साथ ही सर्व धर्म प्रार्थना के रूप में ‘तू ही राम है’ या ‘इतनी शक्ति’ का गायन भी शामिल है।
आज का दिन
आज का दिन भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास और वैश्विक स्वास्थ्य, दोनों ही दृष्टियों से विशेष महत्व रखता है।
- 1 अगस्त 1920 – असहयोग आंदोलन की शुरुआत: ब्रिटिश शासन के खिलाफ महात्मा गांधी जी के नेतृत्व में 1 अगस्त 1920 को असहयोग आंदोलन (Non-Cooperation Movement) शुरू हुआ था। इस आंदोलन का मुख्य लक्ष्य शांतिपूर्ण और अहिंसक तरीकों से अंग्रेजी हुकूमत के साथ हर प्रकार का सहयोग बंद करना और पूर्ण ‘स्वराज’ की प्राप्ति करना था। इसके प्रभाव में आकर विद्यार्थियों ने सरकारी स्कूलों व कॉलेजों का बहिष्कार किया, वकीलों ने अदालतों में जाना छोड़ दिया और कई नगरों में श्रमिकों ने ऐतिहासिक हड़तालें कीं। यह घटना इसलिए अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि इसने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम को एक राष्ट्रव्यापी जन-आंदोलन का रूप दिया।
- अगस्त का प्रथम सप्ताह – विश्व स्तनपान सप्ताह: नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य और माँ के दूध के महत्व के प्रति जन जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से पूरी दुनिया में अगस्त महीने के पहले सप्ताह को ‘विश्व स्तनपान सप्ताह’ के रूप में मनाया जाता है। इस दौरान लोगों को यह जानकारी दी जाती है कि नवजात बच्चों के लिए माँ का दूध किसी अमृत से कम नहीं है। यह दूध बच्चों को कुपोषण और अतिसार जैसी गंभीर और जानलेवा बीमारियों से सुरक्षित रखता है। यह सप्ताह समाज को यह याद दिलाने के लिए आवश्यक है कि शिशु के संपूर्ण विकास की सबसे पहली सीढ़ी उचित प्राकृतिक पोषण ही है।
आज का विचार
कक्षा 1-5
- “जो छात्र नियमित रूप से थोड़ा-थोड़ा पढ़ते हैं, उन्हें सफल होने से कोई रोक नहीं सकता।”
- यह विचार बच्चों को निरंतरता (Consistency) का महत्व सिखाता है। परीक्षा के समय एक साथ बहुत सारा पढ़ने से केवल तनाव बढ़ता है, लेकिन अगर हम हर दिन नियम से थोड़ी-थोड़ी पढ़ाई करें, तो हम किसी भी कठिन विषय को आसानी से समझ सकते हैं।
कक्षा 6-8
- “अच्छी लिखावट और साफ-सुथरा काम आपके विचारों की स्पष्टता को दर्शाते हैं।”
- जब हम अपनी कॉपी में साफ और सुंदर अक्षरों में लिखते हैं, तो यह केवल पन्नों को ही नहीं सजाता, बल्कि यह बताता है कि हमारा दिमाग भी सुलझा हुआ है और हम अपने काम के प्रति कितने अनुशासित हैं।
सामान्य ज्ञान
कक्षा 1-5
- प्रश्न: जीभ का मुख्य काम क्या होता है? उत्तर: स्वाद बताना।
- व्याख्या: हमारी जीभ पर हजारों छोटी-छोटी स्वाद कलिकाएँ (Taste buds) होती हैं, जिनकी मदद से ही हमें मीठे, खट्टे, कड़वे या नमकीन भोजन का पता चलता है।
- प्रश्न: माउंट एवरेस्ट पर चढ़ने वाली पहली भारतीय महिला कौन हैं? उत्तर: बछेंद्री पाल।
- व्याख्या: बछेंद्री पाल ने 1984 में दुनिया की इस सबसे ऊँची चोटी पर तिरंगा फहराया था, जो हर भारतीय के लिए एक गर्व का क्षण था।
कक्षा 6-8
- प्रश्न: सीएनजी (CNG) का पूरा नाम क्या है? उत्तर: कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (Compressed Natural Gas)।
- व्याख्या: यह गैस पेट्रोल और डीजल की तुलना में बहुत कम प्रदूषण फैलाती है, इसीलिए पर्यावरण को स्वच्छ रखने के लिए आजकल बड़े शहरों में सार्वजनिक वाहन इसी गैस से चलाए जाते हैं।
- प्रश्न: बीजों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुँचने की प्रक्रिया को क्या कहते हैं? उत्तर: बीजों का प्रकीर्णन।
- व्याख्या: हवा, पानी, या जानवरों के माध्यम से जब बीज दूर-दूर तक फैलते हैं, तो इस प्रक्रिया को प्रकीर्णन कहते हैं, जिससे प्रकृति में नए पौधे उग पाते हैं।
- प्रश्न: कौन सा शिकारी पौधा मक्खियों, चूहों और छोटे कीड़ों का शिकार करके खाता है? उत्तर: नेपेंथेस (घटपर्णी)।
- व्याख्या: यह एक विशेष प्रकार का मांसाहारी पौधा है जो ऐसी मिट्टी में उगता है जहाँ नाइट्रोजन की कमी होती है, और अपनी इसी कमी को पूरा करने के लिए यह छोटे जीवों का शिकार करता है।
तर्क ज्ञान
कक्षा 1-5
- प्रश्न 1: 80, 77, 71, 62, 50, ? उत्तर: 35।
- पैटर्न: इस शृंखला में घटाई जाने वाली संख्या में 3 की वृद्धि हो रही है। पहले 3 घटाया (80-3=77), फिर 6 घटाया (77-6=71), फिर 9 घटाया (71-9=62), और फिर 12 घटाया (62-12=50)। अगली बार 15 घटाना होगा (50-15 = 35)।
- प्रश्न 2: 150, 145, 135, 120, 100, ? उत्तर: 75।
- पैटर्न: यहाँ अंतर 5 के गुणज (Multiples) में बढ़ रहा है। पहले 5 कम हुआ, फिर 10, फिर 15, और फिर 20। अगली बार 25 घटाना होगा (100-25 = 75)।
कक्षा 6-8
- प्रश्न 1: 35, 40, 32, 37, 29, ? उत्तर: 34।
- पैटर्न: यह एक मिश्रित शृंखला है। पहले 5 जोड़ा जा रहा है, फिर 8 घटाया जा रहा है (35+5=40, 40-8=32, 32+5=37, 37-8=29)। अब अगली बार 5 जोड़ना होगा (29+5 = 34)।
- प्रश्न 2: 60, 50, 55, 45, 50, ? उत्तर: 40।
- पैटर्न: इस शृंखला में पहले 10 घटाया जा रहा है और फिर 5 जोड़ा जा रहा है (60-10=50, 50+5=55, 55-10=45, 45+5=50)। अगली बारी 10 घटाने की है (50-10 = 40)।
- प्रश्न 3: 250, 242, 226, 202, 170, ? उत्तर: 130।
- पैटर्न: संख्याओं के बीच घटने वाला अंतर 8 के पहाड़े में बढ़ रहा है। 250 में से 8 घटाया, फिर 16 घटाया, फिर 24 घटाया, और फिर 32 घटाया (202-32=170)। अगली बार 40 घटाना होगा (170-40 = 130)।
भाषा ज्ञान
कक्षा 1-5
- English:
- Tall – Taller – Tallest.
- वाक्य प्रयोग: Ram is tall, but Shyam is taller than him, and Mohan is the tallest boy in the class.
- Big – Bigger – Biggest.
- वाक्य प्रयोग: My bag is big, but your bag is bigger. However, the teacher’s bag is the biggest.
- हिंदी:
- अंधकार – प्रकाश.
- वाक्य प्रयोग: सूरज निकलते ही रात का अंधकार दूर हो जाता है और चारों ओर प्रकाश फैल जाता है।
- आदर – अनादर.
- वाक्य प्रयोग: हमें हमेशा अपने से बड़ों का आदर करना चाहिए, किसी का भी अनादर करना बुरी बात है।
कक्षा 6-8
- English:
- Heavy – Heavier – Heaviest.
- वाक्य प्रयोग: Iron is heavy, but lead is heavier than iron, and gold is one of the heaviest metals.
- Simple – Simpler – Simplest.
- वाक्य प्रयोग: This math problem is simple, but the second one is simpler, and the third one is the simplest of all.
- Difficult – More difficult – Most difficult.
- वाक्य प्रयोग: Playing chess is difficult, but mastering it is more difficult, and playing blindly is the most difficult task.
- हिंदी:
- गुप्त – प्रकट.
- वाक्य प्रयोग: उसने अपनी सारी गुप्त योजनाएं सबके सामने प्रकट कर दीं।
- निरक्षर – साक्षर.
- वाक्य प्रयोग: सरकार के शिक्षा अभियानों के कारण बहुत से निरक्षर लोग अब साक्षर हो गए हैं।
- पक्ष – विपक्ष.
- वाक्य प्रयोग: किसी भी फैसले पर पहुँचने से पहले हमें पक्ष और विपक्ष दोनों की बातें सुननी चाहिए।
- प्रत्यक्ष – परोक्ष.
- वाक्य प्रयोग: कुछ पौधों को धूप की प्रत्यक्ष आवश्यकता होती है, जबकि कुछ परोक्ष रोशनी में भी पनप जाते हैं।
प्रेरक प्रसंग: स्वदेशी का स्वाभिमान
साल 1920 की बात है, जब महात्मा गांधी ने ब्रिटिश सरकार के विरुद्ध असहयोग आंदोलन का आह्वान किया था। उस समय गांधी जी का सबसे प्रमुख संदेश था कि अंग्रेजी सरकार का सहयोग न किया जाए और स्वदेशी वस्तुओं को अपनाया जाए। उस दौर में भारतीय नागरिक बड़े पैमाने पर ब्रिटिश हुकूमत द्वारा बनाए गए कपड़ों, रोज़मर्रा के सामानों और नौकरियों पर निर्भर थे। अंग्रेजों का व्यापार भी मुख्य रूप से भारत से ही चलता था।
आंदोलन के दौरान पूरे देश में ब्रिटिश सामानों के बहिष्कार की लहर दौड़ पड़ी। एक दिन बनारस (वाराणसी) के एक प्रमुख चौराहे पर हज़ारों लोगों की भारी भीड़ जमा थी। वहाँ ‘विदेशी कपड़ों की होली’ जलाई जा रही थी, जिसमें लोग अपने घरों से विदेशी कपड़े, टोपियां और कीमती साड़ियाँ लाकर आग में फेंक रहे थे।
उसी भीड़ में एक गरीब मज़दूर भी खड़ा था, जिसके पास पहनने के लिए केवल एक ही पुराना कुर्ता था, जो उसे किसी अंग्रेज़ मालिक ने मजदूरी के बदले दिया था। जब उसने लोगों को अपने कपड़े जलाते हुए देखा, तो उसके भीतर भी स्वाभिमान और देशभक्ति का तूफान उठ खड़ा हुआ। उसने बिना एक पल सोचे अपना इकलौता पुराना कुर्ता उतारा और उसे भी जलती हुई होली में फेंक दिया।
यह देखकर पास खड़े उसके मित्र ने हैरानी से पूछा कि उसके पास तो बस वही एक कपड़ा था, उसने उसे क्यों जला दिया, अब वह क्या पहनेगा? उस मज़दूर ने गर्व से सिर उठाकर जवाब दिया कि कपड़ा तो फिर से बन जाएगा, लेकिन अगर आज देश की आज़ादी और स्वाभिमान की बलि चढ़ गई, तो वह दोबारा कभी वापस नहीं मिलेगी। अंग्रेजों के कपड़े पहनकर गुलामी सहने से कहीं बेहतर है कि वह खद्दर (खादी) का मोटा कपड़ा पहनकर आज़ाद रहे।
छात्रों के लिए सीख: इस प्रेरक प्रसंग से हमें यह शिक्षा मिलती है कि राष्ट्रप्रेम और स्वाभिमान किसी भी भौतिक वस्तु से कहीं अधिक मूल्यवान होते हैं। देश की आज़ादी हमें मुफ्त में नहीं मिली है, इसके पीछे अनगिनत साधारण लोगों का असाधारण त्याग छिपा है। हमें सदैव अपने देश की वस्तुओं और स्वाभिमान का सम्मान करना चाहिए।
संविधान की प्रस्तावना एवं राज्य प्रार्थना
प्रतिदिन की भांति चेतना सत्र के अंतिम भाग में सभी छात्रों द्वारा सामूहिक रूप से संविधान की प्रस्तावना (‘हम भारत के लोग…’) का वाचन किया जाना है, जिससे उनमें लोकतांत्रिक मूल्यों की समझ विकसित हो। इसके पश्चात बिहार राज्य प्रार्थना (‘मेरी रफ़्तार पे सूरज…’) का गान किया जाएगा, जो राज्य के प्रति उनके प्रेम और कर्तव्य बोध को सुदृढ़ करेगा।